वर्ल्ड हेल्थ डे / स्पेन सबसे सेहतमंद देश, क्योंकि वहां लोग मैडिटेरेनियन डाइट ले रहे; 50% भारतीयों का भोजन असंतुलित



world health day 2019 special why spain is most healthiest country
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world health day 2019 special why spain is most healthiest country

  • स्पेन में हर नागरिक की सेहत पर रोजाना 650 रुपए खर्च कर रही सरकार, भारत में सिर्फ 4.50 रुपए
  • स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 37% भारतीय महिलाएं हफ्ते में सिर्फ एक बार हरी सब्जी खा पाती हैं
  • डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, भारतीयों की औसत आयु 67.4 साल, स्पेन के लोगों की औसत उम्र 82.28 साल

Dainik Bhaskar

May 04, 2019, 08:40 PM IST

नई दिल्ली. करीब साढ़े चार करोड़ की आबादी वाले स्पेन के लोग सबसे ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। हाल ही में आई ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में स्पेन को दुनिया का सबसे स्वस्थ देश माना गया था। शोधकर्ताओं ने स्पेन के सबसे स्वस्थ देश होने का कारण यहां के लोगों की खानपान की आदत को माना। उनका मानना है कि यहां के लोग कम फैट और कार्बाेहाइड्रेट वाला खाना खाते हैं, इसलिए ज्यादा सेहतमंद होते हैं। 169 देशों की लिस्ट में भारत सेहत के मामले में 120वें स्थान पर था। इसकी वजह यह है कि  50% भारतीयों का भोजन असंतुलित होता है और सरकार भी हर नागरिक की सेहत पर कम खर्च करती है। 7 अप्रैल को वर्ल्ड हेल्थ डे के मौके पर भास्कर प्लस ऐप अापको मैडिटेरेनियन डाइट और भारतीय आहार में फर्क के बारे में बता रहा है।


स्पेन के लोगों के स्वस्थ रहने की वजह है मैडिटेरेनियन डाइट
यूरोपीय देशों में ज्यादातर लोग मैडिटेरेनियन डाइट लेते हैं। स्पेन के सबसे सेहतमंद देश होने का कारण भी यही है। स्पेन के लोग अपने खाने में जैतून का तेल और नट्स शामिल करते हैं। इसके अलावा ब्रैड, चावल, छिलके समेत आलू जैसी स्टार्च वाली चीजें, फल-सब्जियां, साबुत अनाज, सूखे मेवे भी इस डाइट में शामिल होते हैं। विशेषज्ञों ने भी मैडिटेरेनियन डाइट को लो-फैट डाइट से बेहतर माना है। इस डाइट को लेने से ब्रेस्ट कैंसर, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है। इससे मोटापे से बचा जा सकता है।


1 लाख किलो वजन कम करने का टारगेट
स्पेन के उत्तर-पश्चिमी इलाके नैरोन के रहवासियों का वजन बढ़ता जा रहा था। पिछले साल वहां एक मुहिम छेड़ी गई। इसमें लोगों से हेल्दी डाइट लेने के साथ-साथ एक्सरसाइज करने की अपील की गई। इस मुहिम में नैरोन के 39,426 रहवासी शामिल हुए। डॉक्टरों ने दो साल में सभी लोगों का कुल वजन 1 लाख किलो कम करने का लक्ष्य रखा है। यानी हर नागरिक को कम से कम 2.5 किलो वजन कम करना है।


10 सबसे स्वस्थ देश

देश हेल्थ ग्रेड हेल्थ स्कोर
स्पेन 92.75 96.56
इटली 91.59 95.83
आइसलैंड 91.44 96.11
जापान 91.38 95.59
स्विट्जरलैंड 90.93 94.71
स्वीडन 90.24 94.13
ऑस्ट्रेलिया 89.75 93.96
सिंगापुर 89.29 93.19
नॉर्वे 89.09 93.25
इजरायल 88.15 92.01


स्पेन v/s भारत: प्रति व्यक्ति रोजाना कितना खर्च करती है सरकार?
ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) के मुताबिक, 2017 में स्पेन की सरकार हर साल प्रति व्यक्ति के स्वास्थ्य पर 3,370 यूएस डॉलर (करीब 2,33,300 रुपए) खर्च कर रही थी, जबकि भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय की नेशनल हेल्थ प्रोफाइल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने 2017-18 में प्रति व्यक्ति के स्वास्थ्य पर सिर्फ 1657 रुपए खर्च किए। इस हिसाब से स्पेन की सरकार अपने हर नागरिक के स्वास्थ्य पर रोजाना करीब 650 रुपए खर्च करती है जबकि भारत सरकार रोजाना हर नागरिक के स्वास्थ्य पर सिर्फ 4.50 रुपए का खर्च करती है। इस मामले में अमेरिका सबसे आगे है। अमेरिका हर साल अपने हर नागरिकों की सेहत पर 10 हजार डॉलर से ज्यादा खर्च करता है, लेकिन इसके बावजूद लाइफस्टाइल और खानपान की अादतों के चलते वह सबसे स्वस्थ देशों की लिस्ट में 35वें नंबर पर है।


