पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Happylife
  • Respiratory And Lung Diseases Increase Due To Air Pollution, Properties Of Tulsi, Jaggery And Triphala Will Keep Fit

वायु प्रदूषण से बढ़ती है श्वसन और फेफड़े संबंधी बीमारियां, तुलसी, गुड़ और त्रिफला के गुण रखेंगे फिट

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

1) विटामिन-सी और फ्लेवोनाइड्स जहरीले कण काटने में करेंगे मदद

यह पानी में घुलनशील विटामिन और बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह सर्दी, खांसी और अस्थमा जैसी बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है जो वायु प्रदूषण के कारण सबसे पहले होती हैं। विटामिन सी युक्त चीजों में आंवला, पपीता, नींबू, अमरूद, अंगूर, पालक, टमाटर, पत्ता गोभी आदि शामिल हैं।

यह फ्री रेडिकल्स से सेल मेम्बरेन (कोशिकाओं को बाहरी पर्यावरण से बचाने वाली परत) की रक्षा करता है। यह हमारी रोग-प्रतिरोधक प्रणाली को भी मजबूत बनाता है, साथ ही त्वचा व बालों को भी स्वस्थ रखता है। विटामिन ई के लिए बादाम, अखरोट, तिल, पत्तेदार सब्जियां, ऑलिव या सनफ्लॉवर ऑयल, मछली, मछली का तेल आदि का सेवन किया जा सकता है।

अब इसे कुछ लोग विटामिन ‘पी’ भी कहने लगे हैं। यह प्रदूषण के कारण होने वाले कई तरह के गंभीर रोगों जैसे कैंसर और दिल संबंधी बीमारियों से बचाव करता है। सबसे ज्यादा फ्लेवोनाइड्स ग्रीन टी पीने से मिलेंगे। इसके अलावा हर्बल टी, हरी पत्तेदार सब्जियों, पत्ता गोभी इत्यादि में भी पर्याप्त मात्रा में फ्लेवोनाइड्स होते हैं। 

लिग्नै, ल्युटिन और लाइकोपीन वे तीन ‘एल’ हैं जो फ्री रेडिकल्स से लड़ने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं। अलसी, तिल, कद्दू के बीज और मोटे अनाज में पर्याप्त मात्रा में लिग्नै होते हैं। ल्युटिन को आंखों का एंटीऑक्सीडेंट्स भी कहते हैं जो अधिकांश फलों व सब्जियों में मिलता है। लाइकोपीन मुख्यत: टमाटर में पाया जाता है।

  • गाय का घी : दिनभर में दो से तीन चम्मच घी का सेवन करने से हडि्डयों, लिवर और किडनी में प्रदूषण की वजह से जमा होने वाले पारा और सीसा जैसे तत्व दूर हो सकेंगे। श्वास नली से प्रदूषक तत्वों को दूर करने के लिए गाय के घी की दो-दो बूंदें सुबह और शाम डालें।
  • तुलसी : वायु प्रदूषण से श्वास संबंधी बीमारियां जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, इन्फ्लूएंजा अधिक होती हैं। इनके इलाज में तुलसी, अदरक और शहद का काढ़ा काफी फायदेमंद हो सकता है।
  • गुड़ : यह जिंक और सेलेनियम जैसे एंटी ऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स से युक्त होता है। ये मिनरल्स शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं, जिससे प्रदूषण से लड़ने के लिए शरीर तैयार होता है।
  • पिपली : वायु प्रदूषण वाले इलाकों में फेफड़ों में जहरीले तत्व प्रवेश कर जाते हैं। श्वास नलिका संबंधी समस्या भी ज्यादा रहती है। पिपली फेफड़ों को प्रदूषणकारी जहरीले तत्वों से मुक्त करने और श्वास नलिका से बलगम हटाने में मददगार होती है।
  • त्रिफला : प्रदूषण की वजह से ‘त्रिदोष’ (वात, पित्त और कफ) में असंतुलन होता है। त्रिफला के नियमित सेवन से यह असंतुलन दूर होता है। रोजाना रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच त्रिफला चूर्ण लेने से फायदा होता है।
खबरें और भी हैं...