अांकड़े नहीं, मानसिकता बदलने से बचेगा बेटियों का सम्मान : पूनम
स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ टिटौली में चल रहे बेटी बचाओ पारायण महायज्ञ में रविवार को महिला दिवस के उपलक्ष्य में बेटी बचाओ अभियान की कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। अध्यक्षता सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने की। इस अवसर पर बेटी बचाओ अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम आर्या कहा कि हमारा प्रयास आंकड़े बदलने के लिए नहीं, बल्कि मानसिकता बदलने के लिए है। क्योंकि बेटियां का मान सम्मान व स्वाभिमान तभी बच सकेगा, जब उनके प्रति लोगों के विचार बदलेंगे। सिर्फ कागजों में आंकड़े बदलने से सरकारों का सम्मान तो बच सकता है, परंतु बेटियों का सम्मान तो उनके प्रति सकारात्मक विचार रखने से सुरक्षित होगा। इसके लिए हम पुरुषार्थ करते रहेंगे। स्वामी आर्यवेश ने कहा कि महिलाओं के हक, अधिकारों की सर्वप्रथम वकालत स्वामी दयानंद ने ही की थी। उन्होंने ही महिलाओं को पढ़ने का अधिकार दिलवाया। विधवा पुनर्विवाह को प्रारंभ कराया। एक एेसा भी वक्त आया जब उन्होंने बाल विवाह, देवदासी प्रथा, सती प्रथा, छुआछूत जैसी बुराइयों को जड़ से खत्म करने के लिए पूरे समाज को झकझोर दिया। आर्य समाज की ओर से जागरूकता आंदोलन चलाए गए। स्वामी श्रद्धानंद ने सबसे पहले आर्य समाज की ओर से कन्या पाठशाला खोली तथा बेटियों की पढ़ाई का रास्ता बनाया। आज के युवा वर्ग को उनके दिखाए हुए रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। हमें अपने जीवन की कमियों को छोड़कर सजग होकर निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में बेटी वाले यजमानों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
समर्पित कार्यकर्ता सम्मानित: बेटी बचाओ अभियान की समर्पित कार्यकर्ताओं में सुनीता खासा, रिंकू आर्या, शशि आर्या, अंजलि आर्या, मुकेश आर्या, रीमा आर्या, किरण आर्या, राजकुमारी आर्या, पूनम आर्या, पूजा आर्या, मंजू आर्या, एकता आर्या, प्रीति आर्या, इंदु आर्या, अंतिम आर्या, दीप्ति आर्या, मंजू निंदाना, स्नेहा आर्या शामिल हैं।
स्वामी इंद्रवेश आश्रम टिटौली में महिला दिवस पर सम्मानित बेटी बचाओ अभियान की कार्यकर्ता।