महंगाई की मार / केंद्र से राज्य सरकार खरीदेगी 3000 टन प्याज, 5-7 दिन में राशन डिपो पर मिलेगा

पानीपत में प्याज के स्टाक की जांच करते अधिकारी, इसी तरह प्रदेशभर में चेकिंग की जा रही है। पानीपत में प्याज के स्टाक की जांच करते अधिकारी, इसी तरह प्रदेशभर में चेकिंग की जा रही है।
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पानीपत में प्याज के स्टाक की जांच करते अधिकारी, इसी तरह प्रदेशभर में चेकिंग की जा रही है।पानीपत में प्याज के स्टाक की जांच करते अधिकारी, इसी तरह प्रदेशभर में चेकिंग की जा रही है।

  • 3 माह से आसमान छू रही प्याज की कीमतें, रेट 85-95 रु. पहुंचा
  • केंद्र के आदेश पर प्रदेश में प्याज के स्टाक की जांच शुरू, ज्यादा मिला तो होगी कार्रवाई

दैनिक भास्कर

Dec 04, 2019, 10:52 AM IST

चंडीगढ़ (सुशील भार्गव). प्रदेश में करीब 3 माह से प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं, जो अब भी 75 रुपए प्रति किलोग्राम से ज्यादा भाव में बिक रहा है। प्रदेश सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए केंद्र से करीब 3000 टन प्याज खरीदने की तैयारी की है।

इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने फाइल बनाकर सीएम को भेजी है। सीएमओ से अनुमति मिलते ही प्याज की खरीद होगी। प्याज को लेकर चंडीगढ़ में पिछले तीन दिन से बैठकें चल रही है। वीसी के जरिए केंद्र ने सभी राज्यों से स्टाक की डिटेल मांगी है। 


हरियाणा में दिसंबर तक करीब सवाल लाख टन प्याज का स्टॉक उपलब्ध है, जो प्याज केंद्र से हरियाणा को मिलेगा, उससे 15 मार्च तक का काम चल सकता है। केंद्र से प्याज 12 दिसंबर के आसपास मिलने की संभावना है।

वहीं, राज्य सरकार द्वारा खरीदे जाने वाले प्याज को 5 से 7 दिन में डिपो होल्डरों के पास भेज दिया जाएगा। प्रदेश में प्याज की समुचित उपलब्धता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्याज की सप्लाई लोगों को राशन डिपो से दी जाएगी।

केंद्र से 9 हजार टन मिलने की उम्मीद
केंद्र सरकार ने प्याज आयात कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत केंद्र से हरियाणा को जल्द करीब 8-9 हजार टन प्याज मिल सकता है। इससे प्रदेश में प्याज की कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी, जो प्याज सरकार खरीदेगी या केंद्र से मिलेगा, वह प्याज खाद्य एवं आपूर्ति विभाग राशन डिपो के जरिए लोगों को रियायती दामों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

15-20 दिन में घट सकते हैं दाम, मिलेगी राहत
महाराष्ट्र की नासिक मंडी के थोक व्यापारी इम्तियाज पटेल के अनुसार 15 से 20 दिनों में खरीफ की नई फसल मंडी में आ जाएगी। इससे प्याज के दामों में कमी आ सकती है और लोगों को राहत मिल सकती है। महाराष्ट्र में खरीफ प्याज बरसात की वजह से 65 फीसदी तक खराब हो गया है। केवल 30 से 35 फीसदी ही फसल बची है।

32 हजार हेक्टेयर में होता है प्याज
हरियाणा में करीब 36 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। इसमें से महज 32 हजार हेक्टेयर एरिया में ही किसान प्याज की खेती करते हैं। खरीफ में यहां 12 हजार, जबकि रबी में करीब 30 हजार हेक्टेयर में प्याज उगाया जाता है। हरियाणा में रबी प्याज की फसल मार्च के अंत या अप्रैल में आती है।

खुदरा-100, थोक व्यापारी-500 क्विंटल रख सकते हैं

पानीपत. प्याज के बढ़ते दामों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसके निर्यात पर रोक लगा दी है। वहीं खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की लिमिट भी तय कर दी है। इससे अधिक स्टॉक रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 


केंद्र सरकार की तरफ से इस संबंध में सोमवार को हरियाणा के अधिकारियों को भी एक पत्र भेजा गया, जिसमें बताया कि हर जिले के खुदरा और थोक विक्रेता के पास जाकर स्टाक की जांच करें। इसके बाद मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में जांच की गई। केंद्र सरकार के अनुसार खुदरा व्यापारी 100 क्विंटल और थोक व्यापारी 500 क्विंटल से ज्यादा प्याज का स्टाक नहीं रख सकते हैं।

यह फैसला देशभर में लागू होगा और पूरे देश के लिए प्याज स्टाक की सीमा भी समान है। डीएफएससी डॉ. अनीता खर्ब ने बताया कि कुल 31 विक्रताओं के स्टॉक की जांच की गई, जिसमें स्टाक सही मिला। बता दें कि स्टाक की लिमिट ज्यादा रखी गई है। 

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