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4 दिन तक चलने वाले छठ पर नहाय खाय की पूजा आज से शुरू

चार दिन तक चलने वाले सूर्य उपासना का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ आज से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए नहरों पर...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 03:35 AM IST
Panipat - pooja to be celebrated for 4 days on sunday
चार दिन तक चलने वाले सूर्य उपासना का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ आज से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए नहरों पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। नहान खाय के साथ ही खरना होगा। इसे पूजा का दूसरा व कठिन चरण माना जाता है। इस दिन व्रती निर्जला उपवास रखेंगे और शाम को पूजा के बाद खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण करेंगे। षष्ठी देवी भगवान भास्कर की मानस बहन हैं। प्रकृति के छठे अंश से षष्ठी माता उत्पन्न हुई हैं। उन्हें बच्चों की रक्षा करने वाले भगवान विष्णु द्वारा रची माया भी माना जाता है। इसीलिए बच्चे के जन्म के छठे दिन छठी पूजी जाती है।

श्री राम राज्य सेवा ट्रस्ट के प्रधान रमेश ने बताया कि एक माइनर बंद होने के कारण काफी मात्रा मे पानी बह रहा है। वहीं एक माईनर पुल निर्माण के कारण पानी बंद है। शुक्रवार को प्रशासन की ओर सिर्फ तीन घंटे ही एक जेसीबी चली, लेकिन शनिवार को एक भी जेसीबी नहीं आई। रविवार को दो जेसीबी भेजने का प्रशासन ने आश्वासन दिया है। रमेश ने बताया कि उन्होंने छठ पर्व के दौरान तीन घंटे सुबह और शाम बड़े वाहन व बसों का रूट डायवर्ट करने के लिए पत्र दिया गया है। पुलिस और बसों के ड्राइवरों ने भी आवश्वासन दिया है कि वो ट्रैफिक व्यवस्था को नहीं बिगड़ने देंगे। वहीं पार्किंग के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी।

जिले में छठ महापर्व की धूम शुरू हो चुकी है। बिहार जाने वाले लोग अपने घरों की और लौटने लगे हैं। दीपावली के छह दिन बाद छठ महापर्व मनाया जाता है। बिहार और उत्तरप्रदेश समेत भारत के कई राज्यों में मनाए जाने वाले इस पर्व का एक विशेष महत्व है। वहीं के लोग यहां अधिक संख्या में हैं। दीपावली बीतने के साथ बिहार जाने वाली ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। बिहार जाने वाली सभी ट्रेनों में प्रतीक्षा की सूची लंबी हो चुकी है। लोग मुसीबत झेल कर बिहार जा रहे हैं। बिहार जाने वाली ट्रेनों के सामान्य कोच में भीड़ का दबाव बढ़ गया है। अगले तीन दिनों के दौरान इन ट्रेनों में भीड़ और बढ़ने वाली है।

ऐसे शुरू होता है खड़ना का व्रत

छठ से दो दिन पहले चतुर्थी पर स्नानादि से निवृत्त होकर भोजन किया जाता है। इस भोजन को बनाने के लिए सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है। नहाय-खाय के बाद अगले दिन शाम में खड़ना का व्रत होता है। वर्ती इस दिन शाम को सूर्य देव के उपासना के बाद खीर का प्रसाद खाती है। जिसके बाद सभी लोगों को के बीच प्रसाद को बांटा जाता है। खड़ना के बाद छठ के दिन व्रति लोग शाम को डूबते सूर्य का उपासना करती है। इस दौरान महिलाएं जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देती हैं। जिसके बाद अगले दिन सप्तमी को उपवास करने वाले लोग उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत की तोड़ते हैं।

जल में खड़े होने के बाद दीप जलाकर सूप में रखा जाता फल

व्रति खड़ना का प्रसाद ग्रहण करने के बाद पारायण तक कुछ भी नहीं खाते हैं। अर्घ्य देने की भी एक विधि होती है. बांस के सूप में केला, अमरूद, संतरा सहित कई अन्य फल के साथ-साथ गन्ना, ठेकुआं और अन्य फलों को नए वस्त्र से ढंक कर घाट तक ले जाते हैं। इस सामान के लिए रविवार को शहर के अनाज मंडी व रेलवे रोड पर बाजार सजाने का काम शुरू हो जाएगा। जल में खड़े होने के बाद दीप जलाकर सूप में रखा जाता है।

घाट व सफाई का काम पूरा नहीं हुआ

थर्मल. घाट का काम बंद हो जाने के कारण रोष जताते रामराज्य ट्रस्ट के सदस्य।

थर्मल| असंध रोड पर दिल्ली पैरलल नहर से निकलने वाली थर्मल माइनर पर हर वर्ष छठ पर्व मनाया जाता है। राम राज्य संस्था ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश चौधरी ने बताया कि अस्थाई घाट के निर्माण व दोनों माइनरों के किनारे साफ-सफाई कराने को लेकर वो विधायक महीपाल ढांडा व विधायक रोहिता रेवड़ी के साथ-साथ जिले के आला अधिकारियों को मांग पत्र दे चुके हैं। उसके बाद केवल एक दिन नगर निगम ने 3-4 घंटे मशीन चलाकर काम बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि पुल की जर्जर हालात के कारण प्रशासन को दो दिनों 13 व 14 नवंबर को रूट डायवर्ट करना चाहिए। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष रमेश चौधरी, महेश मेहतो, विकास कुमार,कृष्ण कुमार, मुकेश, रणधीर, मुकेश कुमार, शत्रुघन, डाॅ. शिव सागर आदि मौजूद रहे।

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