योग दिवस / मधुमेह नियंत्रित करता है वक्रासन, पाचन क्षमता बढ़ाने के लिए इसे रोजाना करें



X

Dainik Bhaskar

Jun 21, 2019, 10:49 AM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वक्रासन का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया। वक्र का अर्थ होता है टेढ़ा या मुड़ा हुआ, इस आसन को अंग्रेजी में 'द स्पाइनल ट्विस्ट पॉश्चर' कहते हैं। वक्रासन डायबिटीज रोगियों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है। यह पेंक्रियाज को उत्तेजित कर मधुमेह को नियंत्रित करता है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला भी बनाता है।

कब्ज से राहत दिलाता है वक्रासन

  1. कैसे करें 

    • इस आसान को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ फैला-कर सीधे बैठें। 
    • अपने हाथों को कूल्हों के पास रखें और ख्याल रखें की आपके शरीर का वज़न आपके हाथों पर न पड़े। इस मुद्रा को दण्डासन कहा जाता हैं।  
    • अब अपने दाएं पैर को मोड़ें और अपने बाएं पैर के घुटने के साथ रखें। 
    • अब आपने बाएं हाथ को दाएं घुटने के पार ले जाते हुए अपनी हथेली को दाएं पैर के बगल में रखें। अब धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए अपने दाहिने हाथ को पीछे की ओर मोड़ते हुए अपने शरीर और गर्दन को भी दाहिनी ओर मोड़ लें।  
    • सुनिश्चित करें की आपकी पीठ सीढ़ी हो। इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते और छोड़ते हुए 10-30 सेकंड तक आराम करें।  
    • कुछ समय तक इस स्थिति में स्थिर रहने के बाद सांस छोड़ते  हुए अपने शरीर सर और पैरों को सीधा कर लें और पुनः दण्डासन की मुद्रा में आ जाएं। 
    • अपने दोनों हाथ पीछे रखते हुए विश्राम आसान में विश्राम करें। कुछ देर विश्राम करने के बाद इस पूरे क्रम को दूसरी ओर से दोहराए। 

  2. फायदे: चर्बी घटाने के साथ पाचन क्षमता बढ़ाता है

    योग विशेषज्ञ डॉ. नीलोफर से जानिए इसके फायदे-

    • लचीती होती है रीढ़ की हड्डी : यह आसान रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाता है।
    • मधुमेह को करता है नियंत्रित : वक्रासन पेंक्रियाज को उत्तेजित कर मधुमेह को नियंत्रित करता है। 
    • पाचन क्षमता बढ़ाता है: यह लिवर के लिए फायदेमंद है और कब्ज़ से रहत दिलाता है। वक्रासन पाचन प्रक्रिया को सुधारता है।
    • घटता है चर्बी : नियमित रूप से वक्रासन करने से पेट की चर्बी कम होती है और अंदरूनी अंगों पर इसका सकारात्मक असर होता है।  

  3. सावधानी: पीठ दर्द होने पर न करें वक्रासन

    • आपको गंभीर पीठ दर्द, रीढ़ की हड्डी से संबंधित कोई परेशानी या स्लिप डिस्क है तो इस आसान को न करें।  
    • जिन व्यक्तियों के पेट का ऑपरेशन हुआ हो उन्हें यह आसन न करने की सलाह दी जाती है।
    • महिलाएं मासिक धर्म के समय इस आसन को न करें। 

COMMENT