Social Initiative / सामाजिक कल्याण की ओर एक कदम बढ़ता ई-सेल आईआईटी बॉम्बे का ऑटिज़्म अभियान

भारत में 500 में 1 से लेकर 160 में 1 बच्चे ऑटिज़्म से पीड़ित होते है

IIT Bombay's autism campaign a step towards social welfare
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IIT Bombay's autism campaign a step towards social welfare

Dainik Bhaskar

Oct 01, 2019, 07:00 PM IST

विभिन्न क्षमताओं और प्रतिभाओं वाले लोगों से भरी इस दुनिया में कई ऐसे हैं जो विभिन्न विकलांगताओं के शिकार हैं। एक ऐसी ही विकलांगता संचार और व्यवहार को प्रभावित करती है - ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी)। ऑटिज़्म परिवर्तनशील गंभीरता का एक विकास संबंधी विकार है जो सामाजिक संपर्क और संचार में कठिनाई व विचार और व्यवहार के प्रतिबंधित या बार बार घट रहे पैटर्नों द्वारा पहचाना जाता है। भारत में 500 में 1 से लेकर 160 में 1 बच्चे ऑटिज़्म से पीड़ित होते हैं। देश में हर साल ऑटिज़्म के लगभग 1 मिलियन मामले दर्ज किए जाते हैं।

सबसे अधिक घटने वाले विकारों में से एक होने के नाते यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आम जनता के बीच ऑटिज़म व उसके इलाज की जागरुकता बढ़ाई जाए। इसी लक्ष्य पर केंद्रित होकर ई-सेल आईआईटी बॉम्बे ने एक अभियान शुरू किया है जिसके मुख्य उद्देश्य ऑटिज़्म के प्रति जागरुकता बढ़ाना व इसके परिणामस्वरूप सबके लिए एक स्वस्थ व समावेशी समाज का निर्माण करना है।

इस अभियान के तहत डॉ○ जालपा भूता (मनोचिकित्सक), सुश्री कोयली सेनगुप्ता (निदेशक, उम्मीद चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर) और प्रणव बक्शी (भारत के पहले माॅडल जिन्हें ऑटिज़्म है) द्वारा 'अंडरस्टैंडिंग ऑटिज्म' ('ऑटिज़्म की समझ') पर एक पैनल चर्चा आयोजित की जा रही है।

इसके बाद 'सपोर्टिंग ऑटिज्म' ('ऑटिज़्म सहायता') पर एक और पैनल चर्चा की जाएगी, जिसमें भारतीय अभिनेत्रियाँ इशिता शर्मा और हीरा अशर भाग लेंगी। यह दोनों छोटी उम्र से ही ऑटिज़्म जागरुकता अभियानों में सक्रिय रही हैं।

इस आयोजन की शोभा और बढ़ाएँगी भारतीय अभिनेत्री एली अवराम, जिन्होंने हमारे स्वप्न का भरपूर समर्थन किया है व इसे साकार करने हेतु अपनी उत्सुकता जताई है।

यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर, 2019 को आयोजित किया जाएगा

इसके अलावा अधिक से अधिक लोगों को अवगत कराने के लिए ई-सेल बांद्रा किले के पास 6 अक्टूबर को "रन फॉर ऑटिज़्म" ("ऑटिज़्म हेतु दौड़") भी आयोजित कर रहा है। इसके लिए पंजीकरण ecell.in/social/marathon पर किया जा सकता है।

आज की दुनिया में हम अगर देखें तो कई बड़े संगठनों और प्रसिद्ध हस्तियों ने ऑटिज़्म अपनाया है और इसके बारे में जागरूकता फैलाकर समाज में योगदान दे रहे हैं। डेरन विलियम्स, एनबीए ऑल-स्टार, का ऑटिज्म स्पेक्ट्रम में एक बेटा है और वह 'ऑटिज्म स्पीक्स' एंबेसडर हैं। विलियम्स ने पाॅइंट ऑफ होप फाउंडेशन की भी स्थापना की, जो अनुदान के माध्यम से बच्चों के संगठनों का समर्थन करता है। अतीत में कई प्रसिद्ध हस्तियों जैसे निकोला टेस्ला, अल्बर्ट आइंस्टीन, न्यूटन के बारे में कहा जाता है कि वे भी ऑटिज़्म से पीड़ित थे। उन्होंने आज इस बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए एक आशा की एक किरण पैदा की है।

आप इसके लिए यह फाॅर्म भरकर अपना समर्थन दिखा सकते हैं। 

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