बजट से एक दिन पहले / निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने हरियाणा सरकार से समर्थन वापसी का ऐलान किया

Independent MLA Balraj Kundu announced withdrawal of support from Haryana government
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Independent MLA Balraj Kundu announced withdrawal of support from Haryana government

  • बोले- भ्रष्ट सरकार को समर्थन करने वाले मुख्यमंत्री से समर्थन वापस लेता हूं
  • कुंडू ने पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर पर लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप
  • कुंडू के समर्थन वापसी के बाद भी खट्‌टर सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा 

दैनिक भास्कर

Feb 27, 2020, 06:37 PM IST

पानीपत/चंडीगढ़. हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार में निर्दलीय विधायकों में फूट शुरू हो गई है। गुरुवार को महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने सरकार से समर्थन वापसी का ऐलान कर दिया। कुंडू ने कहा कि वे भ्रष्ट सरकार को समर्थन करने वाले मुख्यमंत्री से अपना समर्थन वापस लेते हैं। कुंडू ने पूर्व की भाजपा सरकार में सहकारिता मंत्री रहे मनीष ग्रोवर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर जांच की मांग की थी। इसी विवाद के चलते उन्होंने समर्थन वापस लेने का ऐलान किया है। वहीं सीएम खट्‌टर ने इस मामले पर कहा है कि हम कुंडू से बात करेंगे। बिना सुबूत के किसी के भी खिलाफ जांच के आदेश कैसे दिए जा सकते हैं। 

कुंडू की शिकायत पर विज ने एसआईटी गठित की थी

रोहतक के पूर्व विधायक मनीष ग्रोवर पर विधायक बलराज कुंडू ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। कुंडू का आरोप था कि सहकारिता मंत्री रहते हुए मनीष ग्रोवर ने शुगर मिल से शीरे का घोटाला किया था। इसके अलावा रोहतक नगर निगम में भी भ्रष्टाचार किया। उन्होंने कहा था कि सरकार ने मनीष ग्रोवर पर कार्रवाई नहीं की तो वे समर्थन वापस ले लेंगे। इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री अनिल विज को शिकायत दी थी। जिस पर विज ने एक एसआईटी गठित कर दी थी। 

सदन में सीएम के बयान देने पर भड़के कुंडू
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। गुरुवार को बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए सीएम मनोहर लाल खट्टर बोल रहे थे। स्वास्थ्य खराब होने की वजह से बलराज कुंडू सदन से जा चुके थे। हालांकि, जब उन्होंने देखा कि सीएम मनीष ग्रोवर के मामले पर बोल रहे हैं तो वे घर से वापस सदन पहुंच गए। कुंडू ने कहा था कि जब मनीष ग्रोवर का शीरा का व्यापार है तो उन्हें सहकारिता विभाग क्यों दिया गया? इस पर सीएम मनोहर ने कहा कि जो व्यक्ति जिस पेशे से जुड़ा हुआ है, उसे वो विभाग दे देना कोई गलत नहीं है। इस पर बलराज कुंडू ने सीएम से कहा कि आप तो मनीष ग्रोवर को क्लीन चिट दे रहे हैं। इस पर सीएम ने कहा कि आप कोर्ट चले जाओ।  

कुंडू ने सरकार को बताया भ्रष्ट
सदन से बाहर आकर बलराज कुंडू ने कहा कि एसआईटी गठित होने के बाद भी सीएम मनीष ग्रोवर पर लगे आरोपों को स्पष्टीकरण देने में जुटे थे। लेकिन जिस प्रकार सीएम ने सदन में जवाब दिया, मैं उससे आहत हूं। मुझे इस बात का अफसोस है कि आज की राजनीतिक किस स्तर पर जा रही है। ईमानदारी की बात एक भाषण मात्र रह गई है। मैंने समर्थन ईमानदार सरकार और ईमानदार सीएम को दिया था। मैं ऐसी भ्रष्ट सरकार को अपना समर्थन नहीं दे सकता। अपना समर्थन वापस लेता हूं और शुक्रवार को अपना समर्थन वापसी का पत्र स्पीकर और राज्यपाल को दे दूंगा। 

विवाद के एक वजह यह भी मानी जा रही
इस विवाद की एक जड़ मंत्री पद भी माना जा रहा है। हरियाणा सरकार ने निर्दलीय विधायकों में सिर्फ रणजीत सिंह को मंत्री पद दिया था। इसके अलावा 4 विधायकों को बोर्ड का चेयरमैन बना दिया था। कुंडू मंत्री पद की रेस में थे लेकिन पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के चलते उनका पत्ता कट गया। इस वजह से दोनों के बीच खटास पैदा हुई। बलराज कुंडू विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में ही थे। भाजपा ने उनकी टिकट काटी तो पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव में खड़े हुए और जीत दर्ज की। 

कुंडू ने समर्थन वापस लिया तो भी सरकार पर कोई फर्क नहीं

हरियाणा में विधानसभा चुनाव में भाजपा को 40 सीटें, जजपा को 10, निर्दलीय 7, इनेलो को 1, हलोपा को 1 और कांग्रेस को 31 सीटें मिली थी। भाजपा ने निर्दलीय 7 और जजपा के 10 विधायकों के साथ मिलकर 57 के आंकड़े के साथ सरकार बनाई थी। कुंडू के समर्थन वापसी के बाद सरकार के पास 56 विधायक रह जाएंगे। हरियाणा में बहुमत का आंकड़ा 46 का है। ऐसे में कुंडू के समर्थन वापस लेने से सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 

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