चटकारा / खाने का स्वाद बढ़ाएगा चटपटा और खट्टा-मीठा अदरक, गोभी और लहसुन का अचार

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Jan 22, 2019, 07:39 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. अचार का तीखा-चटपटा और खट्टा-मीठा स्वाद फीके खाने को भी स्वादिष्ठ बना देता है। आम और नींबू का अचार तो अधिकतर लोगों ने चखा होगा, लेकिन अचार के कुछ नए स्वाद का मज़ा शायद ही आपने लिया हो। अचार के कुछ नए स्वाद पेश कर रही हैं अंजू पांडे, जो खट्टे-मीठे होने के साथ ही चटखारेदार भी हैं। 

घर पर यूं बनाएं अचार

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  • सामग्री : अदरक- 250 ग्राम, नींबू रस या सफ़ेद सिरका- 4-5 बड़े चम्मच, हींग- चम्मच, नमक- स्वादानुसार, लाल मिर्च पाउडर- 1 छोटा चम्मच, मोटी सौंफ- 1 छोटा चम्मच, राई दाल- 1 छोटा चम्मच, सरसों का तेल- 2 बड़े चम्मच। 
  • ऐसे बनाएं : अदरक को धोकर छील लें। 1 इंच के टुकड़ों में काटकर तैयार कर लें। टुकड़ों को कपड़े पर फैलाकर पंखे के नीचे 2 घंटे सुखा लें। एक बड़े बर्तन में सूखे मसाले मिलाएं और इसमें अदरक डालकर अच्छी तरह चला लें। अब नींबू का रस या सिरका मिलाएं और फिर तेल डालकर सूखे कांच के जार में स्टोर करें और 2 दिन धूप दिखाएं। अदरक का अचार तैयार है। अचार को 6 से 7 महीने तक इस्तेमाल करें।

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  • सामग्री : हरी मिर्च- 100 ग्राम, सरसों का तेल- 4-5 बड़े चम्मच, सिरका 4 बड़े चम्मच, सौंफ- 3 छोटे चम्मच, राई की दाल- 3 छोटे चम्मच, नमक- 3 छोटे चम्मच या स्वादानुसार, जीरा- 1 छोटा चम्मच, हल्दी- 1 छोटा चम्मच, हींग- चम्मच। 
  • ऐसे बनाएं : मिर्च को अच्छी तरह से धोकर सुखा लें और डंठल वाला हिस्सा काटकर अलग कर दें। मिर्च के बीच में चीरा लगाएं या छोटे टुकड़ों में काटकर अलग रखें। जीरा और सौंफ को भूनकर दरदरा पीस लें। अब एक बड़े बर्तन में मिर्च और सभी सूखे मसाले मिला लें। इसमें तेल और सिरका मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें। मिर्च का इंस्टेंट अचार तैयार है। इसे किसी भी सूखी बरनी में स्टोर करें।

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  • सामग्री : लहसुन- 500 ग्राम, हल्दी- 1 छोटा चम्मच, मिर्च पाउडर- 1 बड़ा चम्मच, राई दाल- 1 छोटा चम्मच, नमक- 1 छोटा चम्मच या स्वादानुसार, मोटी सौंफ- 1 बड़ा चम्मच, सरसों का तेल- 1 कप, कलौंजी दाना- 1 छोटा चम्मच, मेथीदाना- 1 छोटा चम्मच, हींग- चम्मच।
  • ऐसे बनाएं : लहसुन को छीलकर अलग रख लें। मोटी सौंफ और मेथीदाने को भूनकर दरदरा पीस लें। एक बड़े बर्तन में सभी सूखे मसाले, तेल और लहसुन की कलियां डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस तैयार अचार को सूखी हुई साफ़ कांच की बरनी में भरकर 2 दिन धूप में रखें। लहसुन का अचार तैयार है। यह 6 से 7 महीने ख़राब नहीं होगा

