मोदी की योग क्लास / पीठ दर्द से आराम और पैरों को मजबूत बनाता है वज्रासन



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Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 01:00 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर वज्रासन का वीडियो शेयर किया। वज्रासन शरीर में रक्तसंचार बढ़ाने के साथ पैरों और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। वीडियो की यह सीरिज़ 21 जून को मनाए जाने वाले अंतराष्ट्रीय योग दिवस का हिस्सा है। पीएम मोदी रोज़ाना सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर रहे हैं और लोगों से योग करने की अपील कर रहे हैं।

शरीर का पॉश्चर सुधारता है वज्रासन

  1. कैसे करें  

    • वज्रासन को अंग्रेजी में थंडरबोल्ट पॉश्चर के नाम से भी जाना जाता है। 
    • इस आसान को ध्यान मुद्रा में किया जाना चाहिए। ध्यान मुद्रा में इस आसान का अभयास करते हुए अपनी आंखें बंद रखें।
    • इस आसान को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ फैला-कर सीधे बैठें। 
    • अपने हाथों को कूल्हों के पास रखें और ध्यान रखें शरीर का वज़न आपके हाथों पर न पड़े। इस मुद्रा को दंडासन कहा जाता है।
    • अब अपने दाएं पैर को मोड़ें और अपने दाएं कूल्हे के नीचे रखें। अब अपना बायां पैर भी मोड़कर अपने बाएं कूल्हे के नीचे रखें। 
    • सुनिश्चित करें की आपकी जांघें सटी हुई हों और आपके अंगूठे आपस में जुड़े हुए हों।
    • अब अपने हाथों को घुटनों पर रखें, सुनिश्चित करें की आपकी ठोड़ी जमीन से सामानांतर हो। 
    • अपना मेरुदंड सीधा रखें और अपने शरीर को ढीला छोड़ दें। अब सामान्य रूप से सांस लें और कुछ देर तक आराम से रहें। 
    • कुछ देर वज्रासन में रहने के बाद अपने शरीर को दाईं ओर झुकाते हुए अपने बाएं पैर को सीधा कर लें। 
    • अब अपने शरीर को बाईं ओर झुकाते हुए अपने दाएं पैर को भी सीधा कर पुनः दण्डासन की मुद्रा में विश्राम करें।

  2. वज्रासन के फायदे और सावधानियां

    योग विशेषज्ञ डॉ. नीलोफर से जानिए इसके फायदे-

    • पाचन क्षमता बढ़ाता है : वज्रासन आपकी पाचन क्रिया को बढ़ाकर पाचन क्षमता में सुधार लाता है।  
    • पैर को बनाता है मजबूत : यह आसान पैरों की नसों को मज़बूत बनाकर जांघों और पिंडलियों को भी मज़बूती प्रदान करता है।  
    • सुधारता है बॉडी पॉश्चर : यह रीढ़ की हड्डी को दृढ़ता प्रदान कर उसे सीधा रखने में सहायता करता है। 
    • दूर करता है पीठ दर्द : इस आसन को नियमितरूप से करने पर पीठ दर्द और सायटिका की परेशानी से राहत मिलती है।
    • सावधानी: अगर घुटनों में दर्द या टखने में चोट है तो यह आसन न करें। जिन लोगों को बवासीर की शिकायत है वह वज्रासन न करें।

     

     

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