नासा के स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक रहे डॉ. जगजीत नहीं रहे

2 वर्ष पहले
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झज्जर के मूल निवासी व विश्व विख्यात वैज्ञानिक डॉ. जगजीत सिंह का 93 वर्ष की आयु में अमेरिका में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार 16 जुलाई को पूरे राजकीय सम्मान के साथ हिंदू रीति रिवाज से किया जाएगा। डॉ. जगजीत सिंह अमेरिका के प्रख्यात शोध केंद्र नासा में स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख वैज्ञानिक रह चुके थे। एेसा करने वाले वे पहले भारतीय थे। अपने जीवन के अंतिम दौर में भी वे नासा के वैज्ञानिकों का सहयोग एवं मार्गदर्शन करते रहे। डॉ. जगजीत सिंह ने इंग्लैंड से न्यूक्लीयर फिजिक्स शोध पूर्ण कर भारत में काम करने का मन बनाया था। भारत आने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और अपने देश में ही न्यूक्लीयर लैब स्थापित कर शोध का प्रस्ताव किया, लेकिन तत्कालीन पीएम ने उन्हें देश की खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देकर असमर्थता जाहिर की। इसके बाद डॉ. सिंह ने अमेरिका की ओर रुख किया और इसके बाद दुनियाभर में न्यूक्लियर फिजिक्स के लिए जाने गए। उनका मानना था कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उचित मार्गदर्शन और सुविधाएं न मिलने से वे पिछड़ जाते हैं। डॉ. सिंह आजीवन कुंवारे रहे और उनका कहना था कि उन्होंने तो विज्ञान से ही शादी कर रखी है।

संयुक्त पंजाब में प्रथम स्थान प्राप्त कर गए थे इंग्लैंड

डॉ. जगजीत सिंह के भतीजे एवं रोहतक के स्वास्थ्य विभाग में डिप्टी सीएमओ रहे डॉ. अमरजीत सिंह राठी ने बताया कि डॉ. जगजीत सिंह का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले के गांव भापड़ौदा के किसान परिवार में 20 मई 1926 में हुआ। उनके पिता का नाम शुभ राम और माता का नाम धनकौर था। वर्ष 1943 में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा लायलपुर (अब पाकिस्तान) से प्राप्त की तथा पूरे संयुक्त पंजाब में प्रथम स्थान प्राप्त किया और छात्रवृत्ति पाई। इन्होंने अपने विज्ञान स्नातक एवं स्नातकोत्तर की डिग्री पंजाब विश्वविद्यालय से की। तत्पश्चात उन्होंने न्यूक्लीयर फिजिक्स में पीएचडी लिवरपूल यूनिवर्सिटी इंग्लैंड से प्राप्त की। वेस्ट वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में 1965 तक एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दी। कॉलेज ऑफ द विलियम्स एंड वेरी में 1965 से 67 तक अध्यापन कार्य किया। सन 1972 से 1998 तक ओल्ड डोमिनियन यूनिवर्सिटी में फिजिक्स के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे। इस दौरान 16 विद्यार्थियों को एमएस और पीएचडी के लिए गाइड किया।

कई अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड से नवाजे गए

नासा में वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक के रूप में लैंगली शोध केंद्र से 1978 तक जुड़े रहे। 1978 से 1994 तक इंस्ट्रूमेंट रिसर्च डिवीजन में चीफ साइंटिस्ट के रूप में कार्य किया। सन 1994 से 1998 तक एक्सपेरिमेंटल एंड टेक्नोलॉजी डिवीजन में मुख्य वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया, जबकि 1998 से 2000 तक नासा लैंगली रिसर्च सेंटर के शोध निदेशक के रूप में कार्य किया। डॉ. सिंह के 246 साइंटिफिक रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए, दुनिया के 30 प्रमुख शोध संस्थानों में उन्होंने अपने भाषण दिए, 50 विज्ञान और अभियांत्रिकी पर आधारित पुस्तकों की समीक्षा की, एनवायरमेंट एंड एयरोस्पेस मैनेजमेंट सार्इंस पर आधारित दो पुस्तकों का संपादन किया। डॉ. जेजे सिंह को नासा अपोलो अचीवमेंट अवॉर्ड, नासा फ्लैग अवॉर्ड, नाशा स्पेशल ग्रुप सर्टिफिकेट मोमेंट अवॉर्ड, 6 टेक्नोलॉजी यूटिलाइजेशन अवॉर्ड, 5 यूनाइटेड स्टेट सिविल सर्विस तथा आउटस्टैंडिंग प्रोफेशनल्स अवॉर्ड प्राप्त किए। 2004 में उन्हें अमेरिका में मेडल ऑफ ऑनर तथा फेम फॉर आउटस्टैंडिंग लीडरशिप 2005 में सम्मानित किया गया, 2005 में इंटरनेशनल अवार्ड ऑफ द मेरिट कैम्ब्रिज यूके में आपको प्रदान किया गया।

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