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रामपाल व समर्थकों की बंदूकें कोर्ट लेकर पहुंची पुलिस, वकील बोले-सभी खाली थीं

4 वर्ष पहले
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करौंथा के सतलोक आश्रम संचालक रामपाल सहित 27 समर्थकों के खिलाफ हत्या के मामले में शुक्रवार को कोर्ट में वीडियाे कान्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। पुलिस उनकी लाइसेंसी डबल बैरल गन, 21 जिंदा कारतूस व उसके अन्य तीन साथियों से बरामद हथियार लेकर पहुंची। उनकी करीब ढाई घंटे तक गवाही चली। रामपाल के वकील वीरेंद्र देशवाल ने दावा किया कि बरामद किए गए सभी हथियार खाली थे। केस के आईओ तत्कालीन थाना सदर प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह ने रामपाल सहित उसके 6 साथियों को गिरफ्तार किया था। उन्होंने रामपाल की डबल बैरल गन, 21 कारतूस, लाइसेंस व रामपाल के अन्य साथियों से बरामद हथियार अदालत के सामने पेश किए। इस दौरान उन्होंने कुछ कागजात भी पेश किए जो रामपाल ने दिल्ली के बाकरवाला में विजय लॉजिस्ट से बरामद करवाए थे। सरकारी वकील नरेश ने बताया कि इंस्पेक्टर राजेंद्र ने ही अदालत में चालान पेश किया था। इस मामले में अब 70 के करीब गवाही हो चुकी है, जबकि 35 के करीब गवाही बाकी है। रामपाल मामले के दो जांच अधिकारियों की मौत हो चुकी है, जिनकी जांच रिपोर्ट अब तक अदालत में पेश नहीं हो पाई।

पुलिस पर गोली चलाने का आरोप
सरकारी वकील नरेश ने बताया कि रामपाल की सुरक्षा में सरकार ने पुलिस कर्मी दिए हुए थे। आरोप है कि करौंथा कांड के दौरान उन पुलिस कर्मचारियों ने भी पब्लिक पर फायरिंग की है। इसको लेकर आईजी के रीडर को तलब किया गया है ताकि यह पता चला सके कि पुलिस को गोली चालने के आदेश थे या नहीं।

ढाई घंटे तक कोर्ट में चली सुनवाई
रामपाल के वकील वीरेंद्र देशवाल ने बताया कि रामपाल की कोर्ट में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई थी। करीब ढाई घंटे तक सुनवाई हुई। इसमें जांच अधिकारी ने हथियार भी कोर्ट के सामने पेश किए। रामपाल की अगली पेशी 13 अप्रैल को है।

ये है मामला
करौथा गांव में रामपाल ने पहला सतलोक आश्रम बनाया था। रामपाल ने स्वामी दयानंद द्वारा लिखित पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश पर कथित टिप्पणी की थी। इसको लेकर 2003 के बाद से आर्य समाजियों व रामपाल समर्थकों के बीच तनाव पैदा होने लगा था। 2006 में कराैंथा आश्रम के बाहर आर्य समाजी व आसपास के गावों के ग्रामीण एकत्रित हुए थे, जबकि रामपाल के समर्थक आश्रम के अंदर थे। इसी हिंसा में बेरी के गांव बाघपुर के सोनू की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जो मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।

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