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बी-अलर्ट / यूरिन के रंग और गंध में बदलाव होना कई खतरनाक बीमारियों की ओर इशारा



change in urine color and smell indicates severe disease
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change in urine color and smell indicates severe disease

कई बार यूरिन के रंग, गंध और टेक्सचर में बदलाव आ जाता है, अगर ये बदलाव मामूली या अस्थायी है तो इसका कारण किसी खाद्य पदार्थ या दवाई का सेवन हो सकता है, लेकिन ऐसा लंबे समय से है तो सतर्क होने की जरूरत है।

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 07:24 PM IST

हेल्थ डेस्क. यूरिन, हल्के पीले रंग का पारदर्शी और हल्की गंध वाला फ्ल्यूड है, जिसके द्वारा शरीर से अतिरिक्त पानी और व्यर्थ पदार्थ बाहर निकलते हैं। कईं बार यूरिन के रंग, गंध और टेक्सचर में बदलाव आ जाता है, अगर ये बदलाव मामूली या अस्थायी है तो इसका कारण किसी खाद्य पदार्थ या दवाई का सेवन हो सकता है, लेकिन अगर समस्या गंभीर है और लंबे समय तक बनी हुई है तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि ये किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। डॉ. विपिन त्यागी, कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट एंड किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन, सर गंगाराम हॉस्पिटल, नई दिल्ली से जानते हैं यूरिन के रंग में बदलाव के कारण क्या हो सकते हैं।

5 कारण यूरिन में बदलाव के

  1. यूरिन में रुकावट या रिलीज करते हुए दर्द हो तो अलर्ट हो जाएं

    • यूरिन में रक्त आना :यूरिन में रक्त आना किडनी कैंसर का सबसे प्रमुख लक्षण है। किडनी कैंसर को रीनल कैंसर भी कहते हैं, यह एक रोग है जिसमें किडनी की कोशिकाएं कैंसरग्रस्त हो जाती हैं। उन मामलों में जिनमें किडनी कैंसर का पता प्रारंभिक चरण में चल जाता है, तब उपचार संभव है।
    • ब्लैडर में रूकावट या दर्द :प्रोस्टेट का आकार बढ़ने, किडनी स्टोन होने, प्रोस्टेट का आकार बढ़ जाने या मूत्रवाहिनियों के संकरे होने के कारण होता है। शरीर से यूरीन के बाहर निकलने में जो भी चीज रूकावट बनती है वो एक्यूट किडनी फेलियर का कारण बन सकती है। प्रोस्टेट ग्रंथि पुरूषों यूरेथ्रा (मूत्रनली) के आसपास होती है। इसका आकार बढ़ जाना बेनिग्न प्रोसटैटिक हाइपरप्लेसिया (बीपीएच) कहलाता है। 50 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के पुरूषों में यह सामान्य समस्या है। ऐसे में बार-बार मूत्र त्यागने जाने की आवश्यकता पड़ती है, और यूरिन पास करने में दर्द भी होता है। 
    • यूटीआई इंफेक्शन :यूटीआई, यूरेथ्रा (मूत्रनली), ब्लैडर (मूत्राशय), यूरेटर्स (मूत्रवाहिनी) और किडनी (गुर्दे) का संक्रमण है। यह शरीर के वो भाग हैं जिनसे गुजरते हुए यूरिन (मूत्र) शरीर से बाहर निकलता है। यूटीआई में मूत्रमार्ग का कोई भी भाग संक्रमित हो सकता है। यूटीआई के कारण यूरिन पास करने में जलन होती है। यूरिनरी टैक्ट का संक्रमण शरीर में जितना ऊपर स्थित होगा संक्रमण उतना ही गंभीर होगा। 
    • ओवर एक्टिव ब्लैडर: यूरिन को होल्ड नहीं कर पाना और बार-बार यूरीन पास करने जाना, मूत्रमार्ग से संबंधित एक सामान्य समस्या है। यह समस्या ओवरएक्टिव ब्लैडर के कारण होती है, और अधिकतर महिलाओं में होती है। ब्लैडर भरा होने के के कारण ऐसे में यूरिन लीक होने की समस्या हो जाती है। 
    • यूरिन आना बंद हो जाए : यह किडनी फेलियर हो सकता है। किडनी फेलियर तब होता है जब किडनी अपनी फिल्टर करने की क्षमता खो देती है, शरीर में विषाक्त पदार्थ अधिक मात्रा में एकत्र हो जाते हैं, और रक्त में रसायनों का संतुलन गड़बड़ा जाता है। यह स्थिति कुछ घंटो या कुछ महीनों में विकसित हो सकती है। अत्यधिक बीमार लोगों में किडनी फेलियर कुछ ही घंटों में हो जाता है। 

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