पीजीआई सुसाइड / घर पर ताला लगा एचओडी फरार, दर्ज हुई एफआईआर, जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था



पीडियाट्रिक विभाग की एचओडी गीता गठवाल के घर के बाहर लटका हुआ ताला। पीडियाट्रिक विभाग की एचओडी गीता गठवाल के घर के बाहर लटका हुआ ताला।
पीजीआई में लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी। पीजीआई में लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी।
फंदे से लटका हुआ डॉ. ओमकार का शव। फंदे से लटका हुआ डॉ. ओमकार का शव।
मृतक डॉ. ओमकार। (फाइल) मृतक डॉ. ओमकार। (फाइल)
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पीडियाट्रिक विभाग की एचओडी गीता गठवाल के घर के बाहर लटका हुआ ताला।पीडियाट्रिक विभाग की एचओडी गीता गठवाल के घर के बाहर लटका हुआ ताला।
पीजीआई में लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी।पीजीआई में लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी।
फंदे से लटका हुआ डॉ. ओमकार का शव।फंदे से लटका हुआ डॉ. ओमकार का शव।
मृतक डॉ. ओमकार। (फाइल)मृतक डॉ. ओमकार। (फाइल)

  • रोहतक पीजीआई में गुरुवार रात को जूनियर डॉक्टर ने फांसी लगाकर कर लिया था सुसाइड

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 06:31 PM IST

रोहतक। पीजीआई के पीजी तृतीय वर्ष में अध्ययनरत डॉक्टर ओमप्रकाश द्वारा गुरुवार रात को फांसी लगाकर सुसाइड करने के मामले में पीडियाट्रिक विभाग की एचओडी पर मामला दर्ज हो गया है। विभागाध्यक्ष गीता गठवाल पर आत्महत्या के लिए उकसाने यानि धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं एचओडी इस कार्रवाई से पहले ही घर पर ताला लटकाकर फरार है। 

 

दूसरी तरफ इस सुसाइड के बाद रोहतक पीजीआई के सभी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं, जिस वजह से पीजीआई की ओपीडी बंद हो गई हैं। वहीं ट्रामा सेंटर को सीनियर डॉक्टर संभाल रहे हैं। हड़ताल की वजह से अॉपरेशन नहीं हो सके। वहीं सभी सीनियर डॉक्टर की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। उन्हें तत्काल ड्यूटी संभालने के निर्देश दिए गए हैं। 

 

ये था पूरा मामला
रोहतक पीजीआई में पीडियाट्रिक विभाग के पीजी तृतीय वर्ष में अध्ययनरत डॉक्टर डॉ. ओमप्रकाश ने रेजीडेंट डॉक्टर्स हॉस्टल में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। ओमकार के साथी डाक्टरों ने पीजीआई कैंपस में पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट की हेड डॉ. गीता गठवाल पर आरोप लगा था कि गठवाल ने डॉ. ओमकार को उनकी बहन की शादी में जाने के लिए छुट्टी नहीं दी। इस वजह से उसने सुसाइड किया। 

 

शादी शुक्रवार को है। साथियों ने यह भी बताया कि ओमकार अपनी बहन के लिए शादी का जोड़ा खरीदकर लाया था। उन्हीं कपड़ों में से एक को फंदा बना जान दी। डाॅ. ओमकार ब्वायज हॉस्टल के फर्स्ट फ्लोर पर रहते थे। साथियों के मुताबिक, वह गुरुवार शाम करीब साढ़े नौ बजे अपने कमरे पर लौटे। इसके बाद रात करीब 10 बजे जब उनके साथी ने कमरे का गेट खोला तो वो फंदे पर लटके हुए थे। वहीं, ये भी बताया जा रहा है कि ओमकार पर करीब दो साल पहले पीजीआई में एक बच्चे की मौत मामले में लापरवाही का केस दर्ज हुआ था। इससे भी वो तनाव में थे। 

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