मांगों को पूरा कराने के लिए तीसरे दिन भी धरने पर डटी रहीं आशा वर्कर
मांगों को पूरा कराने के लिए आशा वर्कर का सीएमओ कार्यालय पर चल रहा बेमियादी धरना तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। उन्होंने सरकार पर अनदेखी करने, आशा वर्करों से बेगारी कराने और बकाया पड़े मानदेय का भुगतान रोकने का विरोध जताया। आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा के आह्वान पर शुरू हुए इस धरने की अध्यक्षता सीएचची महम से ललिता, सीएचसी मदीना से सुुशीला ने की। आशा वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान अनिता भाली व सचिव सोनिया मुंगाण ने कहा कि राज्य की मौजूदा सरकार एक तरफ तो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का राग अलाप कर वाहवाही लूट रही है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्करों को महीनों से बकाया मासिक मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जबकि वर्करों का पिछले कई महीनों का मानदेय बकाया पड़ा है। इसको लेकर बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन के जिला संयोजक धर्मबीर हुड्डा ने कहा कि सभी तरह की प्रोत्साहन राशियों का पैसा प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक खातों में डाला जाए। स्टेट और सेंटर की राशि का एक साथ भुगतान हो। सभी आशाओं को एनसीडी के रजिस्टर उपलब्ध करवाए जाएं। हर गतिविधि का अलग रजिस्टर मिले। आशा वर्कर को योग्यतानुसार प्रमोशन दिया जाए। न्यूनतम वेतन कम से कम 21 हजार रुपए किया जाना चाहिए। जनवादी महिला समिति की एडवोकेट वीना मलिक ने कहा कि 10 दिन पहले इन सभी मांगों का ज्ञापन मिशन के डायरेक्टर को भेजकर मांगों के समाधान की अपील यूनियन ने की थी, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आने पर आशा वर्कर ने विरोध में धरना शुरू किया। धरने में चिड़ी, कलानौर, लाखनमाजरा व अर्बन सीएचसी की आशा वर्कर्स शामिल रहीं।
रोहतक. सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरना देतीं आशा वर्कर्स।