रिसर्च /खाने की आदतों को बदलकर रहा जा सकता है स्वस्थ



three different studies shows that one can stay healthy by changing food habits
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three different studies shows that one can stay healthy by changing food habits

Dainik Bhaskar

Mar 03, 2019, 12:31 PM IST

हेल्थ डेस्क. हाल ही खाने से जुड़ी हमारी आदतों को लेकर तीन रिसर्च सामने आई हैं। ये रिसर्च एक्सरसाइज और डाइट के संबंध, मिठाई खाने के फायदे-नुकसान और एक्सपाइरी डेट देखकर खाने से जुड़े प्रोडक्ट्स फेंकने की आदत से जुड़ी नई जानकारियां सामने लाई हैं। पढ़िए तीन अमेरिकी संस्थाओं द्वारा की गई रिसर्च के नतीजे... 

  • एक्सरसाइज से जागती है पौष्टिक खाना खाने की इच्छा

    एक्सरसाइज से जागती है पौष्टिक खाना खाने की इच्छा

    इंटरनेशनल ओबेसिटी जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक एक्सरसाइज शुरू करना आपको अच्छा खाना खाने के लिए प्रेरित कर सकती है। टेक्सस यूनिवर्सिटी में न्यूट्रिशनल साइंस की प्रमुख मोली ब्रे लिखती हैं, 'किसी खास डाइट को शुरू करना कठिन होता है। अधिकतर लोग शुरुआत में ही कमी महसूस करने लगते हैं। कुछ खाने की बजाय आप कोई शारीरिक गतिविधि शुरू कर अपने खान-पान में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं'।

    स्टडी के लिए रिसर्चरों ने 2500 कॉलेज छात्रों को चुना। ये डाइटिंग और एक्सरसाइज नहीं करते थे। इन्हें 15 सप्ताह के एरोबिक एक्सरसाइज प्लान (सप्ताह में तीन दिन 30 से 60 मिनट) पर रखा गया। करीब 2000 ने एक्सरसाइज प्लान का पालन किया। जिन लोगों ने ज्यादा और तेज एक्सरसाइज की उनका डाइट बेहतर होता गया। ब्रे कहती हैं, इस बदलाव का कारण मनोवैज्ञानिक और शारीरिक है। अन्य अध्ययनों ने भी दर्शाया है कि एक्सरसाइज से दिमाग की हलचल बदलती है जिससे हेल्दी खाने की इच्छा जाग सकती है। 

  • खाने से पहले मीठा खा लें तो बाद में हेल्दी फूड पसंद आएगा

    खाने से पहले मीठा खा लें तो बाद में हेल्दी फूड पसंद आएगा

    हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि कभी-कभार मीठा खाना फायदेमंद हो सकता है। आमतौर पर शुगर को वजन बढ़ने और टाइप 2 डायबिटीज, कैंसर और दिल की बीमारियों से जोड़ा जाता है। एक्सपेरिमेंटल साइकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित स्टडी के लिए 130 कॉलेज छात्रों और स्टाफ को लंच से पहले दो मिठाइयां खाने का विकल्प दिया गया। जिन लोगों ने लेमन चीज केक जैसी खराब मिठाई चुनी, उन्होंने फल खाने वालों की तुलना में हेल्दी खाना और कम कैलोरी लीं। चीज केक खाने वाले 70% लोगों ने स्वास्थ्य के लिए बेहतर मुख्य डिश का चुनाव किया। लेकिन, फल खाने वाले केवल एक तिहाई लोगों ने ऐसा किया। चीज केक खाने वाले लोगों ने फल खाने वालों की तुलना में 250 कैलोरी कम लीं।

    एरिजोना यूनिवर्सिटी में मार्केटिंग और कॉग्निटिव साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर और स्टडी के लेखक मार्टिन रीमान कहते हैं, यदि आप किसी भारी डिश का पहले चुनाव करते हैं तो फिर आप हेल्दी विकल्प की ओर जाते हैं। मिठाई हर दिन नहीं खाई जानी चाहिए और ताजे फल के साथ खाना समाप्त करना ठीक है। 

  • गंध, स्वाद से तय करें खाना कैसा है, एक्सपायरी डेट से नहीं

    गंध, स्वाद से तय करें खाना कैसा है, एक्सपायरी डेट से नहीं

    वेस्ट मैनेजमेंट जर्नल में छपी एक स्टडी से पता लगा है, अधिकतर अमेरिकी अनावश्यक तौर पर डिब्बाबंद फूड फेंक देते हैं। वे फूड खराब होने के कारण नहीं बल्कि पैकेट पर लिखी तारीख के आधार पर ऐसा करते हैं। फूड प्रोडक्ट की तारीखों के साथ अक्सर लिखा होता है, बेस्ट बाई या सेल बाई। कई अमेरिकी भरोसा करते हैं, तारीखें संकेत करती हैं कि किस समय के बाद फूड सुरक्षित नहीं है। 


    अमेरिकी कृषि विभाग की विशेषज्ञ जेनेल गुडविन बताती हैं, तारीख रहने या निकलने से कोई चीज बेकार नहीं हो जाती है। खाने को खराब और दूषित करने वाला बैक्टीरिया प्रोडक्ट की गंध, जायके या बनावट में बदलाव लाता है। अगर इनमें से कुछ भी नहीं बदला है तो फूड सुरक्षित है। फूड को गर्म कर बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों से बच सकते हैं। वे कहती हैं, बेस्ट का मतलब है कि फूड का जायका या क्वालिटी कब सबसे अच्छी है। सैल बाई से संकेत मिलता है, कोई स्टोर कितने लंबे समय तक प्रोडक्ट बेच सकता है। और यूज बाई तारीख बताती है कि प्रोडक्ट की क्वालिटी सबसे ज्यादा बेहतर कब तक रहती है। 

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