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पटवापुर का वाटर वर्क्स गंदगी से भरा ग्रामीण बोले, 6 साल से साफ नहीं किए

Rohtak News - गांव पटवापुर में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाए गए वाटर वर्क्स की सफाई नहीं होने के कारण घरों में गंदे पानी की...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:00 AM IST
Kalanaur News - haryana news water works of patwapur the villagers filled with dirt did not clean for 6 years
गांव पटवापुर में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाए गए वाटर वर्क्स की सफाई नहीं होने के कारण घरों में गंदे पानी की सप्लाई आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वाटर वर्क्स की सफाई हुए 6 साल से ज्यादा बीत चुके हैं। लेकिन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिस कारण तीन हजार की आबादी वाले गांव में पीने के पानी की गंदी सप्लाई आ रही है। वाटर वर्क्स का बेड भी खस्ता हालत में पहुंच गया है। हालांकि जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में 3 वाटर टैंक बनाए गए है। वहीं स्वच्छ जल ग्रामीणों को मिल सके इसके लिए 4 वाटर फिल्टर भी लगाए गए है, जो सफाई के अभाव में पूरी तरह चोक हो चुके है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अंदर जलघर के एक टैंक की सफाई पिछले साल जेसीबी की सहायता कैसे करवाई गई थी। जिसके कारण उसका बेड टूट चुका है और यह दो टाइप बचे इसमें 2 टैंकों में हरा घास उगा हुआ है और नीचे गंदगी से पानी में बदबू आनी शुरू हो गई है। जिसके कारण गंदा पानी ग्रामीणों को सप्लाई किया जा रहा है। गांव में पीने के पानी के लिए दूर हैंडपंप से पानी लाया जाता है।

ग्रामीण इंद्रजीत ने बताया कि गांव में पानी की किल्लत है। 3 दिन में एक बार सप्लाई दी जा रही है। जो पानी ग्रामीणों कोे उपलब्ध करवाया जा रहा है वह साफ नहीं मिल रहा।

कलानौर के गांव पटवापुर के वाटर वर्क्स में भरी गंदगी को दिखाते ग्रामीण।

टैंक में मिट्‌टी भरी

ग्रामीण धर्मबीर ने बताया कि टैंक में 3 फीट मिट्टी भरी हुई हैै। इस टैंक को साफ हुए तकरीबन 8 से 10 साल हो गए हैं। जो विभाग की ओर से कभी साफ नहीं करवाया गया और ऐसे ही पानी टैंक के अंदर स्टोर किया जा रहा है। जलघर में विभाग की ओर से दो ट्यूबवेल लगाए गए हैं, जिसमें से एक खराब दूसरा चालू है। जिसका पानी भी मीठा नहीं है।

मजदूर नहीं मिले : सरपंच राकेश ने बताया कि जलघर के 2 टैंकों की सफाई पहले ग्रामीणों के सहयोग से करवाई जा चुकी है। मनरेगा के तहत गांव में मजदूर नहीं मिलने के कारण बचे हुए टैंक की सफाई नहीं हो पा रही है। जिसका एस्टीमेट बना पिछले साल भी दे चुके थे। जो पास होकर 1,60,000 रुपए आया था और अब दोबारा विभाग को अवगत करवा दिया गया है जल्द टैंकों की सफाई करवाई जाएगी।

टेंडर लगाए जाएंगेे : एसडीओ वीरेंद्र जैन ने बताया कि पहले आचार संहिता लगी हुई थी, जिसके कारण काम नहीं हो पाया था। अब टेंडर लगाए जाएंगे। जिसके अनुसार जल्द टैंकों की सफाई करवाई जाएगी। जो गांव वालों की पानी को लेकर समस्या है। उसका जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।

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