वर्ल्ड किडनी डे / किडनी का फिटनेस प्लान; डाइट में घटाएं नमक, रोजाना पीएं 10-12 गिलास पानी



world kidney day 2019 know kidney fitness plan and how to make kidney healthy
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world kidney day 2019 know kidney fitness plan and how to make kidney healthy

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2019, 12:37 PM IST

हेल्थ डेस्क. दुनियाभर में 19.5 करोड़ महिलाएं किडनी की समस्या से पीड़ित है। भारत में भी यह संख्या तेज़ी से बढ़ती जा रही है। हर साल 2 लाख लोगों को किडनी रोग हो जाता है। शुरूआती स्टेज में इस बीमारी को पकड़ पाना मुश्किल है क्योंकि दोनों किडनी 60 प्रतिशत ख़राब होने के बाद ही मरीज़ को इसका पता चल पाता है। 2019 के वर्ल्ड किडनी डे की थीम है किडनी हेल्थ फॉर एवरी वन, एवरी वेयर। एक्सपर्ट के मुताबिक, किडनी की बीमारियों से बचने के लिए तीन चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। डाइट में नमक की मात्रा कम हो, रोजाना 10-12 गिलास पानी पीएं और खाने में फैट कम से कम लें। वर्ल्ड किडनी डे के मौके पर  श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. राजेश अग्रवाल से जानिए, इसे कैसे फिट रखें….

सवाल - जवाब: किडनी कब, क्यों और कैसे होती है बीमारी

  1. सवाल : क्यों होती है किडनी की बीमारी और कैसे निपटें?

    जवाब : किडनी की बीमारियों से दूर रहने के लिए डाइट में नमक और फैट कम से कम लें। गर्मी के दिनों में खासतौर पर किडनी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। शरीर से पानी पसीने के रूप में निकलता है ऐसे में मिनिरल्स निकलने पर इलेक्ट्रोलाइट्स का नुकसान होता है, जिसके कारण किडनी में पथरी होने की आशंका बढ़ जाती है। 

    • पानी की कमी के कारण डिहाइड्रेशन, डायरिया और हीट स्ट्रोक की आशंकाएं भी बढ़ जाती हैं। इसलिए गर्मियों में पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए। 
    • नमक और फैट किडनी की समस्या के बड़े कारण हैं। भोजन में भोजन में ऊपर से नमक न डालें। इसके बजाय नींबू या कोई हर्ब डालें। सोडायुक्त पेय व फास्टफूड से दूरी बनाएं। 
    • नियमित रूप से व्यायाम करें और वज़न पर नियंत्रण रखना किडनी की सेहत के लिए अच्छा होता है। 
    • 35 साल की उम्र के बाद समय-समय पर ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच कराएं। ब्लड प्रेशर या मधुमेह के लक्षण मिलने पर हर छह महीने में पेशाब और खून की जांच करानी चाहिए। 
    • दर्दनिवारक दवाओं का कम मात्रा में इस्तेमाल करें।  लाइफस्टाइल में सुधार की जाए तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

  2. सवाल : कौन से लक्षण दिखने पर अलर्ट हो जाना चाहिए?

    जवाब : लगातार उल्टी आना, भूख ना लगना, थकान और कमज़ोरी महसूस ह़ोना, पेशाब की मात्रा कम ह़ोना, खुज़ली की समस्या ह़ोना, नींद ना आना, मांसपेशियों में खिंचाव होना किडनी में खराबी के लक्षण हैं। शरीर में ऐसे बदलाव दिखने पर नेफ्रोलॉजिस्ट से मिलें।

  3. सवाल: किडनी क्यों हो जाती है बीमार?

    जवाब: किडनी रक्त को साफ़ करके अतिरिक्त पानी और लवण को बाहर निकालने का काम करती है। अगर गुर्दे दवाओं और खान-पान के नियमन से बाहर हो जाएं, ख़राब हो जाएं, तो इस स्थिति को क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ कहा जाता है। इसके बाद डायलिसिस और ट्रांसप्लांट तक की नौबत आ सकती है। गुर्दों की अनदेखी शरीर के लिए बहुत महंगी साबित होती है। 

    गुर्दे ख़राब होने के कारण आमतौर पर मूत्र मार्ग में संक्रमण, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी दिक्कतें गंभीर किडनी रोग का कारण बन सकती हैं।

    ऐसी स्थितियां बिगड़ी लाइफस्टाइल के कारण होती हैं जैसे कम मात्रा में पानी पीना, नमक व शक्कर की अधिकता वाला भोजन करना (फास्ट या प्रोसेस्ड फूड), दर्दनाशक दवाओं का अधिक सेवन करना, मांस का अधिक सेवन करना, धूम्रपान या अल्कोहल लेना, अधिक सोडायुक्त ड्रिंक्स पीना, नींद में कमी और व्यायाम कम व आराम ज्यादा करना। 
     

  4. सवाल : कब बढ़ता है इस पर दबाव?

    जवाब: किडनी का सबसे महत्वपूर्ण काम है शरीर में पानी के स्तर को संतुलित करना। यह सोडियम, पोटैशियम  और कैल्शियम जैसे मिनिरल्स को भी कंट्रोल करती है। ये मिनिरल्स हमें भोजन से मिलते हैं और सेहत के लिए ज़रूरी भी हैं, लेकिन शरीर में इनकी मात्रा अधिक बढ़ने किडनी पर दबाव बनाने लगते हैं। दबाव लगातार बना रहे तो किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है, जिसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। किडनी यूरिया और क्रिएटिनिन का भी कंट्रोल करता है। यूरिया प्रोटीन के पचने पर शरीर में पैदा होता है। 

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