शहादत का मेला / सीआरपीएफ हमले से दो दिन पहले आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए संदीप कुमार का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2019, 06:04 PM IST



Remains of Martyr Para Commando Sandeep Kumar reached at Village
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Remains of Martyr Para Commando Sandeep Kumar reached at Village
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  • 12 फरवरी से श्रीनगर के मिलिट्री अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया था घायल संदीप को
  • सोमवार को माता-पिता और बहन गए थे श्रीनगर, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ली अंतिम सांस

फरीदाबाद. पुलवामा में आतंकियों के साथ आमने-सामने की मुठभेड़ में शहीद हुए पैरा कमांडो संदीप कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार को पैतृक गांव अटाली में पहुंच गया है। यहां परिवार और गांव में मातम छाया हुआ है। 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले से ठीक दो दिन पहले 12 फरवरी को घायल होने के बाद संदीप कुमार वेंटिलेटर पर थे, जहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह अंतिम सांस ली।

 

बल्लभगढ़ के अटाली गांव निवासी नैनपाल के बड़े बेटे संदीप कुमार वर्ष 2005 में बेंगलुरू से भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनका चयन 10 पैरा स्पेशल कमांडो फोर्स में किया गया। संदीप अपनी बटालियन के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट माने जाते थे। भाई सोनू ने बताया कि वर्तमान में उनकी तैनाती पुलवामा में थी। 11 फरवरी की रात संदीप ने परिवार के लोगों से बात की थी। अपनी 14 साल की सेवा में 4 बार श्रीनगर में तैनात रह चुके थे। उन्हें एक साल पहले ही चौथी बार तैनाती मिली थी।

 

12 फरवरी को संदीप और उनके तीन साथियों की पुलवामा में आतंकियों से आमने-सामने की मुठभेड़ हुई थी। इसमें एक साथी मौके पर ही शहीद हो गया था, जबकि संदीप और दूसरा साथी घायल हो गए थे। शहीद के भाई सोनू ने बताया कि सोमवार को पिता नैनपाल, मां केशर देवी और पत्नी गीता श्रीनगर गए थे। घायल संदीप का इलाज श्रीनगर के मिलिट्री अस्पताल में चल रहा था। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे संदीप शहीद हो गए।

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