दिल के मरीजों का ‘की होल’ सर्जरी से इलाज आसान

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 08:35 AM IST

Rohtak News - रोहतक | मिनिमली इंवेसिव कार्डिएक से हर साल 1.7 करोड़ से अधिक लोगों की मौत होती है, जिसमें हृदय रोगों के कारण मरने वालों...

Rohtak News - haryana news heart patients39 treatment of 39hole39 surgery is easy
रोहतक | मिनिमली इंवेसिव कार्डिएक से हर साल 1.7 करोड़ से अधिक लोगों की मौत होती है, जिसमें हृदय रोगों के कारण मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। हर साल लगभग 3.2 करोड़ भारतीय किसी न किसी हृदय रोग से ग्रस्त होते हैं, उनमें से केवल 1.5 लाख लोगों की सर्जरी हो पाती है, लेकिन हालिया 3-4 साल में मिनीमली इंवेसिव हार्ट सर्जरी (एमआईसीएस) जिसे की होल सर्जरी के नाम से भी जानते हैं, द्वारा लोगों का इलाज किया जा रहा है।

यह कहना है दिल्ली से आए ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीनू कौल का। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 तक भारत में सर्वाधिक डायबिटीज के मरीज हो जाएंगे, जबकि 2024 तक हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत में हर मिनट हृदय रोग से एक महिला की मौत हो रही है। मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी (एमआईसीएस) या की होल सर्जरी काफी आसान है। सीएबीजी (कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग), जिसमें सर्जरी के लिए 10 इंच का चीरा लगाकर ब्रेस्ट बोन को अलग किया जाता है, की तुलना में एमआईसीएस या की होल सर्जरी ज्यादा सेफ है, जो सीने के बायीं ओर 2-3 इंच का चीरा लगाकर की जाती है। डाॅ. कौल ने बताया कि हड्डियों को काटने की जरूरत नहीं पड़ती है।

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