हरियाणा / पहाड़ों में अधिक गर्मी से बढ़ा पानी का फ्लो, भाखड़ा डैम में पांच गुना स्टोरेज



water flow increased of Bhakra Dam, five times storage
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water flow increased of Bhakra Dam, five times storage

  • 25 मई से नौ तपा होगा शुरू, अबकी बार आधा डिग्री अधिक रहेगा तापमान
  • 463 एमएम बरसात होती है हरियाणा में मानसून सीजन जून से सितंबर तक, साल में औसतन 660 एमएम
  • खरीफ सीजन में किसानों को मिलेगा भरपूर पानी, 32 लाख हेक्टेयर में फसलों की बिजाई करने में मिलेगा लाभ 

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 08:10 AM IST

पानीपथ. गर्मी के सीजन में हरियाणा के 16.17 लाख किसान परिवारों व ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है। अबकी बार भाखड़ा नंगल डैम का जल स्तर पिछले साल की तुलना में पांच गुना से अधिक बढ़ गया है। वर्ष 2018 में जहां पानी का स्टोरेज 0.51 मिलियन एकड़ फीट था, वहीं मई 2019 में बढ़कर 2.70 मिलियन एकड़ फीट हो गया है।

 

पिछले साल 15 मई को जहां भाखड़ा में 1511.56 क्यूसेक पानी बहाव था, अबकी बार यह बढ़कर 1619 क्यूसेक हो चुका है। सबसे बड़ी बात यह है कि पहाड़ों में पिछले साल कम गर्मी थी, लेकिन इस बार पारा सामान्य से अधिक होने से पानी का फ्लो भी बढ़ गया है। बहाव बढ़ने से भाखड़ा डैम में पानी का स्टोरेज मेनटेन रहेगा।

 

खरीफ सीजन में बिजली व पानी की कोई कमी नहीं रहेगी

सीएम मनोहर लाल का कहना है कि हरियाणा में किसानों खरीफ सीजन में बिजली व पानी की कोई कमी नहीं रहेगी। इधर 25 मई से नौ तपा शुरू हो रहा है। पश्चिम विक्षोभ के निकल जाने के बाद फिर से गर्मी चरम पर हो सकती है। चार जून तक लगातार गर्मी बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई में चार बड़े पश्चिम विक्षोभ आ चुके हैं। गर्मी का एहसास कम हुआ है, लेकिन लगातार पश्चिम विक्षोभ आने से प्रदेश में मानसून के आगमन में देरी हो सकती है। 

 

बिजली-पानी की कमी नहीं रहेगी : मुख्यमंत्री

सीएम मनोहर लाल का कहना है कि किसानों को बिजली व पानी की किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। जून के अंत या जुलाई में मानसून के आगमन पर हरियाणा में पानी की खपत कम हो जाएगी। ऐसे में करीब 32 लाख हेक्टेयर में होने वाली खरीफ की फसलों को लाभ होगा। इनमें 14 लाख हेक्टेयर में धान, छह लाख हेक्टेयर में कपास, तीन लाख हेक्टेयर में ग्वार सहित चारा और सब्जियों की फसलें भी शामिल हैं। 

 

चार पश्चिम विक्षोभ से कम हुआ तापमान

आईएमडी चंडीगढ़ के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के अनुसार हरियाणा में अबकी बार सीजन में गर्मी कुछ अधिक रह सकती है। दिन का पारा सामान्य से आधा डिग्री अधिक रह सकता है। मई में चार पश्चिम विक्षोभ आ चुके हैं। जितना पारा बढ़ना चाहिए, उतना नहीं बढ़ पाया है। 25 मई से नौ तपा शुरू हो रहा है। प्री मानसून 20 जून व मानसून जून के अंत तक आने की संभावना बन सकती है। 

 

मानसून सीजन यानी जून से सितंबर तक 46 सेंटीमीटर होती है बरसात

  • 36.25 लाख हेक्टेयर में होती है
  • भाखड़ा डैम से हरियाणा को 4.40 मिलियन एकड़ फीट पानी वार्षिक
  • रावी-व्यास से कुल पानी: 3.5 एमएएफ, हरियाणा का हिस्सा: 1.62 एमएएफ
  • यमुना नदी से सालभर: 1685 क्यूसेक पानी
  • भाखड़ा से पानी: 8313 क्यूसेक
  • आगरा कैनाल से: 250 क्यूसेक करीब
  • प्रदेश में कुल पानी की उपलब्धता: 6 मिलियन एकड़ फीट तक
  • हरियाणा को पानी की जरूरत: 36 मिलियन एकड़ फीट
  • एसवाईएल का पानी मिले तो: 2596 क्यूसिक आएगा
  • हरियाणा को रोजाना जरुरत: 50 हजार क्यूसेक
  • कुल सिंचित इलाका: 84.5% 
  • नहरों से सिंचाई: 38.8%
  • टयूबवेलों से सिंचाई: 61.2 % 
  • कुल सिंचित इलाका: 29.74 लाख हेक्टेयर
  • नहरों से:11.53 लाख हेक्टेयर
  • टयूबवेलों से: 18.21 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती है। 

धान के सीजन में पानी की कमी नहीं

"भाखड़ा नंगल डैम में अबकी बार करीब पांच गुना अधिक पानी है। पिछले साल जहां .51 एमएएफ पानी था, अबकी बार यह बढ़कर 2.7 मिलियन एकड़ फीट हो गया है। पहाड़ों से भी काफी पानी का ओवरफ्लो शुरू हो चुका है। इस बार पानी की कोई कमी नहीं रहेगी।" -राजीव जैन, मीडिया सलाहकार, सीएम, हरियाणा।

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