इनोवेशन / धड़कते दिल के घाव को 30 सेकंड में भरेगा 'बायो ग्लू', चीनी वैज्ञानिकों का दावा; यह विषैला नहीं

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 01:51 PM IST


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  • यह एक तरह का जैल है जो पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आते ही ठोस होकर घाव को भरता है
  • वैज्ञानिकों का दावा- सुअर की गर्दन की धमनी और खरगोश के लिवर पर किया गया परीक्षण सफल रहा

हेल्थ डेस्क. अब 30 सेकंड में धड़कते दिल में हुए घाव को भरा जा सकेगा। चीन के वैज्ञानिकों ने खास तरह का बायो ग्लू हाइड्रोजैल बनाया है। इससे क्षतिग्रस्त हुईं धमनियों से हो रही ब्लीडिंग को रोका जा सकेगा। शोध नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

सर्जरी के दौरान ब्लीडिंग को भी रोका जा सकेगा

  1. यह जैल पानी, जिलेटिन, प्रोटीन और कई तरह के रसायनों का मिश्रण हैं। यह जैल पराबैगनी किरणों के संपर्क में आते ही ठोस हो जाता है। इससे क्षतिग्रस्त हुए हिस्से का घाव भर जाता है।

  2. वैज्ञानिकों का दावा है कि यह विषैला नहीं हैं। इसका परीक्षण सुअर की गर्दन की धमनी और खरगोश के लिवर पर किया गया है, जो सफल रहा है। शोध के मुताबिक, कई बार सर्जरी या ट्रॉमा की स्थिति में धमनियां डैमेज होने के कारण ब्लीडिंग रोकना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जैल मददगार साबित होगा।

  3. शोधकर्ताओं का कहना है कि जानवरों पर यह प्रयोग सफल रहा है। इंसानों पर बायो ग्लू हाइड्रोजैल का ट्रायल जल्द ही की जाएगा। रिसर्च में दावा किया गया है कि इससे शरीर के किसी भी हिस्से को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।

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