फूड हिस्ट्री / कभी गरीबों के लिए ईजाद किया गया था पिज्जा



food history by chef harpal singh sokhi- History of Pizza
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food history by chef harpal singh sokhi- History of Pizza

  • हर साल पूरी दुनिया में 5 अरब पिज्जा बेचे जाते हैं
  • 94% अमेरिकी माह में कम से कम एक बार पिज्जा खाते हैं
  • 18 जून 1996 को सबसे पहले पिज्जा हट ने बेंगलुरू से भारत में पिज्जा चेन की शुरूआत की थी
  • 134 अरब डॉलर यानी 9300 अरब रुपए सालाना की पिज्जा इंडस्ट्री है दुनियाभर में

Dainik Bhaskar

Jun 16, 2019, 12:44 PM IST

हेल्थ डेस्क. पिज़्ज़ा आज दुनिया का सबसे लोकप्रिय फास्ट फूड है। इसका प्राचीनकालीन इतिहास करीब 2100 साल पहले यूनान से शुरू होता है। ईसा से 100 साल पहले यूनान में फ्लैट ब्रेड बनाई जाती थी जिसे "प्लेकउंटोज" कहा जाता था। इस प्लेकउंटोज की टॉपिंग्स मीट, चीज़, प्याज, लहसुन और अलग-अलग तरह की सब्जियों से की जाती थी।

महारानी मार्गरिटा नेपल्स के नाम पर बना है मार्गरिटा पिज्जा

  1. आधुनिक पिज़्ज़ा इटली की देन माना जाता है। 18वीं सदी में सबसे पहले इटली के शहर नेपल्स में पिज़्ज़ा को ईजाद किया गया था। आज भले ही पिज़्ज़ा गरीबों की पहुंच से दूर हो, लेकिन इसके शुरुआती वर्जन गरीबों के लिए ही बनाए गए थे। दो-ढाई सौ साल पहले नेपल्स की गिनती यूरोप के बड़े और समृद्ध शहरों में होती थी। उस समय वहां आर्थिक गतिविधियां चरम पर थीं। इसलिए शहर व्यापारियों और किसानों से गुलज़ार रहता था। आसपास के कस्बों और शहरों से बड़ी संख्या में गरीब मजदूर भी रोजगार की तलाश में नेपल्स आते थे और कई दिनों तक वहीं रहते थे। ये हमेशा सस्ते फूड की तलाश में रहते थे। सड़क किनारे फूड बेचने वाले वेंडर्स ने इनकी यह तलाश पूरी कर दी।

  2. वे बड़ी-बड़ी सपाट ब्रेड (फ्लैट ब्रेड) लेते और उन पर कुछ सस्ती सब्जियों या मीट की टॉपिंग्स करके रख देते। श्रमिकों की जरूरत और उनके बजट के अनुसार वे टॉपिंग्स की हुई फ्लैट ब्रेड का एक हिस्सा काटकर उन्हें दे देते। श्रमिक इसे अक्सर ब्रेकफास्ट में खाकर काम पर निकल जाते। इससे उनका लंबे समय तक पेट भी भरा रहता और उन्हें खर्च भी कम करना पड़ता। सबसे सस्ती टॅापिंग्स में नमक, लहसुन और सुअर का मांस होता। अन्य टॉपिंग्स में 'कैसिओकैवलो' (घोड़ी के दूध से बना चीज़), टमाटर, मछली, पोमोडोरो पास्ता और काली मिर्च होतीं। 

  3. आधुनिक पिज़्ज़ा की शुरुआत इटली के नेपल्स में रॉफेल एस्पिओसिटो ने की थी, जो बेकिंग का काम करते थे। 1889 में किंग अम्बरटो प्रथम और क्वीन मार्गरिटा नेपल्स के दौरे पर आए। ये फ्रेंच फूड के शौकीन थे। इसलिए उन्हें ज्यादातर समय फ्रेंच फूड ही परोसा गया। लेकिन एक जैसा फूड खा-खाकर ये परेशान हो गए। उन्होंने नेपल्स के स्थानीय अधिकारियों को कुछ ऐसा खिलाने को कहा जो उनके लिए नया हो। तब रॉफेल एस्पिओसिटो को बुलाया गया। रॉफेल ने किंग और क्वीन के लिए तीन पिज़्ज़ा बनवाए। एक में सुअर के मांस, कैसिओकैवलो और तुलसी की टॉपिंग्स की गई थी। दूसरे में व्हाइटबेट नामक मछली की और तीसरे में टमाटर, मोजेरेला (इटली की भैंसों के दूध से बना चीज़) व तुलसी की टॉपिंग्स की गई थी। महारानी मार्गरिटा को तीसरा वाला पिज़्ज़ा खासतौर पर पसंद आया। इसी की याद में और महारानी मार्गरिटा के सम्मान में तीसरे पिज्ज़ा को नाम दिया गया 'पिज़्ज़ा मार्गरिटा'। यह आज भी दुनियाभर में खाए जाने वाले पिज्ज़ा में सबसे लोकप्रिय है। 

  4. 19वीं सदी के अंत तक आते-आते अमेरिका में इटली से आने वालों लोगों की तादाद बढ़ने लगी। ये लोग अपने साथ पिज़्ज़ा बनाने की रेसिपी भी अमेरिका ले गए। साल 1905 में न्यूयॉर्क सिटी में पिज़्ज़ा सर्व करने वाला पहला रेस्टॉरेंट 'लोम्बार्डी' शुरू हुआ। जल्दी ही पूरे अमेरिका में कई जगहों पर पिज़्ज़ा सर्व किया जाने लगा जिसमें स्थानीय स्वाद का खास ध्यान रखा जाता था। 1950 के दशक में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और तकनीकी बदलावों के चलते फ्रोजन पिज़्ज़ा की शुरुआत हुई। टमाटरों की स्लाइस का स्थान टमाटर के पेस्ट ने ले लिया, ताकि कुकिंग के दौरान पिज़्ज़ा को ड्राय होने से बचाया जा सके। फ्रीजिंग के लिए अनुकूल नए तरह के चीज़ भी शुरू किए गए। 

  5. सबसे बड़ी पिज़्ज़ा चेन 

    1960 के दशक में दो भाइयों टॉम और जेम्स ने मिशिगन में 'डॉमिनिक्स' नाम से चल रही एक छोटी पिज़्ज़ा चेन खरीद ली। इन्होंने पिज़्ज़ा की फास्ट होम डिलेवरी सुनिश्चित की। इससे जल्दी ही 'डॉमिनिक्स' लोकप्रिय होने लगा। 1965 में 'डॉमिनिक्स' का नाम बदलकर 'डॉमिनोज' कर दिया गया। इस समय 'डॉमिनोज' के पास तीन स्टोर थे। इसलिए इसके 'लोगो' में भी तीन डॉट्स लगाए गए। डॉमिनोज पहले अमेरिका में और फिर पूरी दुनिया में जाना-पहचाना नाम बन गया। आज सेल्स के मामले में यह विश्व की नंबर वन पिज़्ज़ा चेन है जिसके 16 हजार स्टोर्स हैं। 

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