शहादत / 2002 में आतंकियों से लड़ते शहीद हुए थे संदीप के ताऊ, उन्हीं के शहीदी स्थल पर हुआ अंतिम संस्कार

Dainik Bhaskar

May 18, 2019, 10:03 AM IST


शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए पुलिस के अधिकारी। शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए पुलिस के अधिकारी।
शहीद को सलामी देते हुए पुलिस के जवान। शहीद को सलामी देते हुए पुलिस के जवान।
शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लेकर आते हुए सेना के जवान। शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लेकर आते हुए सेना के जवान।
शहीद संदीप के उसके बड़े भाई ने दी मुखाग्नि। शहीद संदीप के उसके बड़े भाई ने दी मुखाग्नि।
घर में विलाप करते हुए महिलाएं। घर में विलाप करते हुए महिलाएं।
शहीद संदीप। (फाइल) शहीद संदीप। (फाइल)
शहीद के अंतिम दर्शन करने पहुंचे लोग। शहीद के अंतिम दर्शन करने पहुंचे लोग।
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शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए पुलिस के अधिकारी।शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए पुलिस के अधिकारी।
शहीद को सलामी देते हुए पुलिस के जवान।शहीद को सलामी देते हुए पुलिस के जवान।
शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लेकर आते हुए सेना के जवान।शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लेकर आते हुए सेना के जवान।
शहीद संदीप के उसके बड़े भाई ने दी मुखाग्नि।शहीद संदीप के उसके बड़े भाई ने दी मुखाग्नि।
घर में विलाप करते हुए महिलाएं।घर में विलाप करते हुए महिलाएं।
शहीद संदीप। (फाइल)शहीद संदीप। (फाइल)
शहीद के अंतिम दर्शन करने पहुंचे लोग।शहीद के अंतिम दर्शन करने पहुंचे लोग।

  • पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए थे महम के संदीप
  • सदीप के ताऊ भी जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे, उन्हीं से प्रेरणा लेकर संदीप सेना में भर्ती हुआ था

महम (रोहतक). जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए रोहतक के बहलंबा गांव के जवान संदीप का शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। शहीद का अंतिम संस्कार उनके ताऊ सुमेर सिंह के शहीदी स्थल पर किया गया। सुमेर सिंह मलिक बीएसएफ में थे। वर्ष 2002 में जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। उन्हीं से प्रेरणा लेकर संदीप सेना में भर्ती हुआ था।

 

10 दिन बाद आना था छुट्टी पर, इससे पहले ही आई शहादत की खबर

  1. शहीद के पार्थिव शरीर को रात में ही रोहतक पीजीआई लाया गया था। यहां से शुक्रवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई, जो लगभग 3 घंटे में गांव तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग और सेना के अधिकारी जुटे। शहीद के बड़े भाई ने मुखाग्नि दी। इससे पहले शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव में पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। शहीद के पिता, मां, भाई व पत्नी ने अंतिम दर्शन किए।

  2. 5 जुलाई 1991 को जन्मे संदीप 2012 में सेना की जाट रेजिमेंट में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए थे। 2017 में उनकी शादी नीरू से हुई। पिता सतबीर किसान और मां बाला गृहिणी हैं। वे तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। संदीप ने 2 दिन पहले फोन पर पत्नी समेत सभी परिजनों से बात की थी। 26 मई को छुट्टी पर घर आने की बात कही थी। 

  3. आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद चला था सेना का अभियान

    पुलवामा जिले के दालीपोरा गांव में आतंकियों के एक घर में छिपे होने की सूचना पर राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने गुरुवार तड़के तलाशी अभियान शुरू किया। आसपास के घरों से लोगों को निकाला जा रहा था, तभी आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।

  4. इसमें सेना के सिपाही संदीप कुमार शहीद हो गए और एक नागरिक रईस भी मारा गया। यहां सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों- पुलवामा के करीमाबाद निवासी नसीर पंडित, शोपियां के उमर मीर और पाकिस्तानी आतंकी खालिद को मार गिराया।

  5. उनके पास से बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य हथियार जब्त किए गए हैं। नसीर पंडित 2018 में ईद की पूर्व संध्या पर पुलवामा में पुलिसकर्मी मोहम्मद याकूब शाह की हत्या में शामिल था।

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