20 मंत्रियों ने कमलनाथ को इस्तीफा सौंपकर कहा- हम आपके साथ हैं
आनन-फानन में भोपाल लौटे सीएम ने कैबिनेट की बैठक बुलाई
मध्य प्रदेश में छह दिनों से चल रहे सियासी ड्रामे ने नया मोड़ ले लिया है। नाराज चल रहे कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 6 मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, तुलसी सिलावट, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रभुराम चौधरी और 12 विधायकों के फोन बंद हो गए। सभी को दिल्ली से चार्टर्ड विमान से बेंगलुरू ले जाया गया। रात 9 बजते-बजते अटकलें तेज हो गईं कि सिंधिया पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के बाद अगला कदम उठाएंगे। उनके बागी तेवरों से कमलनाथ सरकार की सांसें ऊपर-नीचे होती रहीं। दिल्ली दौरा बीच में ही छोड़ भोपाल लौटे सीएम कमलनाथ ने आनन-फानन में कैबिनेट की बैठक बुला ली। तीन घंटे चली बैठक के बाद रात 11:25 बजे मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि 20 मंत्रियों ने सीएम को इस्तीफे दिए हैं। साथ ही कहा है कि वह उनके साथ हैं।शेष | पेज 9 पर
भाजपा ने विधायकों को बुलाया, अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी
राजनीतिक उठापटक के बीच नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सभी विधायकों को भोपाल में बुला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी विधायक दल की बैठक मंगलवार शाम को होगी। विधानसभा के 16 मार्च से शुरू हो रहे सत्र में भाजपा अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है। वहीं, सियासी हलचल के एक किरदार भाजपा विधायक संजय पाठक सोमवार को देर तक प्रदेश कार्यालय में मौजूद रहे। यहां उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ चर्चा की।
सोनिया को दी जानकारी, दिग्विजय-तन्खा से चर्चा
विधायकों के बेंगलुरू जाने की खबर आते सीएम कमलनाथ ने दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से सियासी संकट, मप्र से खाली हो रहीं तीन राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम, नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की। इसके बाद भोपाल आते ही उन्होंने सांसद विवेक तन्खा, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह समेत अन्य नेताओं के साथ बैठक की, जो कई घंटे तक चली।
सिंधिया को मनाने की कोशिशें जारी
सिंधिया को मनाने में पार्टी के वरिष्ठ नेता जुटे हुए हैं। इस बीच, सूत्रों का कहना है कमलनाथ खेमे और सिंधिया गुट को राजी करने का जिम्मा कर्ण सिंह को सौंपा गया है, ताकि सरकार पर मंडरा रहे संकट को टाला जा सके।
दिल्ली में अपने निवास पर ज्योतिरादित्य सिंधिया।