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दुष्कर्म की कहानी में उलझ रही पुलिस, प्रेमी के धोखे पर केस दर्ज कराने के बाद शादी कर मुकर रहीं पीड़िताएं

एक वर्ष पहले
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पुलिस के सामने प्रेमी जोड़ों की आपसी खींचतान व दगाबाजी के कारण दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। पुलिस प्रेमी जोड़ों के सात फेरों के बंधन में बंधने से पहले उनकी दगाबाजी और दुष्कर्म की कहानियों में उलझ रही है। दरअसल पुलिस के सामने दुष्कर्म के कई मामलों में जो कहानी सामने आती है उसमें पीड़िता अपने को प्रेमी की दगाबाजी का शिकार बताते हुए उससे शादी कराने की बात कहती है। दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद दगाबाज प्रेमी भी सीधे रास्ते पर आ जाता है। जिसे अब तक धोखा दे रहा था उस प्रेमिका से शादी कर सात फेरों के वचन देता है। लेकिन पुलिस के सामने दिक्कत बढ़ जाती है। शिकायतकर्ता अपने पहले के बयानों से मुकरता है और पुलिस को एफआईआर कैंसिल करने से लेकर कोर्ट में दोनों पक्षों के आपसी समझौते तक के दस्तावेज दाखिल करने का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।

प्रेमियों के प्यार में शादी का मंत्र फूंक रही पुलिस : पुलिस के सामने कई बार रोचक स्थिति भी प्रेम के मामलों को लेकर आती है। एक केस से इस पेचीदगी को समझ सकते हैं। कुछ दिनों पहले रोहतक के महिला पुलिस थाना में एक युवती पहुंची। उसने बताया कि परिवार वाले उसकी शादी झज्जर के एक युवक के साथ तय करना चाहते हैं। लेकिन वो किसी दूसरे युवक से प्यार करती है। लड़की ने बताया कि वो झज्जर के युवक को अपनी सारी कहानी बता चुकी है लेकिन वो रिश्ता नहीं तोड़ना चाहता। पुलिस ने युवती के परिवार वालों को थाने बुलाया। लड़की वाले थाने पहुंचे लेकिन सारी बात जानने के बाद लड़की को अपने साथ ले जाने से मना कर दिया। पुलिस ने इसके बाद युवती के प्रेमी को बुलाया। प्रेमी ने भी परिवार की सहमति के बगैर युवती से शादी से मना कर दिया। तक पुलिस ने युवती की शिकायत पर युवक के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया। कुछ पुलिस वालों ने युवक को समझाया कि युवती से दगाबाजी महंगी पड़ेगी। युवक उस युवती से शादी के लिए तैयार हुआ। बाद में दुष्कर्म की एफआईआर भी कैंसिल हुई।

ऐसे मामलों में केस दर्ज होने के तुरंत बाद ही दोनों पक्षों की शादी को लेकर रजामंदी हो जाती है। फिर दोनों पक्ष समझौता कर लेते है। इन मामलों में पुलिस का बिना किसी वजह के टाइम खराब होता और पुलिस को असली पीड़ितों को न्याय दिलाने में दिक्कत आती है। ऐसे में युवाओं को सोच समझकर कदम उठाना चाहिए।
-सुशीला, डीएसपी महिला थाना।

केस नंबर 3. अक्टूबर 2018 में हिसार थाना पुलिस को एक युवती ने शिकायत दी थी कि झज्जर के एक गांव के युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। अब युवक ने उससे शादी करने से इंकार कर दिया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया। पुलिस जांच में पता चला कि युवती एक बच्ची को जन्म दे चुकी थी। लड़के परिजनों को जब इस संबंध में पता चला तो उन्होंने लड़की और लड़की की शादी करवा दी। मामला हाल में भी कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है।

केस नंबर 2. महिला थाना में दिसंबर 2019 में एक मामला सामने आया। रोहतक की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ते वक्त एक युवक और युवती के बीच प्रेम प्रसंग हो गया। युवक आर्मी में भर्ती हो गया। नौकरी लगने के बाद युवक ने युवती से शादी करने से मना कर दिया। युवती ने इस मामले में युवक के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। पुलिस ने आर्मी के पास अधिकारियों के साथ चिट्ठी भेजकर युवक को वहां से बुलाया। इसके बाद युवक ने युवती से शादी रचाई। अब मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है।

इन तीन केस से समझें प्रेम व दगाबाजी के बाद थाने में ही निकली शादी की डगर

केस नंबर 1. फरवरी 2020 में महम थाना एरिया में एक युवक और युवती दोनों कॉलेज में इकट्ठे पढ़ते थे। दोनों के बीच आपस में प्रेम प्रसंग था। कुछ समय बाद लड़की के परिजनों ने उसकी झज्जर के एक गांव के युवक के साथ शादी तय कर दी। लड़की को ये रिश्ता पसंद नहीं था। रिश्ते को तोड़ने के लिए युवती ने पहले अपने मंगेतर के पास फोन कर उसे अपने अफेयर के बारे में बताया, लेकिन लड़के ने रिश्ता नहीं तोड़ा। इसके बाद लड़की ने अपने प्रेमी के खिलाफ महिला थाना में केस दर्ज करवा दिया। लड़के और लड़की के परिजनों को दोनों के प्रेम प्रसंग के बारे में पता चला। लड़की ने केस दर्ज करवाने के बाद अस्‍पताल में मेडिकल प्रशिक्षण करवाने से मना कर दिया। लड़की के परिजनों ने लड़की को उसके प्रेमी के खिलाफ बयान देने का दबाव बनाया। लेकिन लड़की ने अपने प्रेमी के खिलाफ बयान देने से मना कर दिया। परिजन उससे थाने में ही छोड़कर चले गए थे। लड़का पक्ष शादी के लिए तैयार हो गया। लड़की ने अपने प्रेमी के साथ शादी कर ली। लड़की के बयानों से मुकरने के बाद पुलिस ने एफआईआर कैंसिल कर दी।
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