हरियाणा / तीन माह से भगौड़े आरटीए के सहायक सचिव को विजिलेंस ने किया गिरफ्तार



भगौड़ा आरटीए का असिस्टेंट सेक्रेटरी विजिलेंस की हिरासत में। भगौड़ा आरटीए का असिस्टेंट सेक्रेटरी विजिलेंस की हिरासत में।
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भगौड़ा आरटीए का असिस्टेंट सेक्रेटरी विजिलेंस की हिरासत में।भगौड़ा आरटीए का असिस्टेंट सेक्रेटरी विजिलेंस की हिरासत में।

  • इंपाउंड की बस को छोड़ने की एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का है आरोप

Dainik Bhaskar

Nov 08, 2019, 08:35 PM IST

जींद. इंपाउंड की बस को छोड़ने की एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के आरोपी आरटीए सहायक सचिव जिले सिंह यादव को विजिलेंस करनाल के इंस्पेक्टर धर्मसिंह ने गिरफ्तार किया है। लगभग तीन माह से भगौड़े धर्मसिंह शुक्रवार को जींद आरटीए कार्यालय में आए हुए थे। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर धर्मसिंह ने जींद विजिलेंस कार्यालय की टीम के साथ उन्हें कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।


रोहतक जिले के गांव चिड़ी निवासी धर्मेंद्र ने 14 अगस्त को स्टेट विजिलेंस के पानीपत स्थित ऑफिस में तत्कालीन इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह को शिकायत दी थी कि उसकी पिल्लूखेड़ा से रोहतक बस चलती है। उसकी बस को आरटीए के सहायक सचिव जिले सिंह यादव ने इंपाउंड किया है। बस छोड़ने की एवज में वह 50 हजार रुपए की डिमांड कर रहा है। जिले सिंह यादव के दलाल जींद की कृष्णा कॉलोनी निवासी यशपाल का पैसा लेने के लिए बार-बार फोन आ रहा है। इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह ने जींद पहुंचकर डीसी डॉ. आदित्य दहिया से मिलकर पूरा मामला बताया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। डीसी ने इस मामले में नायब तहसीलदार कर्ण सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। उसके बाद इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह ने धर्मेंद्र को ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित व पाउडर लगाकर 50 हजार रुपए देकर दलाल को देने के लिए भेज दिया।

 

धर्मेंद्र के पास जब दलाल यशपाल का फोन आया, तो यशपाल ने उसे सफीदों रोड स्थित झोटा फार्म के पास अपनी दुकान पर बुलाया। धर्मेंद्र ने वहां जाकर 50 हजार रुपये यशपाल को दे दिए। उसके बाद तुरंत विजिलेंस टीम ने छापा मारकर यशपाल को 50 हजार रुपए लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। जब उसके हाथ धुलवाए तो वह लाल हो गए। यशपाल ने पुलिस को बताया था कि वह यह पैसे आरटीए सहायक सचिव जिले सिंह यादव के कहने पर ले रहा था। पुलिस ने उस समय यशपाल को तुरंत गिरफ्तार कर लिया, लेकिन जिले सिंह यादव को मामले की भनक लग गई और वह भूमिगत हो गया। करीब तीन माह बाद शुक्रवार को वह आरटीए कार्यालय में आया हुआ था। इसकी सूचना विजिलेंस टीम के पास पहुंच गई और विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे काबू कर लिया।

 

 

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