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एयरफोर्स भर्ती / हैक सेंटर में परीक्षा दे रहे 4 जिलों के युवकों में से ज्यादातर ने रोहतक में ही की थी तैयारी



  • खेल का मास्टर माइंड एकेडमी संचालक जितेंद्र सिवाच 10 सॉल्वरों की टीम के साथ हल करा रहा था भर्ती का पेपर
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 02:35 PM IST

रोहतक. एयरफोर्स भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा के फर्जीवाड़े में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पूरे खेल का मास्टरमाइंड एकेडमी संचालक जितेंद्र सिवाच था। उसने ही परीक्षार्थियों से पास कराने की सेटिंग कराने से लेकर पेपर सॉल्वर तक का बंदोबस्त किया था। 


रोहतक के हिसार रोड पर बने एग्जाम सेंटर के पास अस्पताल की बिल्डिंग में बनाए गिरोह के ऑपरेटर रूम से पेपर का डाटा गुड़गांव में आदित्य को नहीं, जितेंद्र सिवाच को भेजा जा रहा था। आदित्य तो एयरफोर्स पुलिस की अस्पताल में रेड से कुछ मिनट पहले तक वहीं था।

 

जितेंद्र ही 10 सॉल्वर की टीम के साथ पेपर के आंसर सेट कर उन्हें डेटा वापस ऑपरेटर रूम में भेज रहा था। पुलिस ये पता नहीं लगा पाई कि जितेंद्र सिवाच ये सारा खेल कहां बैठकर कर रहा था। एयरफोर्स पुलिस ने जिस सेंटर में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है, उसमें प्रदेश के 4 जिलों से अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे थे।

 

इनमें रोहतक, झज्जर, भिवानी और सोनीपत के युवक शामिल थे। ये भी पता चला कि इनमें से अधिकतर अभ्यर्थी रोहतक में ही रहकर विभिन्न एकेडमी में पेपर की तैयारी कर रहे थे। रोहतक पुलिस के हाथ शहर के कुछ अन्य एकेडमी संचालकों के इस खेल में शामिल होने के बारे में इनपुट मिले हैं, लेकिन अभी तक जितेंद्र सिवाच की गिरफ्तारी होने से पुलिस इन कड़ियाें को नहीं जोड़ पाई। 

 

दिल्ली और गुड़गांव में पुलिस टीम कर रही छापेमारी : पुलिस श्रीकृष्णा एकेडमी संचालक जेएस दहिया, उसके पार्टनर संजय अहलावत, एकेडमी संचालक जितेंद्र सिवाच और आदित्य की तलाश में दिल्ली और गुड़गांव स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। वहीं पुलिस टीम ने गिरोह में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने के पुलिस की साइबर सैल की टीम भी काम कर रही है। हालांकि पुलिस की टीम इस गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाब नहीं हो पाई।

 

दो युवक ऑपरेट कर रहे थे 5 लैपटॉप
13 सितंबर शाम की शिफ्ट में एयरफोर्स पुलिस व रोहतक पुलिस की एक टीम ने सेंटर के साथ लगती अपोलो अस्पताल की बिल्डिंग पर छापा मारकर दो युवकों काे काबू किया था, जिनसे 5 लैपटाॅप व अन्य इंटरनेट से संबंधित उपकरण बरामद हुए थे। दोनों युवकों ने एग्जाम सेंटर के कंप्यूटरों से केट 6 केबल कनेक्ट कर अपने लैपटॉप उनसे जोड़ रखे थे। उन कम्प्यूटर को ये अपने लैपटाॅप पर रिमोट पर लिए हुए थे। उसका डेटा कहीं ट्रांसफर कर रहे थे। बाद में आंसर समेत आए डेटा को परीक्षा सेंटर के कंप्यूटरों के आईपी एड्रेस पर अपलोड कर रहे थे।

 

टीम के छापे से 10 मिनट पहले हार्दिक को 500 रुपए दे निकला था आदित्य 
पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपी हार्दिक ने पुलिस पूछताछ में बताया कि जिस वक्त एयरफोर्स पुलिस और रोहतक पुलिस की टीम उनके पास पहुंची। उससे कुछ मिनट पहले तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य सेंटर पर ही था। टीम के छापे से कुछ देर पहले ही वो हार्दिक को जेब खर्च के 500 रुपए देकर निकला था। हार्दिक ने बताया कि वो आदित्य की गुड़गांव के लाजपत नगर स्थित दुकान पर 12 हजार रुपए के महीने के हिसाब से काम करता था। पेपर से एक रात पहले ही आदित्य उसे रोहतक लाया था। गुरुवार की सुबह उसकी और एकेडमी संचालक की गाड़ी चलाने वाले सोमबीर ने ड्यूटी लगाई थी कि उन्हें परीक्षा सेंटर के रिमोट पर लिए सभी सिस्टमों को ऑपरेट करना है। 
 

इन लोगों के नाम आ चुके हैं सामने
एयरफोर्स की ऑनलाइन परीक्षा फर्जीवाड़े मामले में जितेंद्र सिवाच, श्रीकृष्णा एकेडमी संचालक जेएस दहिया, उसके पार्टनर संजय अहलावत, आदित्य के नाम सामने आ चुके हैं। जितेंद्र सिवाच का भिवानी में हुए एक परीक्षा फर्जीवाड़े में नाम आ चुका है। इसके अलावा पुलिस अन्य आरोपियों के पुराने रिकाॅर्ड की जांच करने में जुटी हुई है।

 

एयरफोर्स के पेपर फर्जीवाड़े मामले में पकड़े गए आरोपी आदित्य और सोमबीर से रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है। आराेपी जेएस दहिया, संजय अहलावत, जितेंद्र सिवाच और आदित्य, साहिल की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। 
-इंस्पेक्टर जगबीर कादयान, प्रभारी थाना शहर। 
 

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