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  • सामग्री : गोभी- 500 ग्राम, शलजम- 500 ग्राम, सरसों का तेल- डेढ़ कप, पीली राई दाल- डेढ़ बड़े चम्मच, सौंफ- 2 बड़े चम्मच, नमक- 3 बड़े चम्मच, हींग- चम्मच, गुड़ का चूरा या पाउडर- 1 कप, सिरका- 3 बड़े चम्मच, लाल मिर्च पाउडरस्वादानुसार, अदरक का टुकड़ा- 1 इंच, लहसुन की कलियां- 10, गरम मसाला- चम्मच, हल्दी पाउडर- 1 छोटा चम्मच। 
  • ऐसे बनाएं : गोभी धोकर साफ कर लें। छोटे या बड़े टुकड़ों में काट लें। शलजम को धोकर छील लें। 1 इंच के टुकड़ों में काट लें। टुकड़ों को 2 घंटे तेज़ धूप में सुखा लें। अदरक को छीलकर लहसुन के साथ मिला लें। दरदरा कूटकर तैयार करें। तेल गर्म करें। हींग डालें और अदरक-लहसुन डालकर सुनहरा होने तक पका लें। इसमें सभी सूखे मसाले (चाहें तो सौंफ को भूनकर दरदरा पीस लें) और गुड़ डालकर अच्छी तरह मिला लें। गोभी और शलजम डालकर मिक्स करें। 4 से 5 मिनट पकाएं। ठंडा होने के बाद सिरका डालकर मिलाएं। तैयार है गोभी का अचार। सूखी कांच की बोतल में रखें, यह साल भर ख़राब नहीं होगा।

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  • सामग्री : करौंदे- 250 ग्राम, सरसों का तेल- 1 कप, हींग 1 छोटा चम्मच, हल्दी पाउडर- 1 छोटा चम्मच, सौंफ- 2 बड़े चम्मच, अजवाइन- छोटा चम्मच, मेथीदाना- 2 छोटे चम्मच, पीली सरसों दाल- 3 छोटे चम्मच, नमक- ढाई चम्मच या स्वादानुसार, लाल मिर्च- स्वादानुसार।
  • से बनाएं : करौंदा धोकर सुखा लें। नमी बिल्कुल नहीं रहनी चाहिए। अब इसे 2 टुकड़ों में काटकर अलग रखें। सौंफ और मेथीदाने को भूनकर दरदरा पीस लें। सरसों के तेल में आधी हींग डालकर गर्म करें (धुआं उठने तक ही गर्म करना है) और फिर ठंडा कर लें। अब एक बड़े बर्तन में सभी मसाले और बची हुई हींग मिलाएं। मसाले में करौंदे डालकर मिलाएं। आधा सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। तैयार अचार को कांच के सूखे जार में डालकर रखें। पतला-सा कपड़ा जार के ऊपर बांधकर कमरे में ही 24 घंटे रखें। 24 घंटे बाद बचा हुआ सरसों का तेल डाल दें। तैयार है करौंदे का अचार। यह अचार सालभर तक ख़राब नहीं होगा।

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  • अचार रखने से पहले उसकी बरनी को एंटीबैक्टीरियल इफेक्ट देना बहुत ज़रूरी होता है। इसके लिए कोयला गैस पर सीधे गर्म करें, जब तक वह लाल ना दिखने लगे। कोयला जब लाल होने लगे तो उसे एक थाली पर रखें और उसके ऊपर 1/4 चम्मच हींग डालकर उसके ऊपर बरनी को उल्टा करके रखें, ताकि हींग का धुआं बरनी में भर जाए। बरनी का ढक्कन बंद कर दें। 
  • अचार को तेल में डूबा रहना चाहिए यानी तेल की मात्रा इसमें भरपूर होनी चाहिए। तेल और नमक यदि सही मात्रा में है तो अचार सालभर खराब नहीं होता। यह दोनों चीजें अचार के लिए प्रिजर्वेटिव का काम करती हैं। 
  • बरनी में अचार डालने के पहले तली में थोड़ा -सा नमक फैलाकर रख दें और फिर अचार डालें। नमक बरनी में नमी को नहीं रहने देता इससे अचार ख़राब नहीं होता। 
  • अचार हमेशा साफ़ और सूखी बरनी में ही स्टोर करें। बरनी नमी वाली जगह पर ना रखें बल्कि सूखे स्थान पर रखें। अचार निकालते समय हाथ और चम्मच साफ़ और सूखे हों। 

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