योग दिवस / गैस की समस्या दूर करने के साथ पीठ की मांसपेशियां मजबूत बनाता है पवनमुक्तासन



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Dainik Bhaskar

Jun 21, 2019, 10:45 AM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पवनमुक्तासन  का वीडियो शेयर किया। यह आसन खासतौर पर गैस की समस्या दूर करने का काम करता है। यह शरीर का रक्तसंचार बढ़ाने के साथ पैर और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। पवन का अर्थ है वायु और मुक्त का अर्थ है छोड़ना। पवनमुक्तासन को अंग्रेजी में 'द विंड रिलीजिंग पॉश्चर' के नाम से जाना जाता है। यह आसन खासतौर पर आंतों से वायु यानी वात निकालने के लिए किया जाता है।

अंगों की कार्यक्षमता बढ़ाता है पवनमुक्तासन

  1. कैसे करें

    • पवनमुक्तासन करने के लिए सबसे पहले अपने हाथों और पैरों को आरामदायक दूरी पर फैलाकर अपनी पीठ के बल लेट जाएं और यह सुनिश्चित करें कि आपके हाथों का मुख आसमान की ओर हो। इस आसन को शवासन कहते हैं। 
    • अब शवासन से आगे बढ़ते हुए अपने दोनों पैरों को जोड़ें और अपने घुटनों को मोड़ते हुए अपनी जांघों को अपनी छाती के पास लाएं। 
    • दोनों हाथों की अंगुलियों को आपस में गूंठें और घुटनों के नीचे अपनी पिंडलियों के पास पकड़ लें। 
    • अब अपनी सांस छोड़ते हुए अपने सिर और कंधों को तब तक उठाएं जब तक आपकी ठोड़ी घुटनों को छू न लें। 
    • ऐसा करते हुए समय कमर के हिस्से में खिंचाव महसूस होगा। अपनी आंखें बंद करें और अपना पूरा ध्यान अपनी कमर के हिस्से पर केंद्रित करें। 
    • इस स्थिति में कुछ देर तक सांस लें और छोड़ें। कुछ देर आराम से रहें। 
    • कुछ समय तक इस अवस्था में रहने के बाद सांस लेते हुए अपने सिर और कंधों को धीरे-धीरे ज़मीन पर रखें। 
    • अब सांस छोड़ते हुए अपनी टांगों को सीधा करें और जमीन पर रखकर वापस शवासन की मुद्रा में आकर विश्राम करें। 

  2. पवनमुक्तासन के फायदे

    योग विशेषज्ञ डॉ. नीलोफर से जानिए इसके फायदे-

    • वात से दिलाएगा रहत: यह आसान आपको वात से राहत दिलाता है और पेट में गैस की समस्या को खत्म करता है। 
    • पाचन क्रिया में सुधारता है: पवनमुक्तासन कब्ज दूर करने के साथ और पाचन क्रिया में सुधार लाता है। 
    • पीठ की मांसपेशियां होंगी मज़बूत: नियमित तौर पर इसे करने से मेरु तंत्रिकाएं को ठीक करता है और पीठ की मांसपेशियों को मजबूती देता है।
    • जोड़ों में कसावट लाता है: यह आसान गहरा आंतरिक दबाव डाल कर आपके कूल्हे व कमर के हिस्सों की मांसपेशियों ,लिगमेंट और स्नायु की जटिल समस्याओं का निदान कर उनमें कसावट लाता है।
    • सावधानी : पीठ दर्द, हार्निया या सायटिका के रोगियों को यह आसन नहीं करना चाहिए। पेट में किसी तरह की चोट होने पर या गर्भवती महिलाओं को इसे करने से बचना चाहिए।

     

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