50% भारतीय असंतुलित डाइट लेते हैं, महिलाएं ज्यादा अस्वस्थ
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सर्वे के मुताबिक, करीब 50% भारतीय असंतुलित डाइट लेते हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 की मानें तो भारत में सिर्फ 47% महिलाएं ही रोजाना हरी सब्जियां खाती हैं। 37% महिलाएं हफ्ते में सिर्फ एक दिन हरी सब्जियां खा पाती हैं। सर्वे में सामने आया था कि 45% महिलाएं रोजाना दाल, दूध और दही ले पाती हैं जबकि हफ्ते में एक बार इन्हें खाने वाली महिलाएं 23% हैं। इसी तरह से सिर्फ 25% महिलाएं कभी-कभी डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करती हैं, जबकि 7% ऐसी हैं जिन्होंने अपने जीवन में कभी भी दूध-दही नहीं खाया।


भारतीयों से 15 साल ज्यादा जीते हैं स्पेनिश
विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2016 के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीयों की औसत आयु 67.4 साल है। वहीं, स्पेनिश नागरिकों की औसत आयु 82.28 साल है। यानी स्पेनिश, भारतीयों से करीब 14 साल ज्यादा जीते हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, स्पेन में पुरुषों की औसत आयु 79.42 साल और महिलाओं की औसत आयु 85.05 साल है। जबकि भारत में पुरुषों की औसत आयु 66.13 साल और महिलाओं की 68.93 साल है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने अनुमान जताया है कि 2040 तक स्पेन के नागरिकों की औसत आयु बढ़कर करीब 86 साल हो जाएगी जो दुनिया में सबसे ज्यादा होगी। फिलहाल, जापानी नागरिकों की आयु सबसे ज्यादा 83.74 साल है।

 

  मैडिटेरेनियन डाइट इंडियन डाइट
फैट लो फैट प्रोडक्ट्स, जैतून का तेल। मक्खन, घी, तेल, नट्स।
प्रोटीन मछली, सी फूड, सब्जियां।  पनीर, दूध, मिल्क प्रोडक्ट्स, बीज, नट्स, अंडा, सोया प्रोडक्ट्स।
विटामिन और मिनरल्स टमाटर, अंडा, वाइट फिश, मशरूम, नट्स, पालक, चिकन, चावल, रेड मीट। संतरा, हरी सब्जियां, सेब, टमाटर, आंवला, अंडा, मिल्क प्रोडक्ट्स, सोया प्रोडक्ट्स, फल।


भास्कर नॉलेज : मैडिटेरेनियन डाइट क्या है?
डाइटिशियन मेधावी गौतम बताती हैं कि जो लोग समुद्र तटीय इलाकों के पास रहते हैं, वे मैडेटेरेनियन डाइट लेते हैं। इसमें सी-फूड के अलावा साबुत अनाज लिया जाता है। ऐसे इलाकों में रहने वाले लोग अपने खाने में बहुत ही कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट लेते हैं, जबकि प्रोटीन ज्यादा मात्रा में लेते हैं। इसमें हरी सब्जियों के साथ-साथ मछलियां भी शामिल होती हैं।


भारतीय ऐसी डाइट कैसे ले सकते हैं?
मेधावी का कहना है कि भारत में मैडिटेरियन डाइट दक्षिणी इलाकों में रहने वाले लोग तो ले सकते हैं लेकिन बाकी इलाकों में रहने वाले लोगों को लिए यह डाइट लेना मुश्किल है। सी-फूड की जगह हम दालें, सोयाबीन दालें ले सकते हैं। हरी सब्जियां ले सकते हैं, सोया मिल्क ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि मैडिटेरेनियन डाइट में ओमेगा 3 होता है जिसे लेने के लिए हम साबुत अनाज ज्यादा से ज्यादा खा सकते हैं और मछली की जगह अलसी ले सकते हैं। मैडेटेरेनियन डाइट में साबुत अनाज लिया जाता है जबकि भारतीय मिश्रित अनाज ज्यादा लेते हैं। हम कार्बोहाइड्रेट ज्यादा मात्रा में लेते हैं। हमारी हर सब्जी में आलू होता है, जबकि मैडिटेरेनियन डाइट लेने वाले लोग कार्बोहाइड्रेट बहुत कम लेते हैं। इससे उनका वजन नहीं बढ़ता। 


ऐसी कौन-सी बातें हैं जिनसे हमें बचना चाहिए?
मेधावी का कहना है कि हमें समोसा-कचौड़ी खाने से बचना चाहिए क्योंकि इनमें लो-फैटी एसिड होते हैं जो दिल के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। हमें कम शुगर वाला खाना लेना चाहिए ताकि शुगर लेवल कंट्रोल रहे। इसके अलावा, बार-बार चाय पीने की जगह ग्रीन टी पीना चाहिए।


स्वस्थ रहने के लिए सही ईटिंग पैटर्न क्या होना चाहिए?
इस बारे में मेधावी का मानना है कि हमें दिन के खाने को कई हिस्सों में बांटना चाहिए। हम थोड़ी-थोड़ी देर में खाना खाकर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। ज्यादातर लोग सुबह खाते हैं और फिर सीधे रात में खाते हैं। जबकि, हमें हर दो घंटे में कुछ न कुछ खाना चाहिए। इससे न सिर्फ हमारा एनर्जी लेवल बढ़ता है बल्कि शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।

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