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103 साल की महिला के पेट से निकाला डेढ़ किलो का ट्यूमर

एक वर्ष पहले
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पीजीआई में 103 साल की बुजुर्ग महिला रूकमणि देवी के पेट से चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन कर डेढ़ किलो का ट्यूमर निकाला है। ट्यूमर महिला के पेट के ऊपरी हिस्से में था। असहनीय दर्द के अलावा महिला के पेट का आकार भी बढ़ता जा रहा था। पीजीआई चिकित्सकों के अनुसार इस उम्र में ट्यूमर क सफल ऑपरेशन मेडिकल साइंस की बड़ी उपलब्धि है। गांव करौंथा की 103 वर्ष की रूकमणि देवी को करीब 10 दिन पहले परिजनों ने पीजीआई में दाखिल कराया था। गायनी डिपार्टमेंट में सीनियर प्रोफेसर डॉ. पुष्पा दहिया ने बुजुर्ग मरीज रूकमणि की सीटी स्कैन जांच कराई। रिपोर्ट में उनके पेट में बड़े आकार का ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। इसके बाद परिजनों की सहमति से उनके ऑपरेशन की तैयारी हुई।

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60 साल की उम्र के बाद ऐसी सर्जरी में आती है दिक्कत: गायनी विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि 103 साल की बुजुर्ग महिला के पेट का आपरेशन कर ट्यूमर निकालना इसलिए भी अहम है क्योंकि अमूमन 60 साल की उम्र के बाद मरीज के गुर्दे, फेफड़े व अन्य अंग कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में आॅपरेशन होने से पहले मरीज की सभी जांच रिपोर्ट सामान्य नहीं आती और आपरेशन के लिए इंतजार करना होता है।

एक घंटे के ऑपरेशन में निकला ट्यूमटर, अब स्वास्थ्य में तेजी से सुधार: बुजुर्ग महिला के पेट में बड़े ट्यूमर का पता चलने के बाद एचओडी डॉ. स्मिति नंदा की गाइडेंस में ऑपरेशन की सभी तैयारी हुईं। सीनियर प्रोफेसर डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि आपरेशन करने के लिए बुजुर्ग महिला के सारे टेस्ट कराए गए, जिसकी सभी रिपोर्ट सामान्य अाई। एनेस्थीसिया टीम ने भी जांच के दौरान पहली बार में आपरेशन करने में सहमति दे दी। आपरेशन के दौरान बुजुर्ग रूकमणि के पेट के ऊपरी हिस्से तक ट्यूमर मिला। एक घंटे तक चले आपरेशन के बाद डेढ़ किलो से अधिक वजन का ट्यूमर निकाला गया। सफलतापूर्वक आपरेशन के बाद मरीज रूकमणि के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। सर्जरी करने वाली चिकित्सकों की टीम में गायनी विभाग से डॉ. पुष्पा दहिया, डॉ. कृष्णा दहिया, डॉ. श्वेता, एनेस्थीसिया विभाग की हेड डॉ. सविता सैनी, डॉ. रेनू ने सफल सर्जरी करने में अहम भूमिका अदा की।

अंडेदानी में कैंसर होने का रहता है खतरा : महिला चिकित्सक डॉ. पुष्पा दहिया बताती है कि वर्तमान समय में देखने में मिल रहा है कि 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की महिलाओं में अंडेदानी में कैंसर बीमारी मिल रही है। इस आयु वर्ग में महिला मरीज के अंडेदानी में कैंसर होने का खतरा अधिक रहता है। लेकिन बुजुर्ग महिला की अंडेदानी में रसौली थी। महिला को कैंसर का खतरा नहीं।

बुजुर्ग रुकमणि के साथ चिकित्सक।
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