स्कूल में 31 तक छुट्टी के लिए वकीलों ने डाला दिवानी दावा
कोरोना वायरस के डर से बच्चों का 31 मार्च तक अवकाश ना किए जाने के चलते वकीलों ने कोर्ट में एक दिवानी दावा डाल दिया है। ऐसा जिले में पहली बार देखने को आया है। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पैनल के वरिष्ठ अधिवक्ता राजबीर कश्यप व संदीप कुमार ने इस मामले में प्रदेश सरकार मार्फत डीसी रोहतक व डीईईओ रोहतक के विरुद्ध एक दिवानी दावा दायर किया है। उन्होंने बताया कि आज पूरा विश्व कोरोना वायरस के भय से खौफजदा है। इसके कारण लगभग 4000 जानें कोरोना वायरस का ग्रास बन चुकी है। लगभग एक लाख से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित है। भारत में भी इस बाबत 40 संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है, जिसके कारण दिल्ली, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में प्राइमरी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया। समाज की भलाई के लिए सिविल जज सीनियर डिविजन रोहतक ईशा खत्री के न्यायालय में यह दिवानी दावा दायर करना पड़ा। इस दावे में न्यायालय से गुहार लगाई कि जनहित में जिला रोहतक के भी प्राइमरी स्कूल 31 मार्च तक बंद कर दिए जाएं। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग या अन्य किसी भी संस्था की ओर से इस वायरस के संबध में जारी की गई एडवाइजरी को समझने व समझाने में बच्चों व बड़ों में अंतर है। इस संबंध में न्यायालय ने इस केस में 12 मार्च की तारीख तय की है। अब 12 मार्च को प्रतिवादी पक्ष अपना जवाब दावा पेश करेंगे।
कोरोना का संदिग्ध मरीज भर्ती, किडनी-फेफड़े खराब बेटे की हालत बिगड़ी, भर्ती
अग्रोहा | महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज आया है, जिसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया है। चिकित्सकों की टीम आइसोलेशन वार्ड के इंचार्ज डाॅ. राजीव चौहान, डाॅ. कमल, नर्सिंग सिस्टर रजविंद्र, हरवीर कौर अाैर रोशन शर्मा के नेतृत्व में मरीज के उपचार में लगी है। मरीज के सैंपल जांच के लिए मेडिकल काॅलेज लैब में भेज दिए हैं।
बरवाला निवासी युवक ने बताया कि उसकी 67 वर्षीय मां कई दिनों से बीमार चल रही है। उसे 4 दिन तक बरवाला के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत अाैर बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे हिसार रेफर कर दिया। उसे गंभीर हालत में हिसार के निजी अस्पातल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि फेफड़े खराब हैं। मां के पास उसका छोटा बेटा सेवा कर रहा था तो उसकी भी हालत खराब हो गई, उसे भी हिसार के निजी अस्पातल में भर्ती कराया। उसकी मां को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन विभाग में भर्ती कर दिया और कोरोना वायरस की जांच के लिए सैंपल जांच के लिए लैब में भेज दिये गए हैं।
कार्यालयों में 31 मार्च तक बायोमेट्रिक हाजिरी पर रोक
राजधानी हरियाणा | कोरोना वायरस को लेकर राज्य सरकार में अलर्ट है। कुछ विभागों के बाद अब सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक हाजिरी पर रोक लगा दी है। इसे लेकर सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, बोर्डों, निगमों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य प्रशासकों, जिला उपायुक्तों, उप-मंडल अधिकारियों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया कि 31 मार्च तक किसी कार्यालय में बायोमेट्रिक हाजिरी न लगाई जाए।
कि जनहित में जिला रोहतक के भी प्राइमरी स्कूल 31 मार्च तक बंद कर दिए जाएं। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग या अन्य किसी भी संस्था की ओर से इस वायरस के संबध में जारी की गई एडवाइजरी को समझने व समझाने में बच्चों व बड़ों में अंतर है। इस संबंध में न्यायालय ने इस केस में 12 मार्च की तारीख तय की है। अब 12 मार्च को प्रतिवादी पक्ष अपना जवाब दावा पेश करेंगे।