जिंदा रहो-ऑर्गन डोनेट के बाद भी...
नमक कम खाने व पानी ज्यादा पीने के फायदे बताए: डेंटल कॉलेज के स्टूडेंट्स ने नुक्कड़ नाटक में नमक कम खाने और पानी ज्यादा पीने के फायदे बताए। किडनी जांच शिविर में 200 रोगियों की जांच भी की गई। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल, डीन डॉ. सरिता मगगू, डीन एकेडमिक अफेयर डॉ. एसएस लोहचब, डॉ. गजेंद्र सिंह, मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. वीके कत्याल, नोडल अधिकारी डॉ. दीपक जैन, विभागाध्यक्ष डॉ. मंजूनाथ, डॉ. संदीप, डॉ. श्वेता, डॉ. आदर्श, डॉ. विपुल मौजूद रहे।
पांचवीं स्टेज पर भी इलाज संभव
लेक्चर थियेटर वन में आयोजित व्याख्यान में कुलपति ओपी कालरा ने कहा कि किडनी के इलाज में पांच स्टेज होती हैं और पांचवीं स्टेज पर पहुंचने पर भी किडनी का इलाज संभव है।
आर्ट बेस्ट टाॅनिक बीडीएस की मनीषा ने बताया कि आपके आसपास काफी नेगेटिव एनर्जी होती है। इन सभी के बीच माइंड को रिफ्रेश रखना बहुत जरूरी है और आर्ट बेस्ट टॉनिक है।
मरीज किए मोटिवेट
काले मोतिया के प्रति किया जागरूक: ग्लूकोमा क्लीनिक में काले मोतिया के प्रति पोस्टरों व पंपलेट बांटकर जागरूक किया। अध्यक्ष डॉ. मनीषा राठी ने रेडियो पर व्याख्यान दिया। डॉ. सुमित सचदेवा ने ग्लूकोमा के बारे में जानकारी दी।
सिटी रिपोर्टर} पहले लेक्चर अटैंड करना, फिर मरीज देखना, इसके बाद देर रात तक पढ़ाई करना। ऐसे इवेंट के जरिए ही वह अपनी भूख काे शांत करते हैं। दो दिन पहले टास्क मिला, थोड़ा सोचा और ऑर्गन ट्रांसप्लांट पर आइडिया ज्यूरी को काफी पसंद आया। यह कहना है बीएससी नर्सिंग की छात्रा नीतू का। वह पोस्टर मेकिंग कॉम्पीटिशन में फर्स्ट आई। मनीषा ने दूसरा अमनदीप ने तीसरा स्थान हासिल किया। मौका रहा वर्ल्ड किडनी-डे पर गुरुवार को हेल्थ यूनिवर्सिटी की ओपीडी में पोस्टर एग्जीबिशन का। इसमें जिंदा रहो-ऑर्गन डोनेट करने के बाद भी जैसे मैसेज लिखकर मरीजों को मोटिवेट किया। इससे पहले सुश्रुत ऑडिटोरियम में हुए पोस्टर मेकिंग कॉम्पीटिशन हुआ। इसमें बीडीएस के साथ एमबीबीएस और नर्सिंग स्टूडेंट्स ने हुनर दिखाया।