फिटनेस /वर्कआउट कब करें! सुबह या शाम को?



Finess tips by Dr vishal jain: What is the best time for workout
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Finess tips by Dr vishal jain: What is the best time for workout

Dainik Bhaskar

Jun 09, 2019, 04:10 PM IST

हेल्थ डेस्क. भारतीय परंपरा के अनुसार सुबह का समय सर्वोत्तम माना गया है। अंग्रेजी में भी कहावत है - 'अर्ली टू बेड, अर्ली टू राइज- मेक्स ए मैन हेल्दी, वेल्दी एंड वाइस।' सुबह के समय प्रदूषण कम रहता है। शुद्ध ताजी हवा बहती है। पक्षियों की मधुर चहचहाहट सुनाई देती है। जाहिर-सी बात है, यह ओवरऑल हेल्थ के लिए काफी लाभदायक होता ही है। तो क्या वर्कआउट के लिए भी यह समय मुफीद है? अगर हां, तो जो व्यक्ति नाइट शिफ्ट में देर रात तक काम करते हैं, वे क्या करें? आज इसी की पड़ताल कि वर्कआउट सुबह करना बेहतर है या शाम को। 

  • मॉर्निंग वर्कआउट 

    अगर आपको सुबह जल्दी बिस्तर छोड़ने में कोई परेशानी नहीं होती है तो वर्कआउट के लिए सुबह का समय बेहतर है। सुबह के समय एक्सरसाइज करने के अपने आप कई तरह के फायदे हैं : 

    • कई रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग सुबह के समय व्यायाम करते हैं, वे फिटनेस रुटीन का बेहतर पालन करते हैं, क्योंकि उनकी इच्छाशक्ति मजबूत होती है। 
    • सुबह का वर्कआउट हमारे मेटाबॉलिज्म को गति प्रदान करता है। मेटाबॉलिज्म तेज होने का मतलब है कैलोरी बर्न करने की हमारी कैपेसिटी में बढ़ोतरी होना। यानी जिन्हें अपना वजन कम करना है, उनके लिए सुबह का वर्कआउट ज्यादा फायदेमंद है। 
    • जब आप सुबह वर्कआउट करते हैं, तो इसका मतलब यह है कि आपने दिन की शुरुआत जल्दी कर ली है। इससे आपको मेंटल सेटिस्फेक्शन यह होता है कि आपने दिन का एक महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण कर लिया है और दिनभर तरोताजा, चुस्त-दुरुस्त और एनर्जेटिक भी महसूस करते हैं। 

  • इवनिंग वर्कआउट 

    अगर आपका काम और आपकी लाइफ स्टाइल ऐसी है कि आप सुबह जल्दी उठकर वर्कआउट नहीं कर सकते तो शाम के समय यह काम कर सकते हैं। इससे कुछ दूसरी तरह के फायदे मिलेंगे : 

    • कुछ स्टडीज में पाया गया है कि शाम के वर्कआउट में आप ज्यादा स्ट्रेंथ एक्टिविटीज कर सकते हैं क्योंकि सुबह के विपरीत आपका शरीर और दिमाग दिनभर की गतिविधियों के कारण पहले से ही एक्टिव है। यानी अगर आपको बॉडी बनानी है तो इवनिंग वर्कआउट बेहतर है। 
    • सुबह जब आप वर्कआउट करते हैं तो दिन के बाकी के असाइनमेंट्स का पहले से ही तनाव रहता है। लेकिन शाम के समय आप न केवल इस तनाव से मुक्त रहते हैं, बल्कि इवनिंग वर्कआउट दिनभर का स्ट्रेस भी दूर करता है। यह बेहतर नींद भी सुनिश्चित करता है। 
    • जो इवनिंग वर्कआउट का रुटीन स्ट्रिक्टली फॉलो करते हैं, उनको परोक्ष रूप से एक फायदा और होता है। एक स्टडी के अनुसार ऐसे लोग लेट नाइट पार्टीज और पब को ज्यादा अवॉइड कर सकते हैं। यानी इवनिंग की वर्कआउट दूसरे तरीके से भी स्वास्थ्य को फायदा पहुंचाती है। 

  • तो मॉर्निंग वर्कआउट बेहतर या इवनिंग? 

    सबसे उपयुक्त समय वह है जो आपके शेड्यूल में फिट होता है और जिसे आप लगातार निरंतरता के साथ कर सकते हैं। दोनों समय के वर्कआउट के अपने-अपने फायदे हैं। आपको किस समय वर्कआउट करना है, इसका निर्णय आपको खुद ही लेना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप किसी भी समय वर्कआउट करें, रेगुलर होना जरूरी है। आप जो चाहते हैं, यानी वजन कम करना चाहते हैं या मसल्स बनाना चाहते हैं, तो यह अपने जिम इंस्ट्रक्टर को बताएं और उसके बताए अनुसार वर्कआउट करें। समय का कोई बंधन या नियम नहीं है।

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