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48 फीसदी निजी अस्पताल नहीं कर रहे बायो वेस्ट की बार कोडिंग, 2 माह में पूरे करने होंगे मापदंड

एक वर्ष पहले
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पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. भूरे लाल ने शनिवार काे बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट का निरीक्षण किया। यहां पर सामने आया कि सिर्फ 52 फीसदी अस्पतालों की बार कोडिंग की गई है। 48 फीसदी अस्पताल अभी भी सीधे बिना बार-कोडिंग के ही कचरा वेस्ट प्लांट में भेज रहे हैं। डॉ. भूरे लाल ने बालंद स्थित बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट का भी निरीक्षण किया है।

इस प्लांट की तीन हजार किलोग्राम बायो मेडिकल वेस्ट को ट्रीट करने की क्षमता है और यहां पर रोजाना 1800 से लेकर 1900 किलोग्राम तक बायोमेडिकल वेस्ट का निष्पादन किया जा रहा है। गांव बालंद के इस प्लांट में रोहतक व झज्जर जिला के 505 अस्पतालों का बायो वेस्ट निष्पादन के लिए आता है। अब तक 52 प्रतिशत अस्पतालों के बायो वेस्ट की बारकोडिंग ही की गई है। अब अगले 2 महीनों में सभी 505 अस्पतालों की बार कोडिंग का कार्य पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं इपका चेयरमैन के दौरे के बाद डीसी आरएस वर्मा ने सभी विभागों की मीटिंग बुला मापदंडो को लेकर सभी कर्मियों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने की बात कही।

कंस्ट्रक्शन साइट पर मलबा-सामग्री सड़क पर पड़ी मिली तो प्रशासन काटेगा चालान

रोहतक | डीसी आरएस वर्मा ने चेयरमैन के दौरे केे बाद शनिवार को लघु सचिवालय के सभागार में बायोमेडिकल और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलेशन (सीएंडडी) मलबा कहीं पर भी सड़कों पर दिखाई नहीं देना चाहिए। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित विभाग के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित स्थानों पर ही सीएनडी वेस्ट को डाला जाना चाहिए। इसके अलावा सभी विभागों को अपने क्षेत्र में एनजीटी नियम सख्ती से लागू करने की बात कही। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा, नगराधीश जग निवास, एसडीएम महम अभिषेक मीणा, एसडीएम रोहतक राकेश कुमार, सांपला के एसडीएम नवदीप नैन, नगर निगम के सीनियर टाउन प्लानर केके वार्ष्णेय व सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

ड्रेन में ना डाला जाए अनट्रीटेड वाटर: वहीं ड्रेन में यमुना और घग्गर के ऑर्डर की उल्लंघना करते हुए अनट्रीटेड वाटर डाला जा रहा है। इसके लिए पहले तो उल्लंघना करने वालों को चेतावनी दी जाए और इसके बाद भी वे नहीं मानते हैं तो इसके खिलाफ चालान किया जाए।

एक अप्रैल से कचरा अलग नहीं किया तो जुर्माना: वहीं नगर निगम के आयुक्त प्रदीप गोदारा ने बैठक में स्पष्ट किया कि गीले अाैर सूखे कचरे काे अलग-अलग कर ही प्लांट में लाया जाए। यदि इस काम में काेई भी लापरवाही की गई तो 50 हजार रुपए का चालान किया जाएगा। हुडा और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी स्पष्ट किया कि वे जगह-जगह मलबा ना फैलाएं। जहां भी काम किया जाए, वहां के मलबे का तुरंत समाधान होना चाहिए। ऐसा ना होने पर 50 हजार रुपए का संबंधित विभाग का ही निगम की ओर से चालान किया जाएगा। एक अप्रैल से नियम सख्ती से लागू होगा।

मीट की अवैध दुकानें आज शाम तक हो जाएंगी बंद: जिला में अवैध रूप से चलाई जा रही मीट की दुकानों व बूथों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले दो दिन के अंदर ऐसी सभी दुकानों व बूथों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। बता दें कि शहर में भी काफी संख्या में कॉलोनियों व मोहल्लों में अवैध मीट की दुकानें चलाई जा रही हैं। इस पर नगर निगम लगातार कार्रवाई करने से बच रहा है। चेयरमैन ने रविवार शाम तक का अल्टीमेटम दिया है कि मीट के अवैध खोखों का तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाए। साथ ही अवैध कब्जे भी हटाए जाएं। वहीं चेयरमैन ने दौरे के दौरान पाया कि ड्रेन नंबर 8 पर मीट के खोखे अवैध तरीके से चलाए जा रहे हैं। बैठक के दौरान डीसी ने कहा कि उन्होंने स्वयं इसकी वीडियो भी बनाई है। इस बारे में सिंचाई विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए थी। संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगर उनकी जमीन पर इस प्रकार की अवैध दुकानें या बूथ चल रहे हैं तो उन्हें तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। इसके लिए एसडीएम मौके पर जाकर क्रॉस चैक भी करेंगे। इसके बाद भी अवैध मीट के खोखे यहां मिले तो विभाग के खिलाफ उनके एसीएस को लिखा जाएगा।

बगैर ढांपे मिट्‌टी ढाेते 18 ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालान: नियमों का उल्लंघन करने पर शनिवार को करीब 18 ट्रैक्टर ट्रॉलियों के चालान काटे गए। इनमें से अधिकतर बगैर ट्रॉली को ढांपे शहर में मिट्‌टी ले जा रहे थे। डीसी आरएस वर्मा ने बताया कि बिल्डर्स और कॉन्ट्रेक्टर नियमों का उल्लंघन करके रेत अन्य भवन निर्माण सामग्री को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं। ट्रैक्टर कृषि यंत्र की श्रेणी में आता है और इसका वाणिज्यिक प्रयोग गैरकानूनी है। खनन विभाग की अनुमति के बिना मिट्टी ढोना भी गैरकानूनी है।

फैक्ट्रियों के बाहर कचरा पड़ा मिला तो होगी कार्रवाई: चेयरमैन भूरेलाल ने खरावड़ बाईपास पर एलपीएस फैक्टरी के बाहर पड़े कचरे को लेकर भी आपत्ति जताई और विभाग को हिदायत दी कि संबंधित फैक्टरी को भी आगाह किया जाए कि वे कचरा बाहर ना फैलाएं। यदि नहीं मानते हैं तो तुरंत कार्रवाई की जाए। चेयरमैन डॉ. भूरे लाल ने शनिवार को रोहतक का अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया है और उन्होंने उद्योगों के जरिए अपना वेस्ट उद्योगों के बाहर डालने पर कड़ी आपत्ति जताई है।

इपका के चेयरमैन भूरेलाल बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट का दौरा करते हुए।
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