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हनुमान मंदिर तक जाने की जगह अांगन व छत पर निकालें पदयात्रा, घर पर करें सुंदरकांड पाठ, लंगर का राशन दान करें

Rohtak News - हनुमान जयंती चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी 8 अप्रैल को है। ऐसा पहली बार होगा कि जब भक्त मंदिरों में हनुमान...

Apr 07, 2020, 08:26 AM IST

हनुमान जयंती चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी 8 अप्रैल को है। ऐसा पहली बार होगा कि जब भक्त मंदिरों में हनुमान जयंती नहीं मना पाएंगे। हाथों में पताका लेकर खरावड़ गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर तक 11 किलोमीटर की पद-यात्रा नहीं कर सकेंगे। श्री बाला जी धाम डाेभ में भी हनुमान भक्त नहीं जा पाएंगे। इस बार हनुमान जयंती पर कोरोना वायरस का जो साया पड़ा है, उसमें पदयात्रा नहीं निकाल सकेंगे। हनुमान भक्ताें से संस्थाएं अपील कर रही है कि अाप घर पर रहकर ही सुंदरकांड का पाठ करें।

जैन जती में 3100 लाेगाें का प्रसाद होगा तैयार, झुग्गी-झाेंपड़ी में बांटेंगे : डॉ. नितिन गुप्ता ने कहा कि हनुमान जयंती के दिन सुबह से ही झज्जर रोड स्थित जैन जती में 3100 जरूरतमंदों के लिए खाना तैयार होगा। इसके साथ ही लड्डुअाें का 3100 लाेगाें का प्रसाद तैयार होगा। यहां पर सोशल डिस्टेंस भी रखा जा रहा है। यह खाना और प्रसाद शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में बसी झुग्गी-झोपड़ियों में बांटा जाएगा। इस कार्य को अंजाम 60 राम भक्तों की टीम करेगी।

भंडाराें की जगह राशन दान करें

खरावड़ अाैर डाेभ में हनुमान जयंती पर बड़े भंडारे लगाए जाते हैं। इस बार हनुमान भक्त इन भंडाराें में लगने वाला राशन प्रशासन काे प्रवासी मजदूराें के लिए दान कर सकते हैं।

भक्त घर पर ही यूं पूरी कर सकते हैं पदयात्रा

हनुमान भक्त अपने घर की छत या अांगन में पदयात्रा कर सकते हैं। अपने घर का अांगन या छत नाप लीजिये। इसके बाद उसके चक्कर तय कर लीजिये कि अांगन व छत के कितने चक्कर लगाने से 11 किलाेमीटर की पद यात्रा पूरी हाे जाएगी। जाे इतने चक्कर नहीं काट सकते वे खरावड़ मंदिर में एक किलाेमीटर तक लगने वाली लाइन जितनी पदयात्रा काे मानकर चक्कर लगा लें। इससे अाप साेशल डिस्टेंसिंग लागू करते हुए अपने हर साल 11 किलाेमीटर की पदयात्रा करने के संकल्प काे भी पूरा कर सकते हैं। पदयात्रा पूरी करके घर पर सुंदरकांड अाैर हनुमान चालीसा का पाठ किया जा सकता है।

1000 ध्वज तैयार, छताें व अांगन में कर सकते हैं पदयात्रा : डाॅ. गुप्ता

राम-नाम बैंक के संस्थापक डॉ. निपिन गुप्ता ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से लगातार पदयात्रा निकाल रहे हैं। अबकी बार भी पदयात्रा की पूरी तैयारी थी, 1000 ध्वज तैयार कर रखे थे पर कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण लोग घरों से नहीं निकल पाएंगे। इसके चलते पदयात्रा नहीं निकल पाएगी, लेकिन साल 2020 की 21वीं पदयात्रा भी खास होगी। भक्त यह पदयात्रा घर के आंगन और छतों पर कर सकते हैं। भले ही कुछ कदम, पर इस तरह से हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जाने वाली 21वीं पदयात्रा हमेशा के लिए यादगार होगी।

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