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देश में दस हजार नए किसान उत्पादक समूह बनेंगे

एक वर्ष पहले
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जिले में किसान क्लब के सदस्यों की ओर से नए उत्पादक समूह बनाने के लिए गुरुवार को जागरूकता कार्यशाला का आयोजन नाबार्ड द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से किया गया। उद्घाटन डॉ. मीना सिवाच वरिष्ठ संयोजक कृषि विज्ञान केंद्र ने किया। उन्होंने बताया कि उत्पादक समूहों से किसानों के लिए सभी योजनाएं एवं तकनीकी जानकारियां भी किसानों को एक साथ सस्ते दरों पर उपलब्ध करवाई जा सकती हैं। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक विजय राणा ने कहा कि कृषि भूमि का रकबा एवं आय घट रही है। इसलिए किसानों को खेती के साथ संबंधित गैर परंपरागत क्षेत्रों जैसे कि बागवानी, मशरूम, मत्स्य पालन एवं जैविक खेती की तरफ अग्रसर होने की जरूरत है। भारत सरकार अगले 5 वर्षों में देश में 10 हजार नए किसान उत्पादक समूहों को बनाएगी। इन समूहों को सक्षम बनाने के लिए सरकार की तरफ से पूरी वित्तीय मदद दी जाएगी। नाबार्ड भी इस वर्ष 3 नए किसान उत्पादक समूहों के गठन में मदद कर रहा है। कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में धीरे-धीरे सभी सब्सिडी सुविधाएं किसानों को किसान उत्पादक समूहों के माध्यम से ही मिलेगी। उन्होंने किसानों की सहायता के लिए नाबार्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. यशपाल सोलंकी ने गेहूं, धान तथा अन्य फसलों के विभिन्न बीजों के बारे में बताया। साथ ही अगेती एवं पछेती खेती के बीजों के बारे में किसानों को अवगत कराया। उन्होंने बीज उपचार की विधि के बारे में भी बताया। कार्यक्रम में युवा शक्ति से सुखबीर सिंह एवं जिले के विभिन्न किसान क्लब के 50 सदस्यों
ने भाग लिया।

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