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स्वाइन फ्लू में पहले कैलिफोर्निया तो अब मिशिगन स्टेन वायरस के लक्षण, डॉक्टर भी तुरंत नहीं कर पा रहे पुष्टि

Rohtak News - स्वाइन फ्लू का वायरस इस बार डॉक्टरों को भी चौंका रहा है। पिछले साल आए कैलिफोर्निया स्टेन के वायरस के साथ इस बार...

Bhaskar News Network

Jan 14, 2019, 04:26 AM IST
Rohtak News - haryana news the first california in swine flu now is the symptoms of michigan stain virus the doctor can not even immediately confirm
स्वाइन फ्लू का वायरस इस बार डॉक्टरों को भी चौंका रहा है। पिछले साल आए कैलिफोर्निया स्टेन के वायरस के साथ इस बार मिशिगन के भी लक्षण नजर आ रहे हैं। इसे लेकर डॉक्टर भी तुरंत स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। वायरस का पूरी तरह से सर्वे ना होने के चलते डॉक्टर सिर्फ इसे एच1एन1 तक ही सीमित रख रहे हैं, जबकि इस बार स्वाइन फ्लू का वायरस बदलाव के साथ आया है। हालांकि इस बार वायरस के स्टेन मिशिगन ही है, जो पिछले साल थे। इस बार आया वायरस कम घातक है और यह 7-8 दिन संक्रमण रहने पर भी मरीज को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा रहा। जबकि पहले 48 घंटे में ही निमोनिया हो जाता था। यही वजह है कि इस बार स्वाइन फ्लू डायग्नोस करने को लेकर डॉक्टर उलझन में पड़े हैं। पीजीआईएमएस और सिविल अस्पताल में मरीज खांसी-जुकाम व स्वाइन फ्लू के अन्य लक्षणों की लंबी हिस्ट्री लेकर आ रहे हैं।

विशेषज्ञों ने कहा- लंबी खांसी और जुकाम होने पर अब स्वाइन फ्लू के दायरे में आने से डॉक्टर उलझन में

इन कारणों से बढ़ी उलझन

आम तौर पर खांसी-जुकाम होने के बाद 2-3 दिन में तबीयत ज्यादा नहीं बिगड़ती तो पेशेंट और डॉक्टर निश्चिंत हो जाते हैं कि मरीज को सामान्य वायरल है, स्वाइन फ्लू नहीं है। इस नए बदलाव के बाद ऐसा नहीं रह गया। यदि मरीज 5 से 10 दिन तक भी खांसी-जुकाम से पीड़ित हैं और उसमें स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आते हैं तो उसका स्वाइन फ्लू टेस्ट कराया जा सकता है। इस बदलाव की वजह से उलझन होने की बजाय बेहतर यह है कि मरीज की निगरानी करते हुए लक्षणों के आधार पर टेमी फ्लू दी जाए, ताकि मरीज को बाद में होने वाली पेचीदगी से बचाया जा सके।

जिले में अब तक पांच पॉजिटिव : डॉ. बिरला


वायरस में ये मिला अंतर

स्वाइन फ्लू के वायरस का पहले कैलिफोर्निया स्टेन था, लेकिन पिछले साल मिशिगन स्टेन आ गया। यह कई तथ्यों से साबित हो चुका है कि नया वायरस कम घातक है और इसकी मारक क्षमता कम है। नया वायरस स्टेन है, लिहाजा इसके प्रति लोगों में इम्युनिटी विकसित नहीं हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि आबादी का 60 प्रतिशत हिस्सा संक्रमित हो जाता है तो फिर वह वायरस निष्क्रिय हो जाता है और मेडिकल साइंस इसे हार्ड इम्युनिटी मानती है। नए वायरस को आए एक साल ही हुआ है। इसलिए जैसे-जैसे लोगों में इसे लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी, वैसे ही यह भी निष्क्रिय हो जाएगा, लेकिन यह पुख्ता बात है कि इस साल तो इसका असर पूरा रहेगा।

कैलिफोर्निया स्टेन के मिले थे लक्षण : डाॅ. ध्रुव


-डॉ. ध्रुव चौधरी, नोडल आफिसर, पीजीआईएमएस।

अब तक मरीजों की संख्या 119

पीजीआईएमएस और सिविल अस्पताल में मरीज खांसी-जुकाम व स्वाइन फ्लू के अन्य लक्षणों की लंबी हिस्ट्री लेकर आ रहे हैं। आम तौर पर स्वाइन फ्लू में लंबी हिस्ट्री नहीं होती और 2 से 3 दिन खांसी जुकाम के बाद मरीज निमोनिया जैसी स्टेज पर आ जाता है। अब तक 119 मरीज पीजीआईएमएस में पहुंच चुके हैं। इनमें अधिकतर हिसार-हांसी, कैथल, फतेहाबाद, सिरसा और भिवानी के जिलों से ही आए हैं। इनमें से 61 के सैंपल में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो पाई है। वहीं रोहतक शहर में अब तक दो परिवारों के पांच लोगों को ही स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया है। अब तक पॉजिटिव आए करीब 21 केस ऐसे आए हैं, जिसमें से ज्यादातर में कुछ इसी तरह की लंबी हिस्ट्री सामने आई है। मरीज को कई दिनों तक खांसी, जुकाम, बुखार रहा और फिर सांस में कुछ तकलीफ के बाद डॉक्टर को दिखाने पहुंचे। इतने दिन बाद भी टेमी फ्लू ने असर दिखाया।

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