राजनीति / मोदी मंत्रिमंडल में फिर शामिल हुए कृष्णपाल गुर्जर और राव इंद्रजीत, कटारिया को भी मौका मिला



सूचना मिलने पर गुर्जर को उनके कार्यालय में मिठाई खिलाते हुए उनके समर्थक। सूचना मिलने पर गुर्जर को उनके कार्यालय में मिठाई खिलाते हुए उनके समर्थक।
pm modi new cabinet krishnapal gurjar and rao indrajeet to be the part of new team
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सूचना मिलने पर गुर्जर को उनके कार्यालय में मिठाई खिलाते हुए उनके समर्थक।सूचना मिलने पर गुर्जर को उनके कार्यालय में मिठाई खिलाते हुए उनके समर्थक।
pm modi new cabinet krishnapal gurjar and rao indrajeet to be the part of new team

  • 2014 में भी हरियाणा से दोनों सांसदों को बनाया गया था राज्यमंत्री, इस बार फिर से मिला मौका
     

Dainik Bhaskar

May 30, 2019, 10:19 PM IST

पानीपत। फरीदाबाद के सांसद कृष्ण पाल गुर्जर और गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत के साथ-साथ अम्बाला सांसद रत्नलाल कटारिया भी मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए। गुर्जर और इंद्रजीत 2014 में भी मंत्रिमंडल का हिस्सा थे और राज्यमंत्री थे। कृष्ण पाल गुर्जर ने इस बार 6 लाख 38 हजार 239 वोट के अंतर से हरियाणा की दूसरी सबसे बड़ी जीत हासिल की है। वहीं राव इंद्रजीत ने 386256 वोट के मार्जन से जीत हासिल की थी। 

 

ये है गुर्जर का राजनीति कैरियर
चार फरवरी 1957 को फरीदाबाद जिले के मेवला महाराजपुर गांव में जन्म हुआ। 1978 में फरीदाबाद के नेहरू कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। वर्ष 1977-78 में नेहरू कॉलेज छात्रसंघ के महासचिव बने। इसके बाद मेरठ यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की। 1994 से सक्रिय राजनीति, नगर निगम के पार्षद बने। 1996 में भाजपा की टिकट पर मेवला महाराजपुर विधानसभा से विधायक। हरियाणा विकास पार्टी और भाजपा गठबंधन की सरकार में परिवहन मंत्री बने। 2000 में मेवला महाराजपुर से फिर विधायक बने। भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए। 2005 में महेंद्र प्रताप सिंह से मेवला महाराजपुर विधानसभा का चुनाव हारे।  2009 में तिगांव विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते। 2009 से 2013 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। 2014 में 4,66,873 मतों से लोकसभा चुनाव जीतकर इतिहास बनाया।

 

ये है राव इंद्रजीत का राजनीतिक कैरियर

राव इंद्रजीत का जन्म 11 फरवरी 1950 को राव बीरेंद्र सिंह के घर हुआ। वे महज 26 साल के थे जब वे विधायक बन गए थे। राजनीति उन्हें विरासत में मिली थी। उनके पिता हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री थे। इंद्रजीत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने 1977 में पहला चुनाव लड़ा था। इसके बाद वे 1982 और 1987 में भी विधायक बने। 1977 में ही वे पिता बीरेंद्र सिंह की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए थे। वर्ष 2013 में उन्होंने कांग्रेस से दूरी बनाते हुए पार्टी छोड़ दी और भाजपा का दामन थाम लिया। 1977 को गुड़गांव को महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र में शामिल किया गया था। 2009 में गुड़गांव को अलग लोकसभा क्षेत्र बनाया गया। इस सीट पर राव इंद्रजीत लगातार 15 साल से सांसद है। 

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