रिसर्च / योजनाबद्ध तरीके से व्रत करने से डायबिटीज मरीजों में घटती है इंसुलिन और दवाओं की जरूरत



Planned fasting may cut use of insulin and reverse diabetes research reveal
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Planned fasting may cut use of insulin and reverse diabetes research reveal

Dainik Bhaskar

Oct 10, 2018, 07:16 PM IST

हेल्थ डेस्क. टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे हैं तो व्रत रखना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। लेकिन पहली शर्त है कि इसे योजनाबद्ध तरीके से ही करें। 24 घंटे के व्रत का सीधा असर इंसुलिन पर पड़ता है। टोरंटो यूनिवसिर्टी में हुए शोध में डॉक्टरों ने पाया है कि जिन मरीजों ने योजनाबद्ध तरीके से व्रत किया उनमें इंसुलिन की जरूरत में कमी आई। रिसर्च में शामिल डॉक्टरों के अनुसार 40 और 67 साल के तीन मरीजों पर यह रिसर्च की गई है।

 

ऐसे हुई रिसर्च 

  1. रिसर्च के मुताबिक डायबिटीज के मरीज इंसुलिन के अलावा भी कई तरह की दवाओं को लेते हैं। रिसर्च में ऐसे ही तीन मरीजों को शामिल किया गया था जो टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ते कोलेस्ट्रॉल से परेशान  थे। 
  2. तीन में से दो मरीजों ने एक-एक दिन के अंतराल पर 24 का घंटे व्रत किया। जबकि तीसरे मरीज ने एक हफ्ते में तीन दिन व्रत रखा। व्रत के दौरान मरीजों को केवल पानी और लो-कैलोरी ड्रिंक्स जैसे चाय, कॉफी दी गईं। इसके अलावा शाम को लो-कैलोरी फूड दिया गया।
  3. व्रत के पहले मरीजों को डायबिटीज से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी गई थीं। सेमिनार में डायबिटीज कैसे होती है, इसका शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है, हेल्दी डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए और खानपान से डायबिटीज कैसे कंट्रोलकी जाए जैसी बातों की जानकारी दी गई थीं। 
  4. मरीजों ने करीब 10 महीने खानपान के इस नियम को फॉलो किया। इसके बाद उनका फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज, औसत ब्लड ग्लूकोज, वजन और कमर को नापा गया। 
  5. परिणाम के रूप में सामने आया कि पहले ही महीने असर दिखना शुरू हुआ। डायबिटीज से पीड़ित तीनों ही मरीजों ने इंसुलिन लेना बंद किया। इनमें से एक मरीज में तो यह असर मात्र 5 दिन में ही देखा गया।
  6. बीएमजे केस रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकशित इस शोध के अनुसार 24 घंटे का व्रत मरीजों में धीरे-धीरे बाहर से इंसुलिन लेने की जरूरत में कमी लाने के साथ दवाओं का इस्तेमाल भी घटता है। 
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