दुर्लभ बीमारी / दुनिया की सबसे उम्रदराज प्रोजेरिया सर्वाइवर, 8 गुना तेजी से बढ़ रही है उम्र; योग से लड़ रहीं बीमारी की जंग



the oldest known survivor of rare Benjamin Button progeria condition
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the oldest known survivor of rare Benjamin Button progeria condition
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  • आनुवांशिक बीमारी होने के कारण भाई चेड का 39 साल की उम्र में निधन हो गया था
  • आमतौर पर प्रोजेरिया से पीड़ित मरीज 12 साल की उम्र से अधिक नहीं जी पाते हैं

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2019, 08:17 PM IST

हेल्थ डेस्क. टिफ्नी वेडकाइंड की उम्र 41 साल है और दुनिया की सबसे उम्रदराज प्रोजेरिया सर्वाइवर हैं। प्रोजेरिया बीमारी से पीड़ित टिफ्नी की उम्र 8 गुना तेजी से बढ़ रही है। चेहरे पर झुर्रियां आ चुकी हैं लेकिन योग की मदद से बीमारी से लड़ने की जंग जारी है। उनका कहना है कि मुझे नहीं मालूम यह चमत्कार है या नहीं लेकिन दूसरों की तरह ही हूं और योग की मदद प्रतिरक्षी तंत्र (इम्यून सिस्टम) बेहतर कर पाई हूं।
 

दूसरे प्रोजेरिया मरीजों से हैं अलग 

  1. दुनियाभर में 156 बच्चों में देखे गए हैं इसके मामले

    ऐसे मामले दुनियाभर में 156 बच्चों में देखे गए हैं। टिफ्नी वेडकाइंड ऐसे दूसरे मरीजों से अलग इसलिए हैं क्योंकि आमतौर पर उम्र के दूसरे साल तक प्रोजेरिया के लक्षण दिख जाते हैं और मरीज 12 साल की उम्र से ज्यादा नहीं जी पाते। लेकिन कोलंबिया की रहने वाली टिफ्नी की बीमारी के खिलाफ जंग जारी है। 

  2. बीमारी का असर दांत, दिल और बालों पर भी

    डॉक्टरों का कहना है ये बीमारी आनुवांशिक रूप से टिफ्नी में आई है। टिफ्नी का भाई चेड का भी इसी बीमारी के कारण 39 साल की उम्र में निधन हो गया था। वर्तमान में बीमारी के कारण वह कमजोर होते दांतों, झड़ते बाल और हृदय रोगाें से भी जूझ रही हैं। 4 फीट 5 इंच लंबाई वाली टिफ्नी का वजन घटकर 26 किलो रह गया है। वह नियमित तौर पर योग करती हैं और कैंडल बनाने वाली कंपनी को सफलतापूर्वक चला रही हैं। 

  3. नेशनवाइड चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल के डॉ. किम मैकब्राइड का कहना है कि करीब 10 साल पहले टिफ्नी और उसका भाई मेरे पास आया  था। दोनों की स्थिति काफी दुर्लभ हैं क्योंकि बीमारी के इतने लंबे समय तक जीवित रहना आश्चर्यजनक है। दोनों में ही बीमारी के लक्षण काफी समय बाद देखे गए थे। चेड में भी जब दिल की बीमारी और पैरों की हड्डी टूटने की बात सामने आई थी तब इसका पता चला था। 

  4. आमतौर पर प्रोजेरिया की स्थिति में दांतों का टूटना, बॉडी में चर्बी घटने के साथ इंसान बूढ़ा दिखने लगता है। इसके अलावा जोड़ों में जकड़न, कूल्हों का खिसकना और हार्ट डिजीज के मामले बढ़ जाते हैं लेकिन टिफ्नी का कहना है कि बेहद कम उम्र में दांत कमजोर हो गए थे लेकिन वे गिरे नहीं था उन्हें निकलवाया गया था। वर्तमान में लगे दांत नेचुरल नहीं हैंं। मेरे बाल टूट रहे हैं और हार्ट वॉल्व भी कमजोर हो गए हैं।

  5. प्रोजेरिया जीन में परिवर्तन के कारण होने वाली बीमारी है। ऐसी स्थिति में शरीर में लेमिन-ए प्रोटीन का निर्माण अधिक होने लगता है और समय से पहले मरीज बूढ़ा होने लगता है। टिफ्नी की 70 वर्षीय मां प्रोजेरिया से जुड़े जीन थे हालांकि उनमें बीमारी से जुड़े लक्षण नहीं देखे गए थे।

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