रिसर्च / अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बनाई रक्त से कैंसर कोशिकाओं को खींचकर बाहर निकालने वाली डिवाइस

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2019, 06:02 PM IST


american scientist developed Wearable device captures cancer cells from blood
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american scientist developed Wearable device captures cancer cells from blood

  • मिशिगन यूनिवर्सिर्टी के वैज्ञानिकों ने तैयार की 2 इंच लंबी डिवाइस
  • जानवरों पर हुआ परीक्षण, जल्द ही इंसानों पर किया जाएगा ट्रायल

हेल्थ डेस्क. कैंसर का इलाज अब आसानी से हो सकेगा। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 2 इंच लंबी ऐसी डिवाइस बनाई है जिसे पहनने पर कैंसर कोशिकाएं रक्त से इकट्ठा कर ली जाएंगी। डिवाइस को मिशिगन यूनिवर्सिर्टी के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। इसका प्रयोग जानवरों में लिवर कैंसर का पता लगाने में किया गया है।

हाथ में घड़ी की तरह पहनी जा सकेगी डिवाइस

  1. मिशिगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डेनियल के मुताबिक, वर्तमान में कोई भी मरीज बायोप्सी नहीं कराना चाहता है। ऐसे में डिवाइस की मदद से रक्त में से कैंसर कोशिकाओं को निकालकर जांच के साथ इलाज भी किया जा सकता है। डिवाइस का फिलहाल एक प्रोटोटाइप तैयार किया गया है जो भविष्य में कैंसर को करने का काम करेगा।

  2. ट्यूमर एक मिनट में ब्लड में 1 हजार कैंसर कोशिकाएं रिलीज करता है। वर्तमान में इसका इलाज ऐसे रक्त को शरीर से निकालकर किया जा रहा है। लेकिन नई डिवाइस कुछ ही घंटों में रक्त से सीधे धमनियों में मौजूद कैंसर कोशिकाएं को निकाल लेती है। इसकी मदद से ब्लड की जांच बड़े स्तर पर की जा सकती है। 

  3. डिवाइस में कोशिकाओं को निकालने के लिए एक खास तरह की चिप लगाई गई है। 3 गुना तेजी से इसे कैप्चर करती है। छोटी होने के कारण डिवाइस को आसानी से हाथ में पहना जा सकता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि डिवाइस काफी सुरक्षित है और रक्त का थक्का जमने का खतरा भी नहीं है। 

  4. डिवाइस में नैनोमैटेलियल ग्राफेन ऑक्साइड को इस्तेमाल किया गया है। जो एंटीबॉडी की चेन बनाता है। इसकी मदद से शरीर के रक्त से 80 फीसदी कैंसर कोशिकाओं को कैप्चर करना आसान है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जल्द ही इंसानों में डिवाइस का ट्र्रायल किया जाएगा। इसे हाथ में घड़ी की तरह पहना जा सकेगा।

  5. इसका उपयोग इंसानों में कैंसर के उपचार के तौर पर डॉक्टरों को पता लगाने में मदद करेगा कि कैंसर कोशिकाएं मॉलीक्यूल बना रही हैं या नहीं ताकि कैंसर की नई दवाओं से इसका बेहतर इलाज किया जा सके।

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