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प्रदेश में बढ़ रहा बंदरों का खौफ..क्योंकि तय नहीं कि ये खूंखार हैं या नहीं और इन्हें पकड़कर जंगल छोड़े कौन?

Rohnak News - प्रदेश के अधिकतर शहरों में बंदरों का खौफ कायम है। आम जन त्रस्त हैं, पर इन्हें कैसे और कौन रोकेगा, यह सरकार भी तय नहीं...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 04:41 AM IST
Rohtak News - haryana news dangers of monkeys growing in the stateis not sure whether they are dreaded or not and who left the forest by catching them
प्रदेश के अधिकतर शहरों में बंदरों का खौफ कायम है। आम जन त्रस्त हैं, पर इन्हें कैसे और कौन रोकेगा, यह सरकार भी तय नहीं कर पा रही है। वन्य प्राणी विभाग और नगर निगम के बीच पेच फंस गया है। अभी तक नगर परिषद या निगम वाले ही बंदराें को पकड़ते आए हैं, लेकिन अब यह जिम्मेदारी वन्य प्राणी विभाग को देने की याचिका लगाई गई है। 15 सब डिवीजन में एसडीएम के पास न्यूसेंस रिमूवल याचिका में कहा गया है कि बंदर खूंखार हो रहे हैं। इन्हें वन्य प्राणी विभाग वैज्ञानिक तरीके से पकड़कर जंगलों में छोड़े। अब वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों ने 3 आदेशों व पत्रों का हवाला देकर उच्चाधिकारियों से राय मांगी है कि वे क्या करें। कोर्ट के दो आदेशों में तो बंदरों को लेकर नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया गया है। शेष | पेज 7 पर

निगम के कर्मचारी वैज्ञानिक तरीके से नहीं पकड़ते बंदर : याचिकाकर्ता

भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के मास्टर ट्रेनर नरेश कादयान ने याचिका दायर की है। कादयान का कहना है कि नगर निगम वैज्ञानिक तरीके से बंदर नहीं पकड़वाता। पकड़ने और छोड़ने के वक्त उनका पूरा मेडिकल टेस्ट और बिहेवियर टेस्ट होता है, जो नहीं हो रहा। निगम को वन्य प्राणी विभाग से ही बंदर पकड़ने की मंजूरी लेनी होती है। वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के सेक्शन 62 के तहत इसे खूंखार मानते हुए वन्य प्राणी विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इसके बाद जंगल संरक्षित किए जाने हैं, ताकि इसे शहरों में आने से रोका जा सके।

दो तरह के आदेश से फंसा पेच





अब तक नहीं बनी बायो डायवर्सिटी कमेटी

हरियाणा में बायो डायवर्सिटी मैनेजमेंट कमेटी का गठन ही नहीं किया गया। पिपुल बायो डायवर्सिटी रजिस्टर भी नहीं बनाया गया, जबकि एनजीटी के आदेश पर कमेटी व रजिस्टर को बनाया जाना है। इसके लिए छह महीने का दिया गया समय भी पार हो चुका है। यही कमेटी निर्धारित करती है उनके क्षेत्र में कितने वन्य प्राणी हैं और वे खूंखार हैं या नहीं।

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