झज्जर  / अनंतनाग में शहीद रमेश का राजकीय सम्मान के साथ संस्कार, बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि



शहीद रमेश को मुखाग्नि देते हुए बेटा रमेश। शहीद रमेश को मुखाग्नि देते हुए बेटा रमेश।
शहीद की अर्थी को कंथा देते हुए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़। शहीद की अर्थी को कंथा देते हुए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़।
शहीद का काफिला। शहीद का काफिला।
बड़ी संख्या में लोग शहीद के पार्थिव शरीर के साथ-साथ चले। बड़ी संख्या में लोग शहीद के पार्थिव शरीर के साथ-साथ चले।
भारत माता के जयकारों से गूंजा खेड़ी जट्ट गांव। भारत माता के जयकारों से गूंजा खेड़ी जट्ट गांव।
शहीद के पार्थिव शरीर को नीचे उतारते हुए। शहीद के पार्थिव शरीर को नीचे उतारते हुए।
रोहतक सांसद अरविंद शर्मा पहुंचे शहीद के अंतिम दर्शन करने। रोहतक सांसद अरविंद शर्मा पहुंचे शहीद के अंतिम दर्शन करने।
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शहीद रमेश को मुखाग्नि देते हुए बेटा रमेश।शहीद रमेश को मुखाग्नि देते हुए बेटा रमेश।
शहीद की अर्थी को कंथा देते हुए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़।शहीद की अर्थी को कंथा देते हुए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़।
शहीद का काफिला।शहीद का काफिला।
बड़ी संख्या में लोग शहीद के पार्थिव शरीर के साथ-साथ चले।बड़ी संख्या में लोग शहीद के पार्थिव शरीर के साथ-साथ चले।
भारत माता के जयकारों से गूंजा खेड़ी जट्ट गांव।भारत माता के जयकारों से गूंजा खेड़ी जट्ट गांव।
शहीद के पार्थिव शरीर को नीचे उतारते हुए।शहीद के पार्थिव शरीर को नीचे उतारते हुए।
रोहतक सांसद अरविंद शर्मा पहुंचे शहीद के अंतिम दर्शन करने।रोहतक सांसद अरविंद शर्मा पहुंचे शहीद के अंतिम दर्शन करने।

  • अमरनाथ यात्रा से ठीक पहले हुआ आतंकी हमला, 5 सीआरपीएफ जवान हुए थे शहीद

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 07:00 PM IST

बहादुरगढ़ (झज्जर)। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार को आतंकी हमले में शहीद हुए झज्जर के खेड़ी जट्ट गांव के जवान रमेश कुमार का बुधवार को अंतिम संस्कार हुआ। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भारत माता की जय और रमेश कुमार अमर रहे के जयकारों के बीच शहीद के बड़े बेटे मोहित ने मुखाग्नि दी। शहीद को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 

 

शहीद रमेश गुलिया का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से दिल्ली लाया गया था। वहां से दोपहर बाद सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमाडेंट सुनील कुमार उनका पार्थिव शरीर लेकर निकले। ढासा बॉर्डर पर बड़ी संख्या में लोगों का काफिला शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए इंतजार कर रहा था। 

 

वहां से गांव खेड़ी जट्ट तक बड़ी संख्या में लोग शहीद रमेश अमर रहे के जयकारों के साथ गांव पहुंचे। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए रोहतक के सांसद अरविंद शर्मा और विधायक व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ भी पहुंचे। धनखड़ ने शहीद की अर्थी को कंधा भी दिया और परिवार के लोगों को सांत्वना दी। 

 

शहीद का एक भाई और है सीआरपीएफ में कार्यरत
शहीद रमेश कुमार के दो अन्य भाई भी हैं। एक भाई राजेश कुमार भी सीआरपीएफ में कार्यरत है। वे फिलहाल लखनऊ में तैनात है। तीसरे नंबर का भाई संजय औद्योगिक पुलिस में झज्जर में तैनात है। शहीद रमेश कुमार के पिता एक साधारण जमीदार खजान सिंह हैं। जमीदारे के दौरान उनका एक पैर कट गया था इसके बाद भी उन्होंने तीनों भाइयों को लायक बनाया और दो को अर्धसैनिक बलों तथा तीसरे को पुलिस ने भर्ती कराया। शहीद की पत्नी सुनील देवी है। दो बेटे मोहित और रोहित हैं। 

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