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अब माेबाइल एप से हाेगी कचरे की माॅनिटरिंग, 3 घंटे में समस्या हल न हुई तो कर्मी पर कार्रवाई
विज के आदेश के बाद बनवाई गारबेज सेनिटेशन एप, ट्रायल शुरू
शहर से निकलने वाले कचरे के एकत्रीकरण और निष्पादन की अब स्थानीय निकाय पूरी मॉनिटरिंग ऑनलाइन करेगा। किसी जगह पर कूड़ा पड़े होने की सूचना व शिकायत मिलने पर उसके उठान की डेडलाइन तक तय कर दी गई है। स्थानीय निकाय क्षेत्र में 3 घंटे में कर्मचारी इस कचरे को उठाएंगे। दरअसल हेल्पलाइन के अलावा अब कचरे की शिकायत स्थानीय निकाय में करने के लिए नया एप तैयार किया गया है। इस एप के जरिए पूरे प्रदेश के स्थानीय निकाय और उनके कर्मचारियों को जोड़ा गया है। गारबेज सेनिटेशन एप नाम से बनाई इस मोबाइल एप के जरिए अब सफाई, कचरा एकत्रिकरण, उसका निष्पादन और शिकायतों की सुनवाई और शिकायतों का समय पर निपटान करने की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन कर दी जाएगी। यानि अब शहर में किसी ने कचरे की शिकायत डाली तो उसे तीन घंटे में कर्मचारी को निपटान कर जवाब में फोटो अपलोड करना होगा कि शिकायत निपटा दी गई है। यदि ऐसा नहीं होता है तो संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।
नई मोबाइल एप के जरिए सीधे तौर पर अब स्थानीय निकाय को सफाई के लिए जवाबदेह बनने जा रहा है। ट्रायल मोड में चल रही इस मोबाइल एप की फिलहाल सभी स्थानीय निकाय के कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जानी शुरु कर दी गई है। इसे अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक शुरु करने की तैयारी है। प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज के आदेश के बाद स्थानीय निकाय में कचरे को उठाने से लेकर दो महीने पूर्व ही कचरे के डेटा कलेक्शन को लेकर एक मैनेजमेंट सिस्टम बनाने की बात कही थी। इसके बाद गारबेज कलेक्शन मॉडयूल और कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम डेवलेप कर ये एप बनाई गई है। वहीं इस मोबाइल एप के आने के बाद रोजाना प्रदेश के स्थानीय निकायों में बनाए गए कचरा प्रबंधन के प्लांट पर आने वाले कचरे का एक डेटा भी तैयार हो जाएगा कि रोजाना कितना कचरा किस शहर से उठाया जा रहा है और इसका कितना निष्पादन रोजाना किया जाता है।
निकायों की हो सकेगी रैंकिंग : इस एप के आने बाद स्वच्छता सर्वेक्षण की तर्ज पर ही स्थानीय निकायों की रैंकिंग भी की जा सकेगी कि शिकायत निवारण और कचरा निस्तारण में कौन जा जिला व स्थानीय निकाय सबसे आगे हैं। इस आधार पर पूरे प्रदेश का एक कचरा प्रबंधन सिस्टम ऑनलाइन तैयार हो जाएगा।