धोखाधड़ी / प्रो कबड्‌डी के क्रेज का फायदा उठा प्रदेश के 1000 से ज्यादा बच्चों से ठगी, केस दर्ज



Thousands of Kids frauded in name of Pro Kabbadi league for Juniors
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Thousands of Kids frauded in name of Pro Kabbadi league for Juniors

  • जूनियर कबड्डी में हिस्सा लेने के लिए प्रदेश के हजारों खिलाड़ियों ने लाखों रुपए ऑनलाइन जमा भी करवा दिए 
  • लोगों का कहना है कि लीग में भाग लेने के लिए उन्होंने 500 रुपए ऑनलाइन जमा किए थे

Dainik Bhaskar

Oct 25, 2018, 10:43 AM IST

सोनीपत. प्राे कबड्डी के क्रेज काे भुनाने के लिए ठगों ने युवा खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों अवैध वसूली कर शिकार बनाया। अाराेप है कि जूनियर कबड्डी में भागीदारी के लिए प्रदेश भर के खिलाड़ियों ने लाखों रुपए ऑनलाइन जमा भी करवा दिए। खिलाड़ियों को जोरदार झटका तब लगा जब आयोजक न तो स्कूल गेम्स फेडरेशन से जुड़ी मान्यता को साबित कर सका और ना ही ट्राॅयल आयोजित किए गए।
ट्राॅयल जी थ्री स्कूल में हाेना तय किया गया था, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने जरूरी कागजात नहीं दे पाने की वजह से मैदान उपलब्ध नहीं करवाया। ट्राॅयल के नाम पर बुलाए गए जिले के खिलाड़ियाें ने बुधवार काे यहां खूब हंगामा किया। स्कूल के बाहर राेड जाम कर कार्रवाई की मांग की। इस आयोजन में प्रदेश के 1000 से ज्यादा खिलाड़ियाें से ठगी हुई। 

 

स्कूल प्रशासन के सामने जमे रहे छात्रः दो दिन से शहर में भटकने को मजबूर हो रहे खिलाड़ी अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्हें अब इस बात कि चिंता है कि वे घर वालों को क्या जवाब देंगे, क्योंकि वे अपने अभिभावकों से खुद को कबड्डी स्टार बनने की बात कहकर ट्रायल देने आए थे अब हाल यह है कि पैसे लेकर आयोजक चंपत है तो किसी के फोन भी नहीं मिल रहे हैं। ट्राॅयल देने के लिए सुबह साढ़े सात बजे से ही खिलाड़ी स्कूल के बाहर जुटने लगे थे, जबकि स्कूल प्रशासन ने रात को ही आयोजकों को ट्राॅयल नहीं करवाने की हिदायत दे दी थी। 

 

प्रो लीग की काॅपी कर उसे थी आधार बनाने की कोशिशः आयोजकों ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि पांच सीजन की कामयाबी के बाद छठे सीजन का और विस्तार। जबकि इन आयोजकों का यह पहला आयोजन है और स्टार स्पोर्ट्स पर प्रसारित लीग का अभी छठा सीजन चल रहा है, ऐसे में आयोजकों ने पूरी तरह उसे ही भुनाने का प्रयास किया। उनका लोगो, लीग की फोटो और तो और स्टार पर ही दिखाने का दावा भी। यहां एक बड़ी हकीकत यह है कि जूनियर केबीडी का जोनल चरण सोनीपत में पूरा हो भी चुका है, बावजूद इसके लीग की चमक में अभिभावक एवं खिलाड़ी यहां फंस गए। 


स्टार स्पोर्ट्स किसी से कोई शुल्क नहीं लेताः यह एक फेक आयोजन है। स्टार स्पोर्ट्स किसी भी आयोजन का शुल्क नहीं लेता। यहां सरासर अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है। अभिभावकों को सचेत रहना चाहिए।

स्वप्निल परोहित, कन्वीनर, केबीडी जूनियर स्टार स्पोर्ट्स

 

हमें भी गुमराह किया, इसलिए लगाई रोकः हमें भी गुमराह किया गया है। खेल प्रोत्साहन के मद्देनजर सिर्फ ट्रायल के लिए जगह मुहैया करवाई गई थी। इसकी सूचना मिलने के बाद अब हमने वहां ट्रायल संचालित करने पर रोक लगा दी है।

संजय जैन, सीईओ,ज्ञान गंगा ग्लोबल स्कूल 

 

खेल विभाग में भी पहुंची शिकायतः खेल विभाग अपने स्तर पर जांच कर रहा है,लेकिन यहां अभिभावकों की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है। उन्हें पूरी जांच परख करने के बाद भी बच्चों को ऐसे आयोजन में प्रतिभागिता करवानी चाहिए।

निर्मला, डीएसओ, सोनीपत

 

हर एक से लिए 500 रुपएः गांव सिंघाना जिला जींद से उन्होंने झांसे में आकर 90 बच्चों के पांच-पांच सौ रुपए जमा करवाए थे। उसकी पूरी टीम गायब है, अब न तो ट्रायल हो रहा है और ना ही पैसे लौटाने की कोई बात कह रहा।

सोनू, निवासी सिंघाना, जींद

 

प्राे कबड्डी लीग की तरह टीवी पर दिखाने का झांसा 
आयोजकों ने बताया था कि ये केबीडी जूनियर ही है, प्रो कबड्डी लीग के दौरान मुकाबले दिखाएंगे। विजेताओं को लाख रुपए भी देंगे। गांव से सैकड़ों बच्चों ने कॅरियर बनाने के लिए अपने अभिभावकों से पैसे लेकर जमा करवा दिए।

संजू, निवासी जींद खिलाड़ी 

 

बेटे का आवेदन किया था, अब बता रहे झांसाः मैंने अपने बच्चे का फार्म जमा करवाया था, लेकिन मुझे पता लगा कि यह सब फ्राड है, आयोजकों ने भी मुझे भी इसमें शामिल करने की कोशिश की थी, लेकिन हकीकत पता लगने के बाद मैंने इसका विरोध किया। सुनीता, अभिभावक, गाेहाना

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