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पॉल्यूशन कंट्रोल डे / दुनिया में प्रदूषण से हर साल 70 लाख मौत, इसमें 6 लाख बच्चे भी शामिल, छोटे-छोटे उपायों से घटाएं बढ़ते मौत के आंकड़े

7 million deaths due to pollution in the world every year, including 6 lakh children in it, reduce the death toll by small measures
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7 million deaths due to pollution in the world every year, including 6 lakh children in it, reduce the death toll by small measures

  • शिकागो यूनिवर्सिटी के मुताबिक, भारत में वायु प्रदूषण 18 साल में उत्तरी मैदानों में देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले दोगुना हुआ
  • विश्व बैंक के मुताबिक, दुनियाभर के 15 साल से कम उम्र के बच्चे प्रदूषित हवा ले रहे हैं, जो उन्हें बीमारियां दे रहा है

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2019, 02:57 PM IST

हेल्थ डेस्क. प्रदूषण मौत के आंकड़े बढ़ा रहा है। दुनियाभर में हर साल 70 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण से हो रही है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट कहती है, इन आंकड़ों में 6 लाख बच्चे भी शामिल हैं। हवा, पानी, फल और सब्जियों में जहर घुल रहा है। लेकिन घर में छोटी-छोटी सावधानी बरतकर इसके असर और मौत के आंकड़ों को कम किया जा सकता है। हर साल 2 दिसंबर को नेशनल पॉल्यूशन कंट्रोल डे भोपाल गैस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की याद में मनाया जाता है। इस मौके पर जानिए हवा में घुलते जहर के असर को कैसे कम करें...

कैसे इंसानों तक पहुंच रहा 'जहर'
हवा को प्रदूषित करने की बड़ी वजह है फैक्ट्री और कारखानों से निकलने वाला धुआं, एसपीएम यानी सस्पेंडेड पार्टिक्युलेट मैटर, सीसा और नाइट्रोजन ऑक्साइड आदि। जगह-जगह फेंके और जलाए जा रहे कूड़े से निकल रही गैसें हवा में मिलकर इसे जहरीला बना रही हैं। फैक्ट्रियों और कारखानों से निकला कचरा नदियों में जा रहा है जो डायरिया, टाइफॉयड और हैजा जैसी बीमारियों को फैला रहा है। प्रदूषण की हुए कई शोध बताते हैं यह न सिर्फ जान ले रहा है बल्कि बच्चों के दिमाग पर बुरा असर छोड़ रहा है, गर्भ में पल रहा भ्रूण भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। यह मिस्कैरेज का खतरा बढ़ाता है।

घर में ऑक्सीजन बढ़ाने वाले पौधे लगाएं

    • मनी प्लांट : मनी प्लांट एक बेल है। इसकी एक पत्ती का आकार 7 से 10 सेंटीमीटर तक लंबा होता है। यह पौधा बहुत कम रोशनी में भी जिंदा रह सकता है। इसे पानी और मिट्टी दोनों में उगाया जा सकता है। मनीप्लांट वायु में मौज़ूद कार्बन डाई ऑक्साइड को ग्रहण करने की क्षमता होती है और यह ऑक्सीजन बाहर निकालता है। मनी प्लांट हवा में कार्बन डाइ ऑक्साइड कम कर हमारे सांस लेने के लिए शुद्ध ऑक्सीजन देता है।
    • एलो वेरा : एलोवेरा सिर्फ हवा को प्यूरीफाय करने के साथ स्किन को भी खूबसूरत बनाता है। इस पौधे को उगने के लिए पानी की जरूरत भी कम होती है। इसके पत्ते काफी मोटे और मजबूत होते हैं। पत्ते के अंदरूनी भाग को काटने पर एक तरह का जेल निकलता है जो स्किन के अलावा भी कई रोगों में इस्तेमाल होता है। इसे अधिक देखभाल की जरूरत नहीं होती। 
    बॉस्टन फर्न : इसकी पत्तियां हवा में मौजूद केमिकल को एब्जॉर्ब करती हैं।​​
    • बॉस्टन फर्न : इस प्लांट को लगाने के बाद बहुत अधिक देखभाल की जरूरत नहीं होती है। ये आसानी से ग्रो करता है। थोड़ी सी नमी वाली मिट्टी और सूर्य की किरणों से दूरी इसके बढ़ने की कंडिशन है। इसलिए इसे डाइनिंग रूम या बाथरूम में लगा सकते हैं। इसकी पत्तियां इंटीरियर में चार चांद लगाने के साथ हवा में मौजूद केमिकल को एब्जॉर्ब करती हैं।
    • स्नेक प्लांट : इसे नाग पौधा कहा जा सकता है। इस पौधे को बढ़ने के लिए बहुत कम धूप की जरूरत होती है। इसके अलावा पानी की भी जरूरत ज्यादा नहीं होती। हवा को फिल्टर करने वाले इस पौधे को आप आसानी से अपने कमरे या ऑफिस केबिन में एक कोने में उगा सकते हैं।
    एरेका पाम : यह कार्बन डाई ऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदल देता है।
    • एरेका पाम : एरेका पाम कार्बन डाई ऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदल देता है। इस पौधे की देखभाल के लिए पत्तियों को हर रोज साफ करना जरूरी है। हर तीन-चार महीने में इनको धूप जरूर दिखाएं। इसे लगाने के लिए नम मिट्टी का प्रयोग करें। सतह के थोड़े नीचे मिट्टी के सूखते ही पौधे को पानी दें। 
    • पाइन प्लांट : घर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए देवदार का पौधा काफी मशहूर है। इस पौधे की पत्तियां छोटी-छोटी होती हैं। इसे बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती। लेकिन समय-समय पर इसकी काट-छांट करने की जरूरत होती है। खास बात है कि यह पौधा रात में भी ऑक्सीजन रिलीज करता है। इसे घर में कहीं भी लगा सकते हैं।

  1. बातें जो हमेशा ध्यान रखें

    • प्रदूषित हवा में सांस लेने से जहरीले तत्व शरीर के अंदर खून में जाकर मिल जाते हैं जिससे ब्लड इंफेक्शन के साथ-साथ दिल से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं। सर्दियों के दिनों में सुबह और शाम को वॉक करें से बचें। हल्की धूप निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलें। 
    • कई ऐसे ऐप भी हैं जिनसे शहर के प्रदूषण का स्तर पता लगा सकते हैं। घर से निकलते समय मास्क लगाएं। यह हवा में घुले जहरीले तत्वों को सांस के जरिए शरीर में जाने से रोकेगा। ये तत्व सांस के रोगों जैसे अस्थमा से बचाव करता है।
    • घर के पॉल्यूशन को कम करने में एयर प्यूरिफायर अहम रोल निभाते हैं। इसे कमरे और कारों में लगाया जा सकता है। कीमत 1- 8 हजार रुपए तक ऑनलाइन ये प्यूरीफायर अवेलेबल हैं। खासकर कार में इसे जरूर लगवाएं ये बाहर के प्रदूषण के असर को कम करने में मदद करता है।

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