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काेराेना से बचाव के लिए नैपकिन पेपर से मास्क बनाना सिखाया

एक वर्ष पहले
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कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे के मद्देनजर भारतीय साहित्य व इतिहास शोध पीठ के सौजन्य से एक विचार गोष्ठी प्रेमनगर में आयोजित की गई। इसमें कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे पर चर्चा करते हुए समाज के लेखकों व बुद्धिजीवियों ने इससे बचने के उपायों एक प्रकाश डाला। चीन के वुहान शहर से कई देशों में फैल रही कोरोना वायरस फैली जानलेवा महामारी के बारे में लोगों को जागरूक करने की मुहिम समाज के जागरूक लोगों की भागीदारी से शुरू करने का निर्णय लिया गया। गोष्ठी में समाजसेवी कैप्टन जगबीर मलिक ने बताया कि काफी संख्या में मास्क, हैंडवाश व सेनेटाइजर की बिक्री बढ़ गई है। इनके दाम भी चार पांच गुना अधिक कर दिए गए हैं। भारतीय साहित्य व इतिहास शोध पीठ के निदेशक जसबीर सिंह मलिक ने उपस्थित जनों को कुछ सेकंडों में नैपकिन से मास्क बनाना सिखाया। दो नैपकिन पेपर एक साथ रखकर उसके दोनों सिरों को इकट्ठा कर दो बड़े रबर बेंड से स्टेपल कर तुरन्त मास्क तैयार कर सबको निशुल्क वितरित किए। वक्ताओं की ओर से प्रशासन व सरकार से भी अनुरोध किया गया कि किसी भी अनहोनी बीमारी के वायरस फैलने से रोकने के लिए बड़े जलसे, जुलूसों व बैठकों ,भीड़ वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजनों पर एहतियात बरतते हुए पाबन्दी लगाएं। हर विदेश से आए हुए की आवश्यक जांच जरूर करवाई जाए। बीमारी फैलने से पूर्व इसकी रोकथाम करना प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य बनता है कि अपने आप के अतिरिक्त अपने घर,गली मोहल्ले को भी साफ सुथरा व स्वच्छ रखें। इस अवसर महावीर शास्त्री ने कहा कि होली पर चीन के बने रंगों गुलालों पिचकारियों का प्रयोग ना करें। भारत में बने रंगों और गुलालों का ही प्रयोग कर सौहार्दपूर्ण भाईचारे के साथ होली खेलें। संगोष्ठी में उपस्थित बुद्धिजीवियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज भारद्वाज व मांगेलाल गुप्ता के निधन पर दाे मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित मुख्य रूप से आकाशवाणी के पूर्व डायरेक्टर धर्मपाल मलिक, सुरेश देसवाल, राजवीर सिवाच, कैप्टन जगबीर मलिक, पूर्व बैंक मैनेजर राजवीर मलिक, महावीर धीर,जसबीर सिंह मलिक व राजबीर राज्याण आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

मास्क के बारे में जानकारी देते समाजसेवी।
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