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ब्रेन कैंसर / मस्तिष्क में ट्यूमर सेल्स की पहचान करेगी ड्रिंक, वैज्ञानिकों ने ‘फ्लोरेसेंट मार्कर’ नाम दिया

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 06:50 PM IST


scientist makes drink that makes tumours glow to treat brain cancer
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scientist makes drink that makes tumours glow to treat brain cancer

हेल्थ डेस्क. वैज्ञानिकों ने ऐसी ड्रिंक (पेय) बनाई है जो ब्रेन में मौजूद ट्यूमर को पहचानने में मदद करती है। इसकी मदद से सर्जरी के दौरान डॉक्टर आसानी से स्वस्थ कोशिका और ट्यूमर में फर्क कर पाएंगे। इसे फ्लोरेसेंट मार्कर का नाम दिया गया है। यह रिसर्च ऐसे मरीजों पर की गई जो हाई ग्रेड ग्लियोब्लास्टोमा (ब्रेन कैंसर सबसे कॉमन प्रकार) से पीड़ित थे।

 

ब्रेन कैंसर के ज्यादातर मामलों में डॉक्टरों को सर्जरी के दौरान ट्यूमर सेल्स को पहचानने में दिक्कत होती है। लेकिन इस खास ड्रिंक्स को पीने के बाद ट्यूमर वाली कोशिकाएं के रंग में भी बदलाव आता है जिससे इलाज के दौरान स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं होता है।

 

99 मरीजों पर हुई शोध
यह रिसर्च हाई ग्रेड ग्लियोब्लास्टोमा से पीड़ित 99 मरीजों पर की गई। इनकी उम्र 23 से 77 वर्ष के बीच थी। शोधकर्ताओं ने इन मरीजों को जांच से पहले ड्रिंक पिलाई जिसमें 5-अमीनोलेवूलीनिक एसिड का इस्तेमाल किया गया  था। ये खास तरह का रसायन है जिस पर रोशनी पड़ते ही गुलाबी रंग का दिखाई देने लगता है। ऑपरेशन के दौरान सर्जन ने पाया कि 85 मरीजों की ट्यूमर कोशिकाओं के रंग में बदलाव दिखा। इनमें 81 में हाई ग्रेड ब्रेन कैंसर की पुष्टि भी हुई। एक मरीज में लो-ग्रेड डिजीज पाई गई और तीन में बीमारी का पता नहीं लग सका।

 

आसान होगी न्यूरोसर्जरी
शोध टीम का नेतृत्व कर रहे बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और ब्रेन कैंसर प्रोग्राम के हेड कोलीन वाट्स के मुताबिक जब मस्तिष्क में तेजी से हाई ग्रेड कैंसर कोशिकाओं में वृद्धि होती है तो न्यूरोसर्जन के लिए स्वस्थ और ट्यूमर कोशिकाओं में अंतर करना काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन ‘फ्लोरेसेंट मार्कर’ की मदद से इसे पहचानना आसान हो जाएगा। न्यूरोसर्जरी के बाद पैथोलॉजिस्ट मरीज की जांच करता है और जरूरत के मुताबिक रेडियोसर्जरी या कीमोथैरेपी करता है। रिसर्च को ग्लासगो में हुई नेशनल कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट कैंसर कॉन्फ्रेंस 2018 में भी पेश किया गया था। 

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