टेक-केयर / प्रेग्नेंसी में मीठी चीजों से दांतों और मसूड़ों में संक्रमण का खतरा, मितली के तुरंत बाद न करें ब्रश



how to take care of oral problems during pregnancy
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how to take care of oral problems during pregnancy

Dainik Bhaskar

Oct 16, 2018, 05:44 PM IST

हेल्थ डेस्क. प्रेग्नेंसी के नौ महीनों के दौरान शरीर बहुत से बदलावों से गुजरता है। इस दौरान महिलाओं को कुछ खास किस्म की चीज़ें खाने का मन होता है जिनमें ज्यादातर मीठी चीज़ें होती हैं, जिससे बैक्टीरियल इंफेक्शन या हड्डियों के ढांचे को नुकसान का खतरा होता है। गर्भावस्था में एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरॉन जैस हार्माेन बढ़ जाते हैं जिससे दांतों की समस्या बढ़ने होने का जोखिम बढ़ जाता है। पेरियोडॉन्टिस्ट डॉ. तुषिका बंसल से जाते हैं इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
 

4 प्वाइंट्स : क्या करें, क्या न करें

  • बहुत सी महिलाओं को मसूड़ों की सूजन, जलन और यहां तक कि मसूड़ों में खून आने की परेशानी भी हो सकती है। इसे 'प्रेगनेंसी जिंजिवाइटिस' कहते हैं और यह समस्या अधिकतर पहले तीन महीनों में होती है। यह समस्या इसलिए होती है क्योंकि मसूड़े प्लाक के जमने पर प्रतिक्रिया करते हैं तो हार्मोन बहुत बढ़ जाते हैं। 
  • गर्भावस्था में जिंजिवाइटिस मुख्यतः बैक्टीरियल प्लाक की वजह से होता है। इस स्थिति के चलते मसूड़ों में जलन-सूजन और यहां तक कि रक्तस्त्राव भी हो सकता है। अगर इसका समय पर इलाज न किया गया तो यह समस्या बदतर होकर पेरियोडॉन्टाइटिस में बदल सकती है। 
  • एक बड़ा कारण जो गर्भावस्था में सेहत पर नेगेटिव प्रभाव डालता है वह है मितली और उल्टी। लगातार सफाई और उल्टी से दांत कमजोर हो जाते हैं जो भविष्य में गिर सकते है। उल्टी के तुरंत बाद गर्भवती महिलाओं को अपने दांत ब्रश नहीं करने चाहिए। 
  • रोजाना दो बार कुछ मिनट तक ब्रश करने, डेंटल फ्लॉस इस्तेमाल करते हुए दांतों के बीच नियमित सफाई करना चाहिए। डेंटिस्ट के पास नियमित जाने और फल-हरी सब्जियों का सेवन समेत संतुलित आहार लेना चाहिए। 
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