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फूड / जैतून तेल से बढ़ेगा खाने का स्वाद और कम होगा हार्ट अटैक का खतरा

Dainik Bhaskar

Mar 06, 2019, 02:03 PM IST


health benefit of olive oil, how to use olive oil for cooking
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health benefit of olive oil, how to use olive oil for cooking
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हेल्थ डेस्क. पारम्परिक तौर पर सरसों या सोयाबीन के तेल में खाना पकाया जाता है, लेकिन अब जैतून के तेल का उपयोग भी खाना बनाने में होने लगा है। इटैलियन, चायनीज़ और थाई जैसे विदेशी कुज़ीन की ख़ास सामग्रियों में से एक होता है जैतून तेल। ये न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है बल्कि इसे सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है। जैतून के तेल में फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है, जो हृदय रोग के ख़तरे को कम करता है। इसमें सैचुरेटेड फैट भी कम होता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नहीं बढ़ती और हृदयाघात का ख़तरा भी कम हो जाता है।

इस तेल को इस्तेमाल करने का तरीक़ा है थोड़ा अलग

  1. पहले तेल को समझें

    जैतून तेल के भी कई प्रकार होते हैं जिनकी अपनी अलग ख़ूबी होती है। इन्हें अलग-अलग तरीक़ों से खाना बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर दो-तीन प्रकार से इसका इस्तेमाल होता है।

  2. एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव  ऑयल

    ये सबसे अच्छी श्रेणी का तेल है जो काफ़ी गाढ़ा होता है। स्वाद और सुगंध में भी यह बहुत अच्छा होता है जिसे स्ट्रांग फ्लेवर भी कह सकते हैं। इसका इस्तेमाल ड्रेसिंग या डिप बनाने में कर सकते हैं। सलाद, चटनी, पास्ता, पिज़्ज़ा, पास्ता में कच्चा डालकर सर्व किया जा सकता है। 
     

  3. पोमेस जैतून तेल

    इसका स्वाद और ख़ुशबू न ज़्यादा तेज़ और न ज़्यादा कम होती है। भारतीय भोजन पकाने के लिए यह जैतून तेल अच्छा विकल्प है। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑइल के मुकाबले इसकी क़ीमत भी कम होती है। इससे पराठा, सब्ज़ी या कोई भोजन सॉटे कर सकते हैं। इससे स्वाद में बदलाव नहीं आता है। 

  4. शुद्ध ऑलिव ऑयल

    वर्जिन ऑयल निकालने के बाद बचे हुए तेल को रिफाइंड यानी शुद्ध करके थोड़े से वर्जिन ऑयल में मिलाकर इसे तैयार किया जाता है। यह स्वाद में काफ़ी सौम्य होता है। हालांकि भारतीय भोजन पकाने में इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इसे ज़्यादातर केक, पेस्ट्री या आटा गूंधने में इस्तेमाल कर सकते हैं।

  5. 2012 में यूनेस्को ने इसे सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया

    जहां खाने के अन्य तेलों को सम्बंधित पदार्थ के बीज से निकाला जाता है वहीं जैतून का तेल उसके फल से प्राप्त होता है। ऑलिव ऑयल मेडिटेरियन डाइट का मुख्य घटक है। इस डाइट को किश्व की स्वास्थ्यवर्धक डाइट्स में से एक माना जाता है। 2012 में यूनेस्को ने इस डाइट को अमूर्त (इंटेंजिबल) सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया था।

इस्तेमाल का सही तरीका

  1. सलाद बनाते वक़्त, पहले वर्जिन ऑयल डालें, उसके बाद ही नमक और नींबू डालकर मिलाएं। इससे सलाद में मौजूद सब्ज़ियां ताज़ी रहेंगी।

    • जैतून का तेल सॉटे या शैलो फ्राई करने में इस्तेमाल किया जाता है। इसे तेज़ आंच में गर्म नहीं किया जाता है। इससे तेल में मौजूद पौष्टिक तत्व खत्म हो सकते हैं और खाने का स्वाद भी खराब हो सकता है।
    • ब्रेड या रोल पर मक्खन लगाने की जगह वर्जिन ऑयल लगा सकते हैं। 

कैसे करें स्टोर?


  1. जैतून का तेल ख़राब होने पर इसकी ख़ुशबू और स्वाद बिगड़ जाते हैं। इसे ज़्यादा दिनों तक स्टोर न करें। कुछ ही महीनों में उपयोग कर लें।
    इसे अच्छी तरह बंद डिब्बे में रखें। डिब्बा गहरे रंग का हो इसका भी ध्यान रखें।
    हवा, गर्मी और तेज़ रोशनी जैतून तेल को नुकसान पहचा सकते हैं। इसे ठंडी और सूखी जगह पर ही रखें।
    यदि तेल का स्वाद मक्खन जैसा लग रहा है तो यह पुराना हो चुका है।  गुणवत्ता बनाए रखने के लिए, गर्मी के महीनों के दौरान तेल को करिज में रखें। रंगत में थोड़ा मटमैला लगेगा लेकिन तेल सुरक्षित रहेगा। जब इसे इस्तेमाल करना हो तो कुछ देर बाहर निकालकर रखें, उसकेबाद उपयोग करें। 
     